मणिपुर CM खेमचंद सिंह पहुंचे तीन मैतेई युवकों के परिवारों के पास, हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को इंफाल घाटी में 19 अक्टूबर को संदिग्ध सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा मारे गए तीन मैतेई युवकों के परिजनों से मुलाकात की और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। यह दौरा उस समय हुआ जब इंफाल घाटी के पाँच जिलों में बंद और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खेमचंद सिंह ने इंफाल पूर्वी जिले के नोंग्शम का दौरा किया और तीनों पीड़ितों के परिवारों से मिले। मारे गए तीनों युवकों की पहचान अरुबम रोनिल, लैरेनलाकपम इनाओबी और क्षत्रिमयुम सुशील के रूप में की गई है। इन तीनों की 19 अक्टूबर को इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास घात लगाकर हत्या कर दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सभी जायज माँगों पर पूरी ईमानदारी से विचार किया जाएगा।
JAC से मुलाकात और मांगों पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और न्याय की माँग तथा अन्य चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुना। इस दौरे पर उनके साथ विधायक खेमचंद सिंह और थोकचोम लोकेश्वर सिंह भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब इंफाल घाटी के इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में बंद और प्रदर्शन जारी हैं। इन जिलों में मुख्य रूप से मैतेई समुदाय निवास करता है।
घायलों का हाल जाना
नोंग्शम से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने लामलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक ख. इबोमचा सिंह के साथ इंफाल के नॉर्थ एओसी स्थित एक निजी अस्पताल का भी दौरा किया। यहाँ उन्होंने 19 अक्टूबर के हमले में घायल हुए दो नागरिकों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
खेमचंद सिंह ने अस्पताल अधिकारियों को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी
मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने इससे पूर्व बताया था कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम कांगपोकपी जिले में तीनों हत्याओं में शामिल संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी रखे हुए है। अब तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विरोध प्रदर्शन और आगे की स्थिति
इंफाल घाटी में विभिन्न संगठन हत्याओं की निंदा करते हुए और राज्य में शांति एवं सामान्य स्थिति की बहाली की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन पिछले सप्ताह से जारी बंद के बीच हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि मणिपुर में जातीय तनाव की यह घटनाएँ 2023 से चली आ रही अशांति का हिस्सा हैं, जिसमें अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। राज्य में स्थायी शांति बहाली के लिए ठोस कदमों की प्रतीक्षा बनी हुई है।