अहमदाबाद में 'कॉमनवेल्थ कनेक्ट फोरम' का भव्य आयोजन: खेलों और विकास की नई दिशा
सारांश
Key Takeaways
- अहमदाबाद का 'कॉमनवेल्थ कनेक्ट फोरम' खेलों और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
- प्रतिनिधियों ने 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स पर चर्चा की।
- अहमदाबाद की वैश्विक आयोजन क्षमता को मान्यता मिली है।
- शहर में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है।
- गुजरात का आर्थिक योगदान महत्वपूर्ण है।
अहमदाबाद, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 'कॉमनवेल्थ कनेक्ट फोरम' में राज्य सरकार, अहमदाबाद नगर निगम, यूनाइटेड किंगडम, और अंतरराष्ट्रीय खेल एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स, स्पोर्ट्स इकोनॉमी, और वैश्विक निवेश अवसरों पर गहन चर्चा की।
कार्यक्रम में अहमदाबाद की मेयर प्रतिभाबेन जैन ने अपने संबोधन में कहा कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर शहर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती प्रदान कर रहा है। यूनाइटेड किंगडम के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र के मेयर रिचर्ड पार्कर के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल का नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकार मंत्री अमित शाह, और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में अहमदाबाद खेल और आधुनिक बुनियादी ढांचे में निरंतर विकास कर रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी की दूरदर्शी पहलों के कारण इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लगातार मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। नवंबर 2025 में ग्लासगो में होने वाली जनरल असेंबली के बाद 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद का चयन शहर के लिए गर्व की बात है।
मेयर ने यह भी बताया कि विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के फाइनल ने शहर की वैश्विक आयोजन क्षमता को साबित किया है। मोटेरासरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव और वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं। इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो, सशक्त रेल नेटवर्क और उन्नत हवाई अड्डा सुविधाएं शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए तैयार कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं हैं, बल्कि यह 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना से पूरी दुनिया को जोड़ने वाला एक मंच है।
इस फोरम का आयोजन अहमदाबाद नगर निगम और इंडिया ग्लोबल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें म्युनिसिपल कमिश्नर बंच्छानिधि पाणी ने 'अतिथि देवो भव' परंपरा से अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल से जुड़ा अहमदाबाद ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास का अद्वितीय संगम है।
उन्होंने बताया कि विश्व धरोहर शहर के रूप में पहचान रखने वाला अहमदाबाद स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ है और महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह सुरक्षित शहरों में शामिल है। शहर का 84 प्रतिशत बजट जलवायु-लचीली पहलों के लिए आवंटित है और 1925 से शुरू हुई टाउन प्लानिंग प्रणाली के कारण 100 प्रतिशत क्षेत्र नियोजित विकास के अंतर्गत है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 को उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणा और आर्थिक अवसरों का मंच बताया। स्मार्ट मोबिलिटी, टिकाऊ इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टेडियम तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, और लिगेसी प्लानिंग जैसे क्षेत्रों में यूके-भारत सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
वेस्ट मिडलैंड्स के मेयर रिचर्ड पार्कर ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 को क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन खेल से कहीं अधिक व्यापक था। इससे यूके की अर्थव्यवस्था को 1.2 बिलियन पाउंड से अधिक का लाभ हुआ, 22,000 से अधिक रोजगार सृजित हुए और 1.5 मिलियन से अधिक टिकट बिके।
उन्होंने यह भी कहा कि असली विरासत समुदाय स्वयंसेवकों, युवा खिलाड़ियों और क्षेत्रीय आत्मविश्वास में दिखाई देती है। अहमदाबाद की तैयारियों पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 2030 गेम्स कॉमनवेल्थ के 100 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक अवसर होंगे।
इंडिया ग्लोबल फोरम के चेयरमैन और सीईओ मनोज लाडवा ने कहा कि गुजरात केवल भविष्य की तैयारी नहीं कर रहा है, बल्कि 'भविष्य का पुनर्निर्माण' कर रहा है। उन्होंने गुजरात के आर्थिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य भारत के जीडीपी में लगभग 8 प्रतिशत और निर्यात में 20 प्रतिशत योगदान देता है।
'बर्मिंघम 2022 से अहमदाबाद 2030 तक' सत्र में मेयर रिचर्ड पार्कर, गगन नारंग, नील रामी और नीलाचल मिश्रा ने खेलों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की।
'अंतर्राष्ट्रीय खेल कूटनीति और सॉफ्ट पावर' सत्र में बंच्छानिधि पाणी सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने खेल को वैश्विक सहयोग का प्रभावी माध्यम बताया।
इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी पुनर्विकास, स्पोर्ट्स इकोनॉमी और वित्तपोषण से जुड़े विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने हरित ऊर्जा, स्टेडियम विकास, निजी निवेश और दीर्घकालिक विरासत निर्माण पर विचार साझा किए।
समापन अवसर पर बंच्छानिधि पाणी और रिचर्ड पार्कर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भारत–यूके साझेदारी को और सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया।