25 अक्टूबर 2026
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हरमनप्रीत कौर का वडोदरा में शतक, दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के साथ पाँचवें विकेट की रिकॉर्ड 153 रन की साझेदारी

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हरमनप्रीत कौर का वडोदरा में शतक, दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के साथ पाँचवें विकेट की रिकॉर्ड 153 रन की साझेदारी

सारांश

15 महीनों के इंतजार के बाद हरमनप्रीत कौर का बल्ला गरजा — और साथ में दीप्ति शर्मा ने नाबाद 106 रन की तूफानी पारी से पाँचवें विकेट की रिकॉर्ड 153 रन की साझेदारी रची। वडोदरा में भारत का 328/6 का स्कोर बताता है कि टीम का मध्यक्रम अब नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।

मुख्य बातें

हरमनप्रीत कौर ने 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ करीब 15 महीनों बाद अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा।
दीप्ति शर्मा ने नाबाद 106 रन बनाए; दोनों के बीच पाँचवें विकेट के लिए 137 गेंदों में 153 रन की रिकॉर्ड साझेदारी।
प्रतिका रावल (61) के साथ तीसरे विकेट के लिए 124 रन की अहम साझेदारी।
भारत ने पूरे 50 ओवरों में 6 विकेट पर 328 रन का विशाल स्कोर बनाया।
हरमनप्रीत को पारी में तीन बार जीवनदान मिला, फिर भी उन्होंने अंत तक संयम बनाए रखा।

हरमनप्रीत कौर ने 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतकीय पारी खेलते हुए अपना अंतरराष्ट्रीय करियर फिर से रफ्तार में लाया। उन्होंने प्रतिका रावल (61) के साथ तीसरे विकेट के लिए 124 रन और दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के साथ पाँचवें विकेट के लिए 137 गेंदों में 153 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत को 6 विकेट पर 328 रन के विशाल योग तक पहुँचाया।

मुश्किल परिस्थितियों में रची पारी

हरमनप्रीत ने पारी के बाद स्वीकार किया कि हालात आसान नहीं थे। उन्होंने कहा, 'हालात आसान नहीं थे। आजकल हम ज्यादातर रात के मैच खेलते हैं। लंबे समय बाद धूप में खेलना, बल्लेबाजी के लिए मुश्किल स्थिति थी।' गौरतलब है कि यह उनका करीब 15 महीनों बाद पहला अंतरराष्ट्रीय शतक था, जो इस पारी को और भी विशेष बनाता है।

पिच की बात करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी, जिससे टाइमिंग बिठाना कठिन था। उन्होंने कहा, 'यह कोई आसान विकेट नहीं था। शुरुआत में गेंद थोड़ी रुक कर आ रही थी। हमारी सोच बस यही थी कि बल्लेबाजी करते रहें और अपना पोस्चर सही बनाए रखें।'

दीप्ति शर्मा का 'जादू'

पाँचवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी इस पारी की धुरी रही। ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा आसानी से बाउंड्री लगाती रहीं, जबकि हरमनप्रीत ने खुद को पीछे रखकर स्ट्राइक रोटेट की। हरमनप्रीत ने कहा, 'दो विकेट गिरने के बाद, प्रतिका और मेरी बहुत अच्छी साझेदारी हुई और फिर दीप्ति ने पिच पर अपना जादू दिखाया।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'जब कोई खिलाड़ी क्रीज पर आता है और लगातार बाउंड्री लगाता है, तो आपका काम सिंगल लेकर उसे स्ट्राइक देते रहना होता है। यह देखकर अच्छा लगा कि वह जिम्मेदारी ले रही थीं।'

तीन जीवनदान, फिर भी टिकी रहीं

इस पारी के दौरान हरमनप्रीत को तीन बार जीवनदान मिला। बावजूद इसके उन्होंने संयम नहीं खोया और अंत तक डटी रहीं। यह ऐसे समय में आया है जब हरमनप्रीत के बल्ले से बड़ी पारी का इंतजार लंबे समय से था और आलोचकों के सवाल उनके फॉर्म को लेकर उठ रहे थे।

खेल का आनंद, यही है लक्ष्य

हरमनप्रीत ने साफ किया कि उनका नजरिया सरल है — मैदान पर खेल का लुत्फ उठाना। उन्होंने कहा, 'मैं बस मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना चाहती हूं। सबसे जरूरी बात यह है कि मैं बल्लेबाजी करती रहूं और खेल का लुत्फ उठाती रहूं। अच्छी बात यह है कि मैं गेंद को अच्छे से हिट कर पा रही हूं।' भारत का यह शानदार स्कोर आने वाले मुकाबलों में टीम का आत्मविश्वास और बढ़ाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बयान है — उन आलोचकों के जवाब में जो उनके फॉर्म पर सवाल उठा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि इस पारी की असली नायिका दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने नाबाद 106 रन बनाकर साबित किया कि भारत का मध्यक्रम अब सिर्फ किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं। तीन जीवनदान के बावजूद हरमनप्रीत का टिके रहना और दीप्ति को स्ट्राइक देना — यह टीम-फर्स्ट सोच ही भारत की असली ताकत है। 328/6 का यह स्कोर बताता है कि महिला क्रिकेट में भारत की बल्लेबाजी गहराई अब विश्वस्तरीय हो रही है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ कितने रन बनाए?
हरमनप्रीत कौर ने 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतकीय पारी खेली। यह उनका करीब 15 महीनों बाद पहला अंतरराष्ट्रीय शतक था।
दीप्ति शर्मा ने इस मैच में क्या किया?
दीप्ति शर्मा ने नाबाद 106 रन बनाए और हरमनप्रीत कौर के साथ पाँचवें विकेट के लिए 137 गेंदों में 153 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। उन्होंने आसानी से बाउंड्री लगाते हुए भारत के स्कोर को बड़ा करने में अहम भूमिका निभाई।
भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वडोदरा में कितने रन बनाए?
भारत ने 6 विकेट खोकर 328 रन बनाए। इस स्कोर में हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल (61) के बीच 124 रन तथा हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा के बीच 153 रन की साझेदारी मुख्य योगदान रहा।
हरमनप्रीत कौर को इस पारी में कितने जीवनदान मिले?
हरमनप्रीत कौर को इस पारी के दौरान तीन बार जीवनदान मिला। बावजूद इसके उन्होंने संयम बनाए रखा और शतक तक पहुँचीं।
हरमनप्रीत ने दीप्ति के साथ साझेदारी के दौरान अपनी रणनीति क्या रखी?
हरमनप्रीत ने खुद को थोड़ा पीछे रखा और स्ट्राइक रोटेट करते हुए दीप्ति को ज्यादा गेंदें खेलने दीं। उन्होंने कहा कि जब कोई लगातार बाउंड्री लगा रहा हो, तो सिंगल लेकर उसे स्ट्राइक देना ही सही रणनीति है।
राष्ट्र प्रेस
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