क्या कांग्रेस पार्टी अपने ही संघर्ष में उलझी हुई है? प्रदीप भंडारी

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क्या कांग्रेस पार्टी अपने ही संघर्ष में उलझी हुई है? प्रदीप भंडारी

सारांश

क्या कांग्रेस पार्टी अपने ही संघर्ष में उलझी हुई है? यह प्रश्न भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उठाया। कर्नाटक की कुर्सी की लड़ाई, बिहार में टिकट मैनिपुलेशन के आरोप, और जम्मू-कश्मीर में प्रवक्ताओं की कमी जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर चर्चा की गई है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अपने ही संघर्ष में उलझी हुई है।
कर्नाटक में कुर्सी की लड़ाई चल रही है।
बिहार में टिकट मैनिपुलेशन के आरोप लगे हैं।
जम्मू-कश्मीर में प्रवक्ता की कमी है।
गांधी-वाड्रा परिवार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी अपने ही संघर्ष में पूरी तरह से उलझ चुकी है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एक-दूसरे के खिलाफ कुर्सी की लड़ाई में व्यस्त हैं, वहीं बिहार में कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के अभियान पर टिकट चोरी और मैनिपुलेशन के आरोप लगा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की स्थिति और भी गंभीर है, जहां कोई भी प्रवक्ता बनने को तैयार नहीं है।

भंडारी ने कहा कि यह सब दिखाता है कि कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता पार्टी की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं। कर्नाटक से लेकर बिहार और जम्मू-कश्मीर तक, कांग्रेस केवल अपने ही संघर्ष में उलझी है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आपसी कुर्सी के लिए लड़ाई कर रहे हैं। बिहार में, कांग्रेस के कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के अभियान पर टिकट चोरी और मैनिपुलेशन के आरोप लगा रहे हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर में, कांग्रेस पार्टी के लिए कोई भी प्रवक्ता बनने को तैयार नहीं है।

भंडारी ने कहा कि ये सभी तथ्य दर्शाते हैं कि आज कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के लिए कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता सक्रिय हैं। कार्यकर्ता मानते हैं कि गांधी-वाड्रा परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीतिक जमानत हमेशा जब्त होती रही है। यह स्पष्ट प्रमाण है कि कांग्रेस केवल अपनी ही लड़ाई में व्यस्त है। कई लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में लगे हैं, कुछ प्रवक्ता बनने की कोशिश कर रहे हैं, और कई टिकट चोरी की लड़ाई में व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस शासनकाल में, चाहे वह कर्नाटक हो या अन्य कोई राज्य, से त्रस्त रही है। आज कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं। यह साबित करता है कि जैसा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, कांग्रेस मुक्त भारत की दिशा में आज कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता सक्रिय हैं।

भंडारी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता कर्नाटक से लेकर जम्मू-कश्मीर और बिहार तक यह स्वीकार कर रहे हैं कि जब तक वे गांधी-वाड्रा परिवार मुक्त कांग्रेस नहीं बनाएंगे, उनका राजनीतिक जीवन अधूरा रहेगा। यह भी प्रमाण है कि आज कांग्रेस पार्टी एक पॉलिटिकल फ्रेंचाइजी बन चुकी है, जिसमें कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का गांधी-वाड्रा परिवार के नेतृत्व पर कोई विश्वास नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस पार्टी के भीतर कौन-कौन से मुद्दे हैं?
कांग्रेस के भीतर कुर्सी की लड़ाई, टिकट मैनिपुलेशन और प्रवक्ता की कमी जैसे मुद्दे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर अपने ही कार्यकर्ताओं के खिलाफ उठने वाले सवालों का आरोप लगाया।
क्या कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं?
हां, कांग्रेस के कार्यकर्ता गांधी-वाड्रा परिवार के नेतृत्व के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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