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सीएम स्टालिन को चुनावी डर, भाजपा की लहर पर तमिलिसाई सौंदराजन का बयान

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सीएम स्टालिन को चुनावी डर, भाजपा की लहर पर तमिलिसाई सौंदराजन का बयान

सारांश

तमिलिसाई सौंदराजन ने मायलापुर में भाजपा की स्थिति को मजबूत बताते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन पर आरोप लगाया कि वे महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत नहीं कर रहे हैं। जानें इस चुनावी परिदृश्य के बारे में और क्या हैं भाजपा की योजनाएं।

मुख्य बातें

भाजपा ने मायलापुर में मजबूत स्थिति बनाई है।
मुख्यमंत्री स्टालिन को चुनावी भय है।
महिला आरक्षण विधेयक पर बातचीत जारी है।
भाजपा ने वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं शुरू की हैं।
तमिलनाडु में चुनाव 2026 में होने हैं।

चेन्नई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मायलापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार तमिलिसाई सौंदराजन ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में महिला आरक्षण विधेयक और ईरान-अमेरिका युद्ध को स्थगित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, "भाजपा 27 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ेगी। मैं मायलापुर से चुनाव में भाग ले रही हूं। यहां भाजपा के प्रति एक मजबूत लहर मौजूद है। डीएमके विधायक वेलू के नेतृत्व में मायलापुर के लोगों के साथ बहुत अन्याय हुआ है।"

तमिलिसाई सौंदराजन ने आगे कहा, "भाजपा के उम्मीदवारों के नामांकन के समय भाजपा के सत्ताधारी राज्य के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह ब्लैकमेल है। मैं स्पष्ट रूप से कहती हूं कि यह ब्लैकमेल नहीं है।"

उन्होंने कहा, तमिलनाडु को कई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें दी गई हैं और दक्षिणी जिलों को जोड़ने के लिए वंदे भारत सेवाएं आरंभ की गई हैं। केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे से संबंधित कई योजनाएं पहले से लागू कर दी हैं।

मुख्यमंत्री स्टालिन महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत क्यों नहीं कर रहे हैं? चुनाव की घोषणा के बाद से वे भयभीत हैं। एनडीए सरकार ने तमिलनाडु को 11 लाख करोड़ रुपये दिए हैं, फिर भी वे इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

डीएमके सांसद सलमा का जिक्र करते हुए सौंदराजन ने कहा, “वह विभाजनकारी राजनीति की बात करती हैं। अगर उनकी पार्टी का कोई नेता ऐसा बोले तो भाजपा इसकी कड़ी निंदा करेगी। इस प्रकार की विभाजनकारी राजनीति के लिए डीएमके को हराना चाहिए। मुख्यमंत्री को हार का डर सता रहा है। अगर महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू होता है तो राजनीति में उनकी हिस्सेदारी बढ़ेगी। डीएमके समर्थन देने को तैयार क्यों नहीं है? मैं अपने चुनाव प्रचार में खुलासा करूंगी कि डीएमके विधायक ने मायलापुर के लोगों से कितना कुछ छीन लिया है।”

गौरतलब है कि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल 2026 को होगा और वोटों की गिनती और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भाजपा और डीएमके के बीच चुनावी टकराव गहरा होता जा रहा है। महिला आरक्षण विधेयक पर स्टालिन की चुप्पी और भाजपा की बढ़ती ताकत इसे और भी रोचक बनाती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य राजनीति में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है।
तमिलिसाई सौंदराजन कौन हैं?
तमिलिसाई सौंदराजन भाजपा की एक प्रमुख नेता हैं और मायलापुर से चुनाव लड़ रही हैं।
डीएमके और भाजपा के बीच क्या विवाद है?
डीएमके और भाजपा के बीच चुनावी मुद्दों और महिला आरक्षण पर विशेष रूप से विवाद चल रहा है।
इस चुनाव में कौन सी प्रमुख मुद्दे हैं?
महिला आरक्षण विधेयक, विकास योजनाएं और स्थानीय समस्याएं इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे हैं.
राष्ट्र प्रेस
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