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एनडीए नेताओं ने कहा, देश की जनता पीएम मोदी के प्रति है भरोसेमंद

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एनडीए नेताओं ने कहा, देश की जनता पीएम मोदी के प्रति है भरोसेमंद

सारांश

महिला आरक्षण बिल पर संसद में भारी हंगामे के बीच एनडीए नेताओं ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री मोदी के स्पष्ट संबोधन पर विश्वास करती है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए नेताओं ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बात की है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना है।
एनडीए नेताओं ने मोदी के संबोधन को जनता का भरोसा बताया।
विपक्ष ने विरोध किया, लेकिन जनता का समर्थन मोदी के साथ है।
महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।
इस बिल का पास होना महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर की महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। वहीं, संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन गुरुवार को विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। एनडीए के नेताओं ने इस विरोध का जवाब देते हुए कहा कि जनता विपक्ष के आरोपों पर नहीं, बल्कि सदन में प्रधानमंत्री मोदी के स्पष्ट संबोधन पर विश्वास करती है।

महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्ष ने भ्रम फैलाने के लिए कई सवाल उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे को स्पष्ट किया और गृह मंत्री ने हर बात को विस्तार से समझाया। यदि विपक्ष फिर भी संदेह उठाता है, तो जनता प्रधानमंत्री के शब्दों पर भरोसा करती है।

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान कि महिलाओं को महज एक नारा बना दिया गया है, पूरी तरह गुमराह करने वाला है। हजारों वर्षों से महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक हाशिए पर रहीं और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी समस्या का समाधान किया है। गुलामी के दौर से लेकर दिल्ली सल्तनत, लोधी, तुगलक और मुगल काल तक महिलाओं ने डर और उत्पीड़न का सामना किया है।

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर लोजपा (राम विलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि मोदी ने बिल्कुल सही कहा है। हमने अक्सर देखा है कि विपक्षी सरकारों की नीयत साफ नहीं रही, इसी कारण यह बिल इतने वर्षों तक अटका रहा और पास नहीं हो पाया। महिलाओं को सशक्त बनाना और इस देश में महिलाओं का नेतृत्व स्थापित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि मुझे लगता है कि एक महिला के तौर पर यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने हमें यह खुशी दी। हम महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही थीं और आज जब यह सपना सच हुआ है, यह हमारी मेहनत का फल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी का स्पष्ट संबोधन जनता के लिए महत्वपूर्ण है। विपक्ष का विरोध और हंगामा इस विधेयक के महत्व को कम नहीं कर सकता। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करना सभी की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण प्रदान करना है, जिसमें 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
एनडीए नेताओं का इस बिल पर क्या कहना है?
एनडीए नेताओं का कहना है कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन पर भरोसा करती है, और विपक्ष के आरोपों को नहीं मानती।
विपक्ष ने क्या विरोध किया था?
विपक्ष ने संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर भारी हंगामा किया, जिसके जवाब में एनडीए नेताओं ने जनता के समर्थन का उल्लेख किया।
महिलाओं के अधिकारों के लिए यह बिल कितना महत्वपूर्ण है?
यह बिल महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में अधिक प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण प्रदान करेगा, जो कि आवश्यक है।
क्या यह बिल पास होगा?
इसका पास होना अब संसद में चर्चा और समर्थन पर निर्भर करेगा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन इसे मजबूत बना सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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