ग्राम पंचायत चुनावों की पुरानी रंजिश में 10 आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा
सारांश
Key Takeaways
- 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली।
- प्रत्येक पर 19,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- मामला ग्राम पंचायत चुनावों से जुड़ा हुआ था।
- स्थानीय समुदाय ने फैसले का स्वागत किया।
- जांच में पुलिस और सरकारी वकील ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रायचूर, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रायचूर जिले की एक अदालत ने ग्राम पंचायत चुनावों से जुड़ी पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की हत्या के मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, प्रत्येक आरोपी पर 19,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला जिले के लिंगसुगुर तालुका के गुडादनाल गांव का है। 15 फरवरी 2021 को रात करीब 10.30 बजे दोरदार हनमंतम्मा के निवास के सामने आरोपियों ने हमला किया। ग्राम पंचायत चुनावों के पीछे की पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपियों ने एक अवैध गिरोह का गठन किया और हनमंतम्मा और उनके बेटों शरणबसवा और अमरेशा पर लाठियों, कुल्हाड़ियों तथा पत्थरों से बेरहमी से हमला किया।
हमले में गंभीर रूप से घायल शरणबसवा को सबसे पहले लिंगसुगुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए बगलकोट के केरोडी अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
हनमंतम्मा की लिखित शिकायत के आधार पर लिंगसुगुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। तत्कालीन सीपीआई महंतेश सज्जन और रमेश कुलकर्णी ने मामले की जांच की और आरोप पत्र दाखिल किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, रायचूर की तीसरी अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत, लिंगसुगुर पीठ के न्यायाधीश बी.बी. जकाती ने 10 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 10 आरोपियों को हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 19,500 रुपये का जुर्माना लगाया।
सरकारी वकील मंजूनाथ बेरगी ने सरकार की तरफ से मजबूत दलीलें पेश कीं। पुलिस कांस्टेबल निंगैया और मंजूनाथ ने अदालत में गवाहों को पेश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।