आशा भोसले का निधन: एक युग का समापन, आमिर खान और ललित पंडित की भावनाएँ
सारांश
Key Takeaways
- आशा भोसले का निधन हिंदी संगीत की दुनिया के लिए एक बड़ी हानि है।
- आमिर खान और ललित पंडित ने उनकी अद्वितीय प्रतिभा की प्रशंसा की।
- उनके गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।
- आशा भोसले का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
- उनका सकारात्मक दृष्टिकोण और ऊर्जा प्रेरणा का स्रोत थी।
मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फिल्म उद्योग की एक प्रमुख गायिका और 'सुरों की मल्लिका' के नाम से जानी जाने वाली आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं।
आशा भोसले का पार्थिव शरीर सोमवार को दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, और शाम 4 बजे शिवाजी पार्क, द ग्राउंड में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गायिका के निधन की खबर पर अभिनेता और राजनेताओं ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। आमिर खान, अमीषा पटेल और संगीत निर्देशक ललित पंडित ने उनकी यादों को ताजा किया।
आमिर खान ने मीडिया से कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। यह एक बहुत ही दुखद क्षण है और एक महान हानि है। लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और आशा भोसले के जाने से ऐसा लगता है जैसे एक युग समाप्त हो गया है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं।"
अमीषा पटेल ने कहा कि उनके निधन से विश्व को बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि उनके प्रशंसक केवल भारत में नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं। उन्होंने कहा, "आशा जी के साथ मेरा संबंध बहुत खास था। उनके द्वारा गाए गए 'जानेमन-जानेमन' गाने ने मेरे करियर की शुरुआत की थी। यह मेरी मीठी यादों में बसा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि आशा 90 साल की उम्र में भी गा सकती थीं, क्योंकि उनमें अपार ऊर्जा थी। उनके चेहरे पर हमेशा एक सकारात्मक मुस्कान रहती थी।
वहीं, ललित पंडित ने कहा, "यह हम सभी के लिए दुःखद है कि हमने आशा जी को खो दिया है। हमें उनके द्वारा दिए गए गानों और योगदान का उत्सव मनाना चाहिए। उनके गीत हमेशा हमारे बीच रहेंगे।"
उन्होंने स्टूडियो में उनके साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा, "आशा जी हमेशा खुश रहने वाली महिला थीं। वे पहले गाने की रिहर्सल करती थीं और रिकॉर्डिंग के बाद हम सब मिलकर बातें करते थे। उनके साथ बिताया हर पल खुशियों से भरा होता था।"