आंध्र प्रदेश: 14 अप्रैल को अमरावती में क्वांटम कंप्यूटर टेस्ट बेड का उद्घाटन करेंगे सीएम चंद्रबाबू नायडू
सारांश
Key Takeaways
- क्वांटम कंप्यूटर टेस्ट बेड का उद्घाटन 14 अप्रैल को होगा।
- आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा जहां क्वांटम परीक्षण और प्रमाणन इकोसिस्टम होगा।
- ये सुविधाएं क्वांटम तकनीक में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देंगी।
- उद्घाटन समारोह में विशेषज्ञों और छात्रों की भागीदारी होगी।
- यह पहल भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाएगी।
अमरावती, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। १४ अप्रैल को 'विश्व क्वांटम दिवस' के उपलक्ष्य में आंध्र प्रदेश, देश की क्वांटम प्रौद्योगिकी क्रांति का प्रमुख केंद्र बनने के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एसआरएम यूनिवर्सिटी, अमरावती में और वर्चुअली गन्नवरम में मेधा टावर्स में दो अत्याधुनिक क्वांटम कंप्यूटर टेस्ट बेड का उद्घाटन करेंगे। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ये अत्याधुनिक क्वांटम रेफरेंस सुविधाएं आंध्र प्रदेश को देश का पहला राज्य बना देंगी, जहां एक समर्पित क्वांटम परीक्षण और प्रमाणन इकोसिस्टम मौजूद होगा।
स्वदेशी तकनीक से विकसित ये सुविधाएं क्वांटम कंप्यूटिंग हार्डवेयर के परीक्षण और प्रमाणन को संभव बनाएंगी, जिससे अमरावती में उन्नत तकनीकी क्षमताओं का एक नया युग शुरू होगा। इस पहल से तेजी से विकसित हो रहे क्वांटम क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहयोग को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मेधा टावर्स में क्यूबीटेक द्वारा स्थापित 1क्यू टेस्ट बेड और एसआरएम यूनिवर्सिटी अमरावती में सुपरकंडक्टिंग तकनीक का उपयोग करके विकसित 1एस टेस्ट बेड -273 डिग्री सेल्सियस के करीब बेहद कम तापमान पर कार्य करेंगे। ये मिनी क्वांटम सिस्टम क्वांटम घटकों और उपकरणों का गहन परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
एसआरएम यूनिवर्सिटी में ओपन-एक्सेस सुविधा विशेष रूप से उन शोधकर्ताओं, छात्रों, स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए फायदेमंद होगी जो क्वांटम तकनीकों पर कार्य कर रहे हैं। यह उन्हें प्रयोग और सत्यापन के लिए एक मंच प्रदान करेगी।
दोनों सुविधाएं पूरी तरह से घरेलू स्तर पर विकसित घटकों का उपयोग करके बनाई गई हैं, जो डीप-टेक इनोवेशन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को और मजबूत करती हैं। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) जैसे प्रमुख संस्थानों ने इस पहल के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की है।
उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के प्रतिनिधियों, आईआईटी प्रोफेसरों, प्रमुख वैज्ञानिकों, क्वांटम स्टार्टअप संस्थापकों, शोध विद्वानों और क्षेत्र के विशेषज्ञों की भागीदारी देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के १५०,००० से अधिक छात्रों के लिए इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होने की व्यवस्था की गई है।