मंधाना बोलीं: 19/2 से 328/6 तक का सफर हरमनप्रीत, प्रतिका और दीप्ति की देन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने 25 अक्टूबर 2026 को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में जिम्बाब्वे पर 121 रनों की बड़ी जीत के बाद हरमनप्रीत कौर, प्रतिका रावल और दीप्ति शर्मा की जमकर तारीफ की। इन तीनों बल्लेबाज़ों ने टीम को 19/2 की संकटपूर्ण स्थिति से निकालकर 328/6 के विशाल स्कोर तक पहुँचाया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
मुख्य घटनाक्रम
मैच के शुरुआती तीन ओवरों के भीतर ही स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के आउट हो जाने से भारत मुश्किल में पड़ गया था। लेकिन इसके बाद हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल ने तीसरे विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी करते हुए पारी को संभाला। प्रतिका ने इस दौरान 61 रन बनाए।
इसके बाद हरमनप्रीत (126 रन) और दीप्ति शर्मा (नाबाद 106 रन) ने पाँचवें विकेट के लिए 153 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी निभाई, जिसने भारत को 328/6 के विशाल लक्ष्य तक पहुँचाया।
कप्तान मंधाना की प्रतिक्रिया
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंधाना ने कहा, 'आज की सबसे अच्छी बात यह रही कि 19/2 के स्कोर से हम 300 से ज़्यादा रन तक पहुँचे। इसका पूरा श्रेय हरमन, प्रतिका और दीप्ति को जाता है, जिन्होंने बहुत शानदार बल्लेबाज़ी की। उन्हें खेलते देखना वाकई बेहतरीन था।'
उन्होंने दीप्ति शर्मा की विशेष सराहना करते हुए कहा, 'दीप्ति बहुत शानदार बल्लेबाज़ी कर रही हैं। वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने हमारे लिए कई मैच जिताऊ पारियाँ खेली थीं। दुर्भाग्य से, उनका बल्लेबाज़ी क्रम ऐसा है कि उन्हें खेलने के लिए ज़्यादा ओवर नहीं मिल पाते, लेकिन आज उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाज़ी की और अपना शतक पूरा किया, उसे देखकर बहुत खुशी हुई।'
वैष्णवी शर्मा की गेंदबाज़ी पर नज़र
बल्लेबाज़ी के अलावा गेंदबाज़ी में भी भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। बाएँ हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर 4 विकेट लेकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार किसी पारी में चार विकेट चटकाए। मंधाना ने कहा, 'वैष्णवी ने शानदार प्रदर्शन किया। वह अपनी गति और एंगल लगातार बदल रही थीं। उन्हें अपने खेल की बहुत अच्छी समझ है, जो एक कप्तान के तौर पर बहुत काम आती है।'
मंधाना ने यह भी जोड़ा कि टीम की गेंदबाज़ी इकाई में इतनी गुणवत्ता है कि बल्लेबाज़ किसी एक गेंदबाज़ के अभ्यस्त नहीं हो पाते।
जिम्बाब्वे की फील्डिंग की तारीफ
मंधाना ने प्रतिद्वंद्वी टीम की फील्डिंग की भी खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'जिम्बाब्वे की फील्डिंग शानदार रही, उन्होंने लगभग 20-30 रन बचाए, खासकर पॉइंट एरिया में। दोपहर के समय वहाँ सच में बहुत गर्मी थी, लेकिन 50वें ओवर में भी हर गेंद पर डाइव लगाना और पूरी कोशिश करना काबिल-ए-तारीफ है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछली दो सीरीज में जिम्बाब्वे ने कोई कैच नहीं छोड़ा, जो महिला क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
क्या होगा आगे
यह जीत स्मृति मंधाना की पूर्णकालिक वनडे कप्तान के रूप में पहली सीरीज जीत भी है, जो उनके नेतृत्व के लिए एक मज़बूत शुरुआत है। तीन मैचों की सीरीज का अंतिम मुकाबला 28 अक्टूबर 2026 को खेला जाएगा, जिसमें भारत अपनी अजेय बढ़त को 3-0 में बदलने उतरेगा।