22 अक्टूबर 2026
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मणिपुर CM खेमचंद सिंह ने तेंगनुपाल के मारिंग-तंगखुल प्रतिनिधिमंडल को दिया समावेशी विकास का भरोसा

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मणिपुर CM खेमचंद सिंह ने तेंगनुपाल के मारिंग-तंगखुल प्रतिनिधिमंडल को दिया समावेशी विकास का भरोसा

सारांश

मणिपुर CM खेमचंद सिंह ने तेंगनुपाल जिले के माची से आए मारिंग-तंगखुल नागा प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने सड़क, स्वास्थ्य सेवा, पुलिस की कमी और बैंकिंग सुरक्षा के मुद्दे उठाए। CM ने कार्रवाई का आश्वासन दिया — यह बैठक संघर्ष-प्रभावित राज्य में सामुदायिक संवाद बहाल करने की कोशिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने 22 अक्टूबर 2026 को तेंगनुपाल जिले के मारिंग और तंगखुल नागा प्रतिनिधिमंडल से इंफाल में मुलाकात की।
माची ब्लॉक पुलिस स्टेशन में 50 गांवों की सुरक्षा के लिए केवल 25 पुलिसकर्मी तैनात हैं — अतिरिक्त कर्मियों की मांग की गई।
माची स्थित PHC को CHC में उन्नत करने और सड़क-पुल सुधार की भी माँग रखी गई।
माची ब्लॉक में बैंक ऑफ बड़ौदा एकमात्र बैंक है; पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जाजो सिल्वेस्टर , वैरोक हैंगशिंग और बोस्को मारिंग ने किया।
CM ने सभी मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 22 अक्टूबर 2026 को इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में तेंगनुपाल जिले के माची से आए मारिंग और तंगखुल नागा समुदायों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सभी समुदायों की चिंताओं को दूर करने और एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित तथा समावेशी मणिपुर के निर्माण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस बैठक में मारिंग नागा समुदाय के सर्वोच्च नागरिक समाज संगठन मारिंग उपराप असेंबली के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जाजो सिल्वेस्टर (मुखिया), मारिंग उपराप सभा के अध्यक्ष वैरोक हैंगशिंग और माची गांव के अध्यक्ष बोस्को मारिंग ने किया। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर लंबे समय से सामुदायिक तनाव और जातीय संघर्ष के असर से उबरने की कोशिश कर रहा है।

मुख्य मुद्दे जो उठाए गए

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और सामुदायिक विकास से जुड़े कई अहम मसले रखे। माची क्षेत्र में सड़कों और पुलों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रतिनिधियों ने गांवों के बीच बेहतर संपर्क की मांग की। इसके अलावा माची स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उन्नत करने का आग्रह भी किया गया, ताकि स्थानीय आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

सुरक्षा की गंभीर कमी

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर प्रतिनिधिमंडल ने एक चिंताजनक तथ्य सामने रखा — माची ब्लॉक पुलिस स्टेशन में लगभग 50 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल 25 पुलिसकर्मियों पर है। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त कर्मियों की तत्काल तैनाती का आग्रह किया। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पहले भी सामुदायिक तनाव की खबरें आती रही हैं, इसलिए पर्याप्त पुलिस उपस्थिति की मांग और भी प्रासंगिक हो जाती है।

बैंकिंग सुरक्षा और सामुदायिक सुविधाएं

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि माची ब्लॉक क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा एकमात्र बैंक है। उन्होंने बैंक में कर्मचारियों, ग्राहकों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में एक सामुदायिक सभागार उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया ताकि सार्वजनिक सभाओं और सामाजिक समारोहों का आयोजन हो सके।

मुख्यमंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक समावेशी मणिपुर के निर्माण के लिए अडिग संकल्प के साथ काम कर रही है। यह बैठक मणिपुर में सामुदायिक संवाद बहाल करने की सरकारी कोशिशों की कड़ी में एक और कदम मानी जा रही है — हालांकि ज़मीनी स्तर पर इन आश्वासनों के क्रियान्वयन की निगरानी होना अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि संघर्ष-प्रभावित मणिपुर में ये आश्वासन जमीन पर कब उतरेंगे। माची जैसे दूरदराज क्षेत्रों में 50 गांवों पर केवल 25 पुलिसकर्मी तैनात होना — यह सुरक्षा की नहीं, बल्कि लापरवाही की तस्वीर है। PHC को CHC में बदलने और सड़क सुधार की मांगें वर्षों पुरानी हैं; इन्हें आश्वासन नहीं, समयबद्ध कार्यान्वयन की जरूरत है। सरकार की विश्वसनीयता इस बात पर टिकी है कि इस बार बैठककक्ष से निकली बातें सचमुच माची के उन गांवों तक पहुंचती हैं या नहीं।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर CM खेमचंद सिंह की मारिंग-नागा प्रतिनिधिमंडल से बैठक में क्या हुआ?
22 अक्टूबर 2026 को इंफाल में हुई इस बैठक में तेंगनुपाल जिले के माची से आए मारिंग और तंगखुल नागा समुदायों के प्रतिनिधियों ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और सामुदायिक विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। CM ने सभी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
माची ब्लॉक पुलिस स्टेशन में सुरक्षा की स्थिति क्या है?
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार माची ब्लॉक पुलिस स्टेशन में लगभग 50 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मात्र 25 पुलिसकर्मियों पर है। प्रतिनिधियों ने CM से अतिरिक्त कर्मियों की तत्काल तैनाती का आग्रह किया।
माची में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की मांग क्यों उठाई गई?
माची में मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थानीय आबादी की जरूरतों के लिए अपर्याप्त है। प्रतिनिधियों ने इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उन्नत करने की मांग की ताकि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
मारिंग उपराप असेंबली कौन है और इसने क्या मांगें रखीं?
मारिंग उपराप असेंबली मारिंग नागा समुदाय का सर्वोच्च नागरिक समाज संगठन है। इसने सड़क-पुल सुधार, PHC का CHC में उन्नयन, पुलिस कर्मियों की वृद्धि, बैंक ऑफ बड़ौदा में सुरक्षा व्यवस्था और प्रत्येक गांव में सामुदायिक सभागार की मांगें रखीं।
मणिपुर सरकार सभी समुदायों के कल्याण के लिए क्या कदम उठा रही है?
CM खेमचंद सिंह के अनुसार राज्य सरकार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समावेशी मणिपुर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधिमंडलों से संवाद करना इसी दिशा में उठाया गया कदम है, हालांकि घोषित आश्वासनों का क्रियान्वयन अभी होना शेष है।
राष्ट्र प्रेस
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