मणिपुर में 24 घंटों में 4 मौतें: CM युमनाम खेमचंद सिंह ने बुलाई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में एक उच्चस्तरीय कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक तब बुलाई गई जब पिछले 24 घंटों में इंफाल पूर्वी और थौबल जिलों में हुई अलग-अलग हिंसक घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो गई, कई अन्य घायल हुए और 3 लोगों के लापता होने की सूचना है।
बैठक का घटनाक्रम और निर्देश
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई और थौबल तथा इंफाल पूर्वी जिलों में हुई घटनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को राज्य के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तत्काल मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने हथियारबंद हमलावरों द्वारा निर्दोष नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की।
बैठक में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, राज्य के गृह आयुक्त एन. अशोक कुमार के साथ-साथ सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
थौबल में राकेश हत्याकांड और सड़क जाम
रविवार रात थौबल जिले के खांगाबोक पार्ट-III चेरापुर स्थित सीवाईएसए खेल के मैदान में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प में युवक लैशराम राकेश को गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग — जिनमें महिलाएँ भी शामिल थीं — सड़कों पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने थौबल जिले के खांगाबोक और अरोन्गथोंग में टायर जलाए और माँग की कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की 24 घंटे के भीतर पहचान कर गिरफ्तारी की जाए। सोमवार सुबह खांगाबोक मायाई लेइकाई लोइसंग कम्युनिटी हॉल में एक जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने थौबल जिले के उपायुक्त (DC) को ज्ञापन सौंपा। पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के सामने धरना भी दिया गया।
प्रदर्शनकारियों के प्लेकार्डों पर लिखे नारे — 'दोनों समुदायों के बीच संकट का तुरंत समाधान करें', 'सांप्रदायिक तनाव भड़काने वालों की पहचान करें', 'हमें शांति चाहिए' और 'हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करें' — बता रहे थे कि आम जनता में कितना गहरा आक्रोश है।
मुख्यमंत्री का अस्पताल दौरा और राहत का आश्वासन
बैठक से पहले मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इंफाल पूर्वी जिले में हिंसा के बाद घायलों का हाल जानने के लिए एक निजी अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा अस्पताल के प्रबंध निदेशक और चिकित्सकों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घायल नागरिकों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।
व्यापक संदर्भ: मणिपुर में जारी संघर्ष
गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोग जान गँवा चुके हैं और हजारों विस्थापित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं और केंद्र सरकार भी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। नवीनतम हिंसा यह दर्शाती है कि ज़मीनी तनाव अभी भी बरकरार है और सुरक्षा बलों की सतर्कता पर्याप्त नहीं रही।
आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी यह तय करेगी कि क्या यह ताज़ा भड़काव काबू में आता है या स्थिति और बिगड़ती है।