मणिपुर: CM खेमचंद सिंह की उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक, संवेदनशील इलाकों में तैनाती के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को इम्फाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समन्वय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अशांत राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई जब जिरीबाम, तामेंगलोंग, कांगपोकपी और नोनी जिलों में हिंसा की कई गंभीर घटनाओं में 16 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें छह महिलाएँ भी शामिल हैं।
बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बैठक में नए संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और वहाँ सुरक्षाकर्मियों की त्वरित तैनाती पर विशेष जोर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि बुनियादी ढाँचे के विकास का जारी कार्य किसी भी स्थिति में बाधित न हो और पर्याप्त सुरक्षा कवर सुनिश्चित किया जाए।
CMO अधिकारी ने बताया, 'काम का मौसम आने वाला है, इसलिए नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों और ठेकेदारों ने अगले छह महीनों में अपना काम तेज़ करने की तैयारी कर ली है। सरकार को उम्मीद है कि बुनियादी ढाँचे के विकास में काफी सुधार देखने को मिलेगा।' मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि ज़रूरत पड़ी तो सरकार काम में गति लाने के लिए हर आवश्यक सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराएगी।
हाल की हिंसा की पृष्ठभूमि
हाल के हफ्तों में मणिपुर के कई जिलों में हिंसा की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं। मारे गए अधिकांश लोग कुकी-ज़ो आदिवासी समुदाय से थे। इस महीने की शुरुआत में चुराचांदपुर जिले में एक अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के कम से कम दो उग्रवादी मारे गए और दो अन्य घायल हो गए।
गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय संघर्ष की चपेट में है, जिसमें मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच टकराव जारी है। यह ताज़ा बैठक उस लंबे संकट के बीच राज्य प्रशासन की सक्रियता का संकेत देती है।
कुकी-ज़ो संगठनों का आरोप
कुकी-ज़ो काउंसिल (KZC) समेत कुकी-ज़ो समुदाय के कई संगठनों ने हाल की घटनाओं के लिए नागा समूहों NSCN-IM और ZUF-K को ज़िम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जिरीबाम, तामेंगलोंग और नोनी जिलों में कुकी-ज़ो नागरिकों पर हमलों और हत्याओं की यह घटनाएँ एक सुनियोजित सिलसिले का हिस्सा हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
इस सुरक्षा बैठक में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह और गृह आयुक्त एन. अशोक कुमार सहित राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय बलों में असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा, असम राइफल्स (पूर्व) के महानिरीक्षक मेजर जनरल इंद्रजीत सिंह भिंडर और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के महानिरीक्षक होमकर अमोल विनुकंत भी बैठक में शामिल हुए।
आगे क्या होगा
बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती और NHIDCL की परियोजनाओं को सुरक्षा कवच देने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। राज्य सरकार का ध्यान न केवल तत्काल कानून-व्यवस्था, बल्कि दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचा विकास को भी सुरक्षित रखने पर है — एक संकेत कि प्रशासन स्थिरता और विकास दोनों को एक साथ साधने की कोशिश में है।