26 अक्टूबर 2026
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प्रियंका चतुर्वेदी का खड़गे विवाद पर बयान: 'राजनीति में भाषा का स्तर गिर रहा है, परिवार को न घसीटें'

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प्रियंका चतुर्वेदी का खड़गे विवाद पर बयान: 'राजनीति में भाषा का स्तर गिर रहा है, परिवार को न घसीटें'

सारांश

खड़गे के बयान पर विपक्षी गठबंधन के भीतर से ही आलोचना — शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने सभी दलों को आईना दिखाया। परिवार को राजनीति में न घसीटने की नसीहत, जामिया में नेताओं की दखलंदाज़ी पर भी सवाल, और पाकिस्तान पर कड़ा रुख — एक बयान में कई मोर्चे।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने 26 अक्टूबर 2026 को खड़गे के विवादित बयान पर कहा कि सभी दलों में राजनीतिक भाषा का स्तर गिर रहा है।
उन्होंने खड़गे के बयान को महंगाई, भ्रष्टाचार और वोट चोरी जैसे असली मुद्दों से 'ध्यान भटकाने वाला' बताया।
माता-पिता, बहन-बेटी या बच्चों को राजनीति में खींचने को उन्होंने 'सरासर गलत' करार दिया।
दिग्विजय सिंह के बयान पर कहा — BJP हिंदुत्व को हथियार बनाकर ध्रुवीकरण कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
जामिया आंदोलन में इमरान प्रतापगढ़ी सहित कांग्रेस सांसदों की भागीदारी पर उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि छात्र मुद्दों में राजनेताओं की दखलंदाज़ी उचित नहीं।
पाकिस्तान पर स्पष्ट रुख: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का योगदान केवल कश्मीर और दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने का रहा है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हालिया टिप्पणी से उपजे सियासी विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी राजनीतिक दलों में भाषा का स्तर लगातार गिर रहा है और परिवार के सदस्यों को राजनीति में खींचना सरासर गलत है।

खड़गे बयान को 'ध्यान भटकाने वाला' बताया

चतुर्वेदी ने खड़गे के बयान को देश के असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश करार दिया। उनके अनुसार, 'राजनीति में सभी की भाषा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आज देश के ज्वलंत मुद्दे महंगाई, भ्रष्टाचार और वोट चोरी हैं। देश के युवाओं की बहुत सारी दिक्कतें हैं, जिन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। यह फिर से ध्यान भटकाने वाला मुद्दा है।'

उन्होंने यह भी कहा कि वे उम्मीद करती हैं कि सभी दल संयमित भाषा अपनाएँ और माता-पिता, बहन-बेटी या बच्चों को — जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं — किसी भी स्थिति में राजनीतिक विवाद में घसीटना अनुचित है।

दिग्विजय सिंह और हिंदू-हिंदुत्व विमर्श

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर चतुर्वेदी ने कहा कि उनका नर्मदा यात्रा और सनातन धर्म के प्रति काम करने का इतिहास रहा है, हालाँकि उन्होंने कई विवादित बयान भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व में स्पष्ट अंतर है। उनके शब्दों में, 'हिंदुत्व, सनातन परंपरा का ही एक हिस्सा है, लेकिन जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी (BJP) उसे हथियार बनाकर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।'

पाकिस्तान और कश्मीर पर स्पष्ट रुख

चतुर्वेदी ने पाकिस्तान पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि उसने कश्मीर को बचाने में कोई योगदान नहीं दिया, बल्कि वहाँ केवल आतंकवाद फैलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कश्मीर को एक ऐसी 'संपत्ति' की तरह देखा है जिस पर कब्जा किया जाए। उनके अनुसार, 'हमारे देश में जो आतंकवाद फैला, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान जिम्मेदार रहा है — और यही भूमिका उसकी पूरी दुनिया में भी रही है।'

जामिया विवाद पर राजनेताओं की भागीदारी पर सवाल

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में जारी छात्र आंदोलन में कांग्रेस सांसदों की मौजूदगी — जिनमें इमरान प्रतापगढ़ी और अन्य नेता शामिल हैं — तथा उन पर दर्ज एफआईआर का जिक्र करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रों के मुद्दों में राजनेताओं का दखल समझ से परे है। उनके शब्दों में, 'यदि छात्र संघ बनना है या नहीं, यह वहाँ का प्रबंधन और छात्र तय करेंगे — उसमें किसी भी प्रकार की राजनीति उचित नहीं है।'

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन के भीतर बयानबाज़ी को लेकर आंतरिक तनाव सतह पर आ रहे हैं। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) INDIA गठबंधन की सदस्य है, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है — ऐसे में यह आलोचना गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाती है। आगे देखना होगा कि खड़गे पक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह विवाद गठबंधन के स्तर पर सुलझाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

महंगाई और युवाओं की समस्याओं का हवाला देकर उन्होंने व्यावहारिक मुद्दों पर लौटने की नसीहत दी — जो सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए चुनावी दृष्टि से अधिक प्रासंगिक है। जामिया में सांसदों की भागीदारी पर उनकी टिप्पणी इस बात का संकेत है कि विपक्ष के एक हिस्से में 'प्रतीकात्मक राजनीति' को लेकर थकान बढ़ रही है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी ने खड़गे के बयान पर क्या कहा?
उन्होंने खड़गे के बयान को देश के असली मुद्दों — महंगाई, भ्रष्टाचार और वोट चोरी — से 'ध्यान भटकाने वाला' बताया। साथ ही कहा कि परिवार के सदस्यों को राजनीति में खींचना, जिनका राजनीति से कोई संबंध नहीं, सरासर गलत है।
प्रियंका चतुर्वेदी किस पार्टी की नेता हैं?
प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) — जिसे शिवसेना (यूबीटी) भी कहा जाता है — की नेता हैं। उनकी पार्टी INDIA गठबंधन की सदस्य है, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है।
दिग्विजय सिंह के बयान पर उनका क्या रुख रहा?
उन्होंने स्वीकार किया कि दिग्विजय सिंह का सनातन धर्म के साथ काम करने का इतिहास रहा है, लेकिन उनके कई विवादित बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि BJP जिस तरह हिंदुत्व को ध्रुवीकरण के हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
जामिया मिलिया विवाद में उन्होंने कांग्रेस सांसदों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी सहित कांग्रेस सांसदों का जामिया छात्र आंदोलन में शामिल होना और उन पर एफआईआर दर्ज होना समझ से परे है। उनके अनुसार छात्र संघ और उनके मुद्दे छात्रों और प्रबंधन के बीच का मामला है, उसमें राजनेताओं की दखलंदाज़ी उचित नहीं।
पाकिस्तान और कश्मीर पर चतुर्वेदी का क्या कहना था?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर को बचाने में कोई योगदान नहीं दिया, बल्कि वहाँ आतंकवाद फैलाया। उनके अनुसार पाकिस्तान का एकमात्र योगदान भारत समेत पूरी दुनिया में आतंकवाद को पनाह देना और उसे बढ़ावा देना रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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