शाइना एनसी ने ममता बनर्जी के कार्यकाल को तुष्टीकरण की राजनीति बताया
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी के 15 साल के कार्यकाल की आलोचना
- शिवसेना नेता ने तुष्टीकरण की राजनीति पर सवाल उठाए
- महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री का समर्थन
- बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की जीत की बात
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'टाटा-बाय बाय' कहने का समय आ गया है।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शाइना एनसी ने कहा कि ममता बनर्जी का जाना अब आवश्यक है। उन्होंने अपने 15 साल के कार्यकाल में केवल तुष्टीकरण की राजनीति की है। जनता ने उनके कुशासन को देखा है और अब मुख्यमंत्री को अपनी विदाई की तैयारी कर लेनी चाहिए।
तीन राज्यों के चुनावों पर शाइना एनसी ने कहा कि असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटें हैं। इन राज्यों के लोगों से हमारी अपील है कि वे बाहर निकलें और मतदान करें। विकास के लिए वोट डालें। असम में एनडीए को एक ऐतिहासिक जनादेश मिलने की उम्मीद है। हिमंता बिस्वा सरमा की लोकप्रियता बहुत अधिक है।
महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में शाइना एनसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी देरी के 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का समर्थन किया है। केंद्रीय कैबिनेट का यह निर्णय और संसद में होने वाली चर्चा में सभी राजनीतिक दलों को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए।
इंदौर में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख द्वारा 'वंदे मातरम' गाने से इनकार करने पर शाइना एनसी ने कहा कि 'वंदे मातरम' एक राष्ट्रीय गीत है, और अगर आप अपने देश से प्यार करते हैं, तो आपको इसे गाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर शाइना एनसी ने कहा कि मुझे खुशी है कि शशि थरूर और अन्य कांग्रेस नेताओं ने यह माना है कि भारत ने कूटनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रतिगामी राजनीति से बचें और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा दें। हम शशि थरूर के बयान का स्वागत करते हैं।
बारामती उपचुनाव के संदर्भ में शिवसेना नेता ने कहा कि सुनेत्रा पवार की ऐतिहासिक जीत स्वाभाविक है।