खड़गे के विवादित बयान पर कर्नाटक BJP का पलटवार, बोले — '6 करोड़ कर्नाटकवासी शर्मिंदा'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध दिए गए विवादित बयान पर कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 26 अक्टूबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी। कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी और राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने खड़गे की भाषा को अपमानजनक करार देते हुए कहा कि इससे राज्य के 6 करोड़ लोगों का सिर शर्म से झुका है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही अंदरूनी कलह और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है।
नारायणस्वामी की कड़ी निंदा
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा, 'मैं वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा की निंदा करता हूँ। वे सर्वोच्च पद पर हैं — अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष हैं — लेकिन कर्नाटक की सीमा पार करने के बाद मुझे नहीं पता कि वे ऐसी भाषा क्यों बोल रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पटना में खड़गे के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है, जबकि कांग्रेस पार्टी उनका बचाव कर रही है।
नारायणस्वामी ने आलोचना और अभद्रता के बीच स्पष्ट रेखा खींचते हुए कहा, 'आलोचना अलग बात है और गाली देना अलग। किसी व्यक्ति को उसकी माँ या पिता के नाम पर गाली देना राजनीतिक नेताओं के लिए कतई उचित नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की जो 'मोहब्बत की दुकान' की छवि थी, वह अब धूमिल हो चुकी है।
सिरोया बोले — 'कर्नाटक के नेताओं से थी उम्मीद'
राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा, 'जब वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, तो मुझे लगा था कि एस. निजलिंगप्पा, के. हनुमंतैया, एचडी देवेगौड़ा और एसएम कृष्णा की तरह वे भी राष्ट्रीय राजनीति में कर्नाटक का नाम रोशन करेंगे, लेकिन इसके उलट हो रहा है।' सिरोया ने आरोप लगाया कि कुछ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को प्रसन्न करने के लिए ऐसी भाषा का सहारा ले रहे हैं, जिससे अंततः कांग्रेस को ही नुकसान होगा।
उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की आंतरिक स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को 136 सीटें देकर भारी जनादेश दिया था, लेकिन अंदरूनी लड़ाइयों, स्टिंग ऑपरेशन और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम जनता की उम्मीदों को झटका दिया है।
प्रियांक खड़गे पर भी सवाल
सिरोया ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि उनके पुत्र और हमारे गृह मंत्री प्रियांक खड़गे अपने पिता से भी अधिक तीखी भाषा का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। क्या पिता और बेटे के बीच कोई प्रतिस्पर्धा चल रही है?' यह टिप्पणी खड़गे परिवार की राजनीतिक शैली पर BJP की बढ़ती आक्रामकता को दर्शाती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध की गई तीखी टिप्पणियाँ पहले भी विवादों का विषय रही हैं। BJP हर बार ऐसे बयानों को कांग्रेस की 'मर्यादाहीन राजनीति' के प्रमाण के रूप में पेश करती है। इस बार, खड़गे के गृह राज्य कर्नाटक के ही BJP नेताओं का सामने आना इस विवाद को अलग आयाम देता है — क्योंकि आलोचना दूर से नहीं, बल्कि खड़गे के अपने राज्य से उठी है।
सिरोया ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा, 'सोनिया गांधी और राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि जिसे सबसे ज़्यादा गालियाँ मिलती हैं, उसे अक्सर ज़्यादा वोट भी मिल जाते हैं।' उनके अनुसार, राजनीति का यह गिरता स्तर 'बेहद दुखद' है।
आगे क्या होगा
कर्नाटक BJP ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। पटना में दर्ज मामले की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह विवाद आगामी चुनावी मौसम में कर्नाटक की राजनीति को और अधिक गर्म कर सकता है।