ओडिशा: क्षेत्रीय शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों के लिए आंतरिक शिकायत समितियों के गठन पर सख्ती की

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ओडिशा: क्षेत्रीय शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों के लिए आंतरिक शिकायत समितियों के गठन पर सख्ती की

सारांश

ओडिशा में उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों को आंतरिक शिकायत समितियों (आईसीसी) का गठन करने का आदेश दिया है। यह कदम संस्थानों को दंडात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए उठाया गया है। जानें इसके पीछे की वजहें और समय सीमा।

Key Takeaways

  • ओडिशा में सभी कॉलेजों को आईसीसी का गठन करना अनिवार्य है।
  • सात दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
  • अनुपालन न करने पर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
  • कॉलेजों को सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
  • आईसीसी का उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना है।

भुवनेश्वर, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने रविवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय शिक्षा निदेशालय (आरडीई) ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त और पेशेवर कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से आंतरिक शिकायत समितियां (आईसीसी) का गठन करें ताकि किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

उच्च शिक्षण संस्थानों को सात दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने की भी सूचना दी गई है। यह कदम राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों की निरंतरता में उठाया गया है, जिसमें सभी शिक्षण संस्थानों को आईसीसी का गठन करने का निर्देश था।

आरडीई की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सरोज लक्ष्मी सिंह द्वारा 10 अप्रैल को जारी पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि संस्थानों को छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों और समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार आईसीसी का गठन करना होगा।

निदेशालय ने उन कॉलेजों को भी चेतावनी दी है, जिन्होंने पहले से समिति का गठन किया है, कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। यदि निर्देश का पालन नहीं किया गया, तो 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश में रोक लगाई जा सकती है या अन्य उचित कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि संस्थान इस पत्र का अनुपालन नहीं करते हैं, तो उन पर सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, या अन्य उपयुक्त कार्यवाही की जाएगी।

यह ध्यान देने योग्य है कि 2025 में उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपतियों और कॉलेज प्राचार्यों को भी निर्देश दिया था कि वे आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के मानदंडों का सख्ती से पालन करें।

उच्च शिक्षण संस्थानों को आईसीसी सदस्यों का विवरण प्रस्तुत करने, परिसर में प्रमुख स्थानों पर उनके नाम और संपर्क नंबर प्रदर्शित करने, और 'कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम' के प्रावधानों के तहत छात्रों और संकाय सदस्यों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए भी कहा गया था।

Point of View

बल्कि संस्थानों को भी जिम्मेदार बनाएगा। सभी कॉलेजों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन करना आवश्यक है, अन्यथा गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) क्या है?
आईसीसी एक ऐसा मंच है जहाँ छात्र और कर्मचारी अपनी शिकायतें और समस्याएं प्रस्तुत कर सकते हैं।
कॉलेजों को आईसीसी कब तक गठित करना है?
कॉलेजों को यह समिति सात दिनों के भीतर गठित करनी है।
अनुपालन न करने पर क्या होगा?
अनुपालन न करने पर 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
क्या पहले से गठित आईसीसी को भी दस्तावेज जमा करने होंगे?
हाँ, पहले से गठित आईसीसी को भी समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
इस आदेश का उद्देश क्या है?
इस आदेश का उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों का प्रभावी समाधान करना है।
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