26 अक्टूबर 2026
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खड़गे के विवादित बयान पर कर्नाटक BJP का पलटवार, बोले — '6 करोड़ कर्नाटकवासी शर्मिंदा'

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खड़गे के विवादित बयान पर कर्नाटक BJP का पलटवार, बोले — '6 करोड़ कर्नाटकवासी शर्मिंदा'

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान की आग उनके अपने गृह राज्य कर्नाटक तक पहुँची। BJP के नारायणस्वामी और सिरोया ने कहा कि इस भाषा से 6 करोड़ कर्नाटकवासी शर्मिंदा हैं — और यह आलोचना दूर से नहीं, खड़गे की अपनी धरती से उठी है।

मुख्य बातें

कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भाषा को 'अभद्र और अपमानजनक' करार दिया।
राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा कि खड़गे के बयान से कर्नाटक के 6 करोड़ लोग दुखी और शर्मिंदा हैं।
पटना में खड़गे के खिलाफ इस बयान के संदर्भ में मामला दर्ज किया गया है; कांग्रेस उनका बचाव कर रही है।
सिरोया ने कर्नाटक में कांग्रेस को मिले 136 सीटों के जनादेश का हवाला देते हुए सरकार की आंतरिक कलह पर चिंता जताई।
कर्नाटक BJP ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध दिए गए विवादित बयान पर कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 26 अक्टूबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी। कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी और राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने खड़गे की भाषा को अपमानजनक करार देते हुए कहा कि इससे राज्य के 6 करोड़ लोगों का सिर शर्म से झुका है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही अंदरूनी कलह और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है।

नारायणस्वामी की कड़ी निंदा

कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा, 'मैं वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा की निंदा करता हूँ। वे सर्वोच्च पद पर हैं — अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष हैं — लेकिन कर्नाटक की सीमा पार करने के बाद मुझे नहीं पता कि वे ऐसी भाषा क्यों बोल रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पटना में खड़गे के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है, जबकि कांग्रेस पार्टी उनका बचाव कर रही है।

नारायणस्वामी ने आलोचना और अभद्रता के बीच स्पष्ट रेखा खींचते हुए कहा, 'आलोचना अलग बात है और गाली देना अलग। किसी व्यक्ति को उसकी माँ या पिता के नाम पर गाली देना राजनीतिक नेताओं के लिए कतई उचित नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की जो 'मोहब्बत की दुकान' की छवि थी, वह अब धूमिल हो चुकी है।

सिरोया बोले — 'कर्नाटक के नेताओं से थी उम्मीद'

राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा, 'जब वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, तो मुझे लगा था कि एस. निजलिंगप्पा, के. हनुमंतैया, एचडी देवेगौड़ा और एसएम कृष्णा की तरह वे भी राष्ट्रीय राजनीति में कर्नाटक का नाम रोशन करेंगे, लेकिन इसके उलट हो रहा है।' सिरोया ने आरोप लगाया कि कुछ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को प्रसन्न करने के लिए ऐसी भाषा का सहारा ले रहे हैं, जिससे अंततः कांग्रेस को ही नुकसान होगा।

उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की आंतरिक स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को 136 सीटें देकर भारी जनादेश दिया था, लेकिन अंदरूनी लड़ाइयों, स्टिंग ऑपरेशन और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम जनता की उम्मीदों को झटका दिया है।

प्रियांक खड़गे पर भी सवाल

सिरोया ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि उनके पुत्र और हमारे गृह मंत्री प्रियांक खड़गे अपने पिता से भी अधिक तीखी भाषा का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। क्या पिता और बेटे के बीच कोई प्रतिस्पर्धा चल रही है?' यह टिप्पणी खड़गे परिवार की राजनीतिक शैली पर BJP की बढ़ती आक्रामकता को दर्शाती है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध की गई तीखी टिप्पणियाँ पहले भी विवादों का विषय रही हैं। BJP हर बार ऐसे बयानों को कांग्रेस की 'मर्यादाहीन राजनीति' के प्रमाण के रूप में पेश करती है। इस बार, खड़गे के गृह राज्य कर्नाटक के ही BJP नेताओं का सामने आना इस विवाद को अलग आयाम देता है — क्योंकि आलोचना दूर से नहीं, बल्कि खड़गे के अपने राज्य से उठी है।

सिरोया ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा, 'सोनिया गांधी और राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि जिसे सबसे ज़्यादा गालियाँ मिलती हैं, उसे अक्सर ज़्यादा वोट भी मिल जाते हैं।' उनके अनुसार, राजनीति का यह गिरता स्तर 'बेहद दुखद' है।

आगे क्या होगा

कर्नाटक BJP ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। पटना में दर्ज मामले की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह विवाद आगामी चुनावी मौसम में कर्नाटक की राजनीति को और अधिक गर्म कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बेंगलुरु से भी लग रहे हैं। दूसरी ओर, BJP का यह आक्रोश तब और राजनीतिक रंग पाता है जब पार्टी स्वयं भी तीखी भाषा के इतिहास से मुक्त नहीं है — कांग्रेस ने यही दलील दी भी है। असली सवाल यह है कि क्या लगातार गिरता राजनीतिक विमर्श किसी एक दल की विफलता है, या पूरी व्यवस्था की — और इसका जवाब कर्नाटक की जनता को अगले चुनाव में देना होगा।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे का विवादित बयान क्या था?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक बयान दिया जिसे BJP नेताओं ने अभद्र और अपमानजनक करार दिया। बयान के सटीक शब्दों को स्रोत में उद्धृत नहीं किया गया है, लेकिन कर्नाटक BJP के नेताओं के अनुसार इसमें व्यक्तिगत स्तर पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था।
कर्नाटक BJP ने खड़गे के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह आलोचना नहीं, बल्कि गाली-गलौज है। राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा कि इससे कर्नाटक के 6 करोड़ लोग शर्मिंदा हैं और पार्टी ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
पटना में खड़गे के खिलाफ मामला क्यों दर्ज हुआ?
खड़गे के विवादित बयान के बाद पटना में उनके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज किया गया। BJP नेताओं ने इसका उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर खड़गे का बचाव करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस का तर्क है कि BJP नेताओं का भी ऐसी टिप्पणियाँ करने का इतिहास रहा है।
सिरोया ने कर्नाटक सरकार पर क्या टिप्पणी की?
राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस को 136 सीटें दीं, लेकिन अंदरूनी लड़ाइयों, स्टिंग ऑपरेशन और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम जनता की उम्मीदों को झटका दिया है। उन्होंने पार्टी से बेहतर शासन पर ध्यान देने का आग्रह किया।
क्या कांग्रेस की 'मोहब्बत की दुकान' छवि प्रभावित हुई है?
BJP नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी के अनुसार, राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' की छवि इस विवाद के बाद धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा कांग्रेस की उस छवि से मेल नहीं खाती जो पार्टी प्रस्तुत करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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