मणिपुर CM खेमचंद सिंह ने INDIA ब्लॉक नेताओं से की मुलाकात, कांगपोकपी में 3 नागरिकों की हत्या के बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को इंफाल में विपक्षी INDIA ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात की। यह बैठक कांगपोकपी जिले के खोंगबान सुनुरोक में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा तीन लकड़ी इकट्ठा करने वाले नागरिकों की हत्या के ठीक एक दिन बाद हुई। बैठक में राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ शांति बहाली के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में कौन शामिल हुए और क्या हुआ
INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने तीन निर्दोष नागरिकों की हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त की और मुख्यमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बैठक में 'सशस्त्र उपद्रवियों द्वारा तीन निर्दोष नागरिकों की दुखद हत्या' के बाद समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं की चिंताएँ सुनी गईं और मामले की जाँच का आश्वासन दिया गया।
हत्याकांड का विवरण
सोमवार, 19 अक्टूबर को इम्फाल पूर्वी जिले के नोंगशम के निकट कांगपोकपी जिले के खोंगबान सुनुरोक में संदिग्ध आतंकवादियों ने तीन लकड़ी इकट्ठा करने वालों की हत्या कर दी। यह घटना मणिपुर में जारी जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि में घटित हुई, जिसमें नागा, कुकी और मैतेई समुदायों के बीच संघर्ष महीनों से जारी है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और माँगें
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओकराम इबोबी सिंह ने बार-बार हो रही हिंसा और नागरिकों की हत्याओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में बने रहने के नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया।
इबोबी सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है और विभिन्न समुदायों के लोगों की बार-बार हत्याएँ हो रही हैं। उन्होंने कहा, 'हम इसे कब तक बर्दाश्त कर सकते हैं? दिन-ब-दिन लोग एक-दूसरे को मार रहे हैं।'
पूर्व मुख्यमंत्री ने बार-बार माँग के बावजूद सर्वदलीय बैठक न बुलाए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने केंद्र सरकार पर जारी रक्तपात के बीच 'मूक दर्शक' बने रहने का भी आरोप लगाया।
केंद्र से हस्तक्षेप की अपील
इबोबी सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो INDIA ब्लॉक के घटक दल केंद्र सरकार से राज्य सरकार की सहायता का आग्रह करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र संकट समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है तो सशस्त्र समूहों पर नियंत्रण कुछ ही दिनों में संभव होना चाहिए।
गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय संघर्ष मई 2023 से जारी है और अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शांति बहाली को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी या नहीं, यह मणिपुर की राजनीतिक दशा का एक अहम परीक्षण होगा।