हरमनप्रीत कौर का वडोदरा में शतक, दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के साथ पाँचवें विकेट की रिकॉर्ड 153 रन की साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
हरमनप्रीत कौर ने 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतकीय पारी खेलते हुए अपना अंतरराष्ट्रीय करियर फिर से रफ्तार में लाया। उन्होंने प्रतिका रावल (61) के साथ तीसरे विकेट के लिए 124 रन और दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के साथ पाँचवें विकेट के लिए 137 गेंदों में 153 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत को 6 विकेट पर 328 रन के विशाल योग तक पहुँचाया।
मुश्किल परिस्थितियों में रची पारी
हरमनप्रीत ने पारी के बाद स्वीकार किया कि हालात आसान नहीं थे। उन्होंने कहा, 'हालात आसान नहीं थे। आजकल हम ज्यादातर रात के मैच खेलते हैं। लंबे समय बाद धूप में खेलना, बल्लेबाजी के लिए मुश्किल स्थिति थी।' गौरतलब है कि यह उनका करीब 15 महीनों बाद पहला अंतरराष्ट्रीय शतक था, जो इस पारी को और भी विशेष बनाता है।
पिच की बात करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी, जिससे टाइमिंग बिठाना कठिन था। उन्होंने कहा, 'यह कोई आसान विकेट नहीं था। शुरुआत में गेंद थोड़ी रुक कर आ रही थी। हमारी सोच बस यही थी कि बल्लेबाजी करते रहें और अपना पोस्चर सही बनाए रखें।'
दीप्ति शर्मा का 'जादू'
पाँचवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी इस पारी की धुरी रही। ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा आसानी से बाउंड्री लगाती रहीं, जबकि हरमनप्रीत ने खुद को पीछे रखकर स्ट्राइक रोटेट की। हरमनप्रीत ने कहा, 'दो विकेट गिरने के बाद, प्रतिका और मेरी बहुत अच्छी साझेदारी हुई और फिर दीप्ति ने पिच पर अपना जादू दिखाया।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'जब कोई खिलाड़ी क्रीज पर आता है और लगातार बाउंड्री लगाता है, तो आपका काम सिंगल लेकर उसे स्ट्राइक देते रहना होता है। यह देखकर अच्छा लगा कि वह जिम्मेदारी ले रही थीं।'
तीन जीवनदान, फिर भी टिकी रहीं
इस पारी के दौरान हरमनप्रीत को तीन बार जीवनदान मिला। बावजूद इसके उन्होंने संयम नहीं खोया और अंत तक डटी रहीं। यह ऐसे समय में आया है जब हरमनप्रीत के बल्ले से बड़ी पारी का इंतजार लंबे समय से था और आलोचकों के सवाल उनके फॉर्म को लेकर उठ रहे थे।
खेल का आनंद, यही है लक्ष्य
हरमनप्रीत ने साफ किया कि उनका नजरिया सरल है — मैदान पर खेल का लुत्फ उठाना। उन्होंने कहा, 'मैं बस मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना चाहती हूं। सबसे जरूरी बात यह है कि मैं बल्लेबाजी करती रहूं और खेल का लुत्फ उठाती रहूं। अच्छी बात यह है कि मैं गेंद को अच्छे से हिट कर पा रही हूं।' भारत का यह शानदार स्कोर आने वाले मुकाबलों में टीम का आत्मविश्वास और बढ़ाएगा।