असम राइफल्स ने 104 वर्षीय पूर्व सैनिक को सम्मानित कर दिखाई मानवीय दृष्टि
सारांश
Key Takeaways
- असम राइफल्स ने 104 वर्षीय पूर्व सैनिक को सम्मानित किया।
- सामूहिक संवेदनशीलता और सम्मान की भावना को दर्शाया।
- पूर्व सैनिक शत्री धन थापा का जीवन साहस और समर्पण का प्रतीक है।
- असम राइफल्स अपने पूर्व सैनिकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- यह पहल वर्तमान सैनिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इंफाल, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम राइफल्स ने अपने पूर्व सैनिकों के साथ मजबूती और संवेदनशीलता से जुड़ने की अपनी अद्वितीय परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरेह में अपने सबसे वरिष्ठ जीवित पूर्व सैनिकों में से एक से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया।
इस दौरान, वरिष्ठ अधिकारियों ने 4 असम राइफल्स के प्रतिष्ठित पूर्व सैनिक और मोरेह निवासी 104 वर्षीय सेवानिवृत्त राइफलमैन शत्री धन थापा से भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को मान्यता देना और उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी लेना था।
द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवी योद्धा राइफलमैन थापा का जीवन साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है, जो असम राइफल्स की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रूप में दर्शाता है। बातचीत के दौरान अधिकारियों ने असम राइफल्स परिवार की ओर से देश की सेवा में उनके अमूल्य योगदान और त्याग के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। यह मुलाकात आपसी सम्मान, गर्व और भावनात्मक जुड़ाव से भरपूर रही, जिसने यह एक बार फिर स्पष्ट किया कि यह बल अपने सैनिकों के प्रति जीवनभर प्रतिबद्ध रहता है।
इस अवसर पर देखभाल और सम्मान के प्रतीक के रूप में पूर्व सैनिक को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं भी भेंट की गईं। यह पहल असम राइफल्स के उस मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत वह अपने सैनिकों को सेवा काल के बाद भी निरंतर सहयोग प्रदान करता है। ऐसे महान और प्रेरणादायक व्यक्तित्व की उपस्थिति वर्तमान में सेवा दे रहे जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें अपने कर्तव्यों को उच्चतम मानकों के साथ निभाने के लिए प्रोत्साहित करती है। असम राइफल्स अपने पूर्व सैनिकों को अपनी समृद्ध विरासत की नींव मानते हुए उनके साथ मजबूत और स्थायी संबंध बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है।