राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जल परियोजनाओं पर केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल से की चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान में जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
- राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट का उद्देश्य जल हस्तांतरण को सुदृढ़ करना है।
- राज्य में जल संकट के समाधान के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग पर बल दिया गया।
- राज्य में अपराध दर में कमी आई है।
- ड्रग माफिया पर नकेल कसने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं।
जयपुर, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी राष्ट्रीय राजधानी यात्रा के दौरान गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में, दोनों नेताओं ने राजस्थान में जल से संबंधित प्रमुख पहलों और परियोजनाओं पर गहन चर्चा की।
चर्चा का मुख्य फोकस 'राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट' की स्थिति रहा, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न जलाशयों के बीच जल हस्तांतरण को सुदृढ़ करना और राज्य में जल की उपलब्धता में सुधार करना है। इसके साथ ही, उन्होंने 'जल जीवन मिशन' के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की, जिसका लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
बैठक में कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी घरों तक नल के पानी की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरिक्त, राज्य में जल संसाधनों के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें पानी बाँटने की क्षमता बढ़ाने, जल संरक्षण और मौजूदा संसाधनों का सतत उपयोग करने के उपाय शामिल थे, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां पानी की कमी है।
बैठक के दौरान, राज्य और केंद्र सरकार के बीच जल संकट के समाधान और इस क्षेत्र में चल रहे प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के लिए सहयोग पर जोर दिया गया।
कुछ कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद, मुख्यमंत्री दिल्ली के लिए रवाना हुए। उन्होंने जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित एक राज्य-स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
इस अवसर पर सीएम शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में अपराध दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा और संरक्षा के मुद्दों को बनाए रखा गया है, जिससे निवेशक यहाँ आत्मविश्वास के साथ आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध और नशे की लत वर्तमान में बड़ी चुनौतियाँ हैं। इनसे निपटने के लिए हमें आधुनिक तरीकों से सोचने की आवश्यकता है। समाज को इन बुराइयों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत काम कर रही है। ड्रग माफिया पर नकेल कसने के लिए 'एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स' का गठन किया गया है और पेपर लीक करने वाले माफिया को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। हमें राज्य में शांति और सुरक्षा के लिए मुस्तैद प्रहरियों पर गर्व है।