हरमनप्रीत का 15 महीने बाद शतक, दीप्ति की नाबाद 106; भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ बनाए 328 रन
सारांश
मुख्य बातें
हरमनप्रीत कौर ने 15 महीने के अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी करते हुए 121 गेंदों में 126 रन की पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में नाबाद 106 रन बनाकर भारतीय महिला टीम को 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा के बीसीए क्रिकेट स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन के विशाल स्कोर तक पहुँचाया। शुरुआती झटकों के बाद यह दो शतकीय पारियाँ भारतीय पारी की रीढ़ बनीं।
मुश्किल शुरुआत, फिर जमी पारी
भारतीय टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन खुद बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। शेफाली वर्मा भी केवल 8 रन बनाकर आउट हुईं, जिससे टीम 19 रन पर 2 विकेट गँवाकर दबाव में आ गई।
इसके बाद प्रतिका रावल और हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 118 गेंदों में 124 रन की साझेदारी निभाकर पारी को स्थिरता दी। प्रतिका ने 67 गेंदों में 61 रन की दमदार पारी खेली।
हरमनप्रीत-दीप्ति की विध्वंसक साझेदारी
तेजल हसबनीस केवल 3 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन हरमनप्रीत अडिग रहीं और उन्हें दीप्ति शर्मा का बेहतरीन साथ मिला। दोनों ने मिलकर पाँचवें विकेट के लिए 137 गेंदों में 153 रन जोड़े — यह साझेदारी मैच का सबसे निर्णायक मोड़ साबित हुई।
हरमनप्रीत ने अपनी पारी में 15 चौके लगाए, जबकि दीप्ति ने भी 15 चौकों की मदद से अपना दूसरा वनडे शतक पूरा किया। ऋचा घोष 7 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि सायली सतघरे 3 रन पर नाबाद रहीं।
हरमनप्रीत ने रचा इतिहास
हरमनप्रीत ने इस पारी के साथ वनडे करियर का आठवाँ शतक पूरा किया और मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए भारत की ओर से वनडे में दूसरी सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। मिताली ने इस फॉर्मेट में 7 शतक लगाए थे।
गौरतलब है कि यह हरमनप्रीत का पिछले 15 महीने में पहला अंतरराष्ट्रीय शतक था, जो उनकी फॉर्म और आत्मविश्वास की जोरदार वापसी को दर्शाता है।
जिम्बाब्वे की गेंदबाजी
जिम्बाब्वे की ओर से नोमवेलो सिबांडा ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए। तेन्दई मकुशा और मिशेल मावुंगा को एक-एक विकेट मिला। हालाँकि, 328 रन के लक्ष्य का पीछा जिम्बाब्वे के लिए निश्चित रूप से बड़ी चुनौती होगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय गेंदबाज़ इस विशाल स्कोर की रक्षा कैसे करती हैं और क्या सीरीज़ में भारत अपनी बढ़त बरकरार रख पाता है।