मणिपुर CM खेमचंद सिंह: शांति, न्याय और आपसी विश्वास ही विकास की असली नींव
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 15 अगस्त 2026 को इंफाल के प्रथम मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए स्पष्ट किया कि राज्य का विकास तभी संभव है जब शांति, आपसी विश्वास, न्याय और सभी समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित हो। स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर उन्होंने संघर्षग्रस्त मणिपुर में स्थायी स्थिरता की दिशा में एक सामूहिक संकल्प का आह्वान किया।
कांगपोकपी हिंसा की कड़ी निंदा
मुख्यमंत्री सिंह ने 14 अगस्त को कांगपोकपी जिले में हुई उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें दो नागा किसान मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे आपसी विश्वास को फिर से मज़बूत करें और शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व की राह पर चलें। यह घटना ऐसे समय में सामने आई जब मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय तनाव से जूझ रहा है।
केंद्र सरकार के सहयोग को सराहा
मुख्यमंत्री ने राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए समर्थन को स्वीकार किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे शांति, विकास और एक सशक्त मणिपुर के निर्माण के लिए मिलकर काम करें। गौरतलब है कि यह तीसरा स्वतंत्रता दिवस है जब राज्य जातीय संघर्ष की छाया में समारोह मना रहा है।
विकास योजनाओं का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री सिंह ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के निर्माण कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट, पीएम-जनमान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत राज्यभर में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के प्रयास भी जारी हैं।
रोज़गार और आजीविका में बड़े बदलाव
ग्रामीण रोज़गार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित भारत—गारंटीशुदा रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत गारंटीकृत रोज़गार 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन और मज़दूरी ₹263 से बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना के ज़रिये औपचारिक रोज़गार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
कृषि और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने के लिए सीएसआईआर-एनईएसटी में जैव उर्वरक उत्पादन हेतु एक बायो-रिएक्टर इकाई स्थापित किए जाने की जानकारी दी। समारोह में कला और संस्कृति विभाग के चार समूहों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं और मणिपुर पत्रिका का एक विशेष अंक भी जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए विकसित भारत के विज़न के तहत 2047 तक भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया।
राज्य में जातीय तनाव के बीच दिया गया यह भाषण इस बात का संकेत है कि मणिपुर सरकार विकास और शांति को साथ-साथ आगे बढ़ाने की कोशिश में है — अब असली परीक्षा ज़मीनी अमल की होगी।