प्रधानमंत्री मोदी सिलीगुड़ी में आज करेंगे महत्वपूर्ण 'विजय संकल्प सभा' का संबोधन
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का सिलीगुड़ी में संबोधन चुनावी प्रचार का हिस्सा है।
- भाजपा का लक्ष्य क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना है।
- भाजपा 500 से अधिक रैलियों का आयोजन कर रही है।
- 15 अप्रैल से प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 1 बजे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक भव्य 'विजय संकल्प सभा' को संबोधित करेंगे। यह सभा इस महीने के अंत में होने वाले दो चरणों के विधानसभा चुनावों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राज्य में चुनावी प्रचार में तेजी आते ही पार्टी के समर्थकों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या उमड़ने की संभावना है। यह सभा भाजपा के व्यापक जन संर्पक अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बढ़ाना है।
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने एक ही दिन में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में तीन बड़े चुनावी रैलियों को संबोधित किया। इन कार्यक्रमों के बाद, उन्होंने शनिवार शाम को दार्जिलिंग
जब प्रधानमंत्री का काफिला सड़कों से गुजर रहा था, तब हजारों लोग सड़कों पर खड़े हो गए और उत्साहपूर्वक "मोदी-मोदी" और "जय श्री राम" के नारे लगाने लगे। समर्थकों की बड़ी भीड़ नेता की एक झलक पाने के लिए बेताब थी, जिससे माहौल में उत्साह भर गया।
शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी अपनी गाड़ी में ड्राइवर के पास बैठे हुए भीड़ का अभिवादन करते हुए दिखाई दिए। बाद में, उन्होंने गाड़ी की खिड़की से बाहर झुककर समर्थकों का अभिवादन किया और अपने हाथों में भाजपा के चुनाव चिह्न कमल का प्रतीक पकड़े हुए थे। प्रधानमंत्री का सीधा संवाद भीड़ में और भी जोश भर गया, जिससे नारे और अधिक ऊंचे और उत्साही हो गए।
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले मतदाताओं को संगठित करने के लिए 500 से अधिक रैलियों और जनसभाओं का आयोजन करते हुए एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। पार्टी अपने शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व के अलावा प्रमुख राज्य नेताओं को भी मैदान में उतार रही है, जिसे हाल के वर्षों में उसका सबसे आक्रामक चुनाव अभियान कहा जा रहा है।
रैलियों के अलावा, भाजपा ने 15 अप्रैल से पोइला बैसाख के अवसर पर हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने की योजना बनाई है। प्रत्येक दिन पार्टी अपने घोषणापत्र के खास पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसमें कल्याणकारी पहल, सांस्कृतिक पहचान और विकास एजेंडा, जैसे कृषि सुधार, महिला सशक्तीकरण, और अवसंरचना विकास शामिल होंगे।