दीप्ति शर्मा का 9 साल बाद वनडे शतक: 86 गेंदों में नाबाद 106, भारत ने जिम्बाब्वे को 121 रनों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 26 अक्टूबर 2026 को वडोदरा के बीसीए क्रिकेट स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे महिला वनडे में 86 गेंदों में नाबाद 106 रन की शानदार पारी खेली, जिससे भारत ने 121 रनों की बड़ी जीत दर्ज की। यह उनका वनडे करियर का दूसरा शतक था, और पहले शतक के बाद इस उपलब्धि तक पहुँचने में उन्हें 9 साल 5 महीने यानी 3,450 दिन का इंतज़ार करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
दीप्ति शर्मा ने अपना पहला वनडे शतक मई 2017 में लगाया था। इस दूसरे शतक के साथ उन्होंने साबित किया कि धैर्य और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। पारी के दौरान उन्होंने 15 चौके लगाए और पूरे समय टीम की ज़रूरत को व्यक्तिगत उपलब्धि से ऊपर रखा।
गौरतलब है कि यह दीप्ति के करियर की सबसे परिपक्व पारियों में से एक रही, क्योंकि टीम के मुश्किल हालात में उन्होंने जिम्मेदारी उठाई और मैच को भारत की पकड़ में ले आईं।
हरमनप्रीत के साथ 153 रनों की साझेदारी
दीप्ति को पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का महत्वपूर्ण साथ मिला। दोनों ने पाँचवें विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी की, जिसने भारत की पारी को सँभाला और एक बड़ा लक्ष्य खड़ा करने में मदद की। यह साझेदारी पारी की रीढ़ साबित हुई।
दीप्ति शर्मा की प्रतिक्रिया
शतक के बाद दीप्ति शर्मा ने कहा, 'मैंने बहुत कोशिश की लेकिन यहाँ तक पहुँचने में काफी समय लग गया। हालाँकि, मुझे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था कि देर-सवेर मैं (एक और शतक) तक ज़रूर पहुँच पाऊँगी।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका ध्यान व्यक्तिगत मील के पत्थर पर नहीं, बल्कि टीम की ज़रूरत पर था। दीप्ति ने कहा, 'मेरे दिमाग में यह था कि उस स्थिति में हम कैसे एक साझेदारी बना सकते हैं। जाहिर है कि 100 रन बनाना खास होता है। इतने लंबे समय बाद इस मुकाम तक पहुँचकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मैं वडोदरा के मैदान पर यह उपलब्धि हासिल कर सकी।'
जिम्बाब्वे की पारी और भारत की गेंदबाज़ी
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने शुरुआत अच्छी की, लेकिन बीच के ओवरों में उनकी पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम 207 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दीप्ति ने अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाज़ी से 3 विकेट भी हासिल किए, जो उनके ऑलराउंड प्रदर्शन की मिसाल है।
दीप्ति ने विपक्षी टीम की सराहना करते हुए कहा, 'उन्होंने पहले वनडे में भी अच्छा खेला। उनकी टीम में अच्छी बल्लेबाज़ भी हैं। हम यह नहीं कह सकते कि वह कोई कमज़ोर टीम हैं। हमें पता था कि हमारी गेंदबाज़ी इकाई के दम पर हम उन्हें आउट कर सकते हैं।'
आगे क्या
इस जीत के साथ भारत ने सीरीज़ में अपनी स्थिति और मज़बूत कर ली है। दीप्ति शर्मा का यह प्रदर्शन उन्हें आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भारत की बल्लेबाज़ी के अहम स्तंभ के रूप में स्थापित करता है।