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मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह का बंद के खिलाफ आह्वान, जातीय सद्भाव बहाली को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

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मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह का बंद के खिलाफ आह्वान, जातीय सद्भाव बहाली को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बंद और नाकाबंदी को गरीबों पर बोझ बताते हुए संवाद की राह अपनाने की अपील की। जिरीबाम में हमार, कुकी, पैते और मैतेई समुदायों की साझा सहमति और विस्थापितों की वापसी को उन्होंने शांति की उम्मीद की किरण बताया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 22 मई को बंद, नाकाबंदी और प्रदर्शन न करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलन दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सर्वाधिक नुकसान पहुँचाते हैं।
जिरीबाम जिले में हमार, कुकी, पैते और मैतेई समुदायों ने शांति बहाली पर सामूहिक सहमति व्यक्त की।
7 अप्रैल को बिष्णुपुर के ट्रोंगलाओबी गांव में बम विस्फोट में दो बच्चों की मौत हुई थी।
कई विस्थापित परिवार धीरे-धीरे अपने गांवों में वापस लौट रहे हैं ।
मुख्यमंत्री ने अखम गांव में नए सामुदायिक सभागार निर्माण का आश्वासन दिया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार, 22 मई को राज्यवासियों से अपील की कि वे सरकार से किसी भी असंतोष की स्थिति में बंद, नाकाबंदी या सड़क प्रदर्शन का सहारा न लें, क्योंकि ऐसे आंदोलन दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचाते हैं। यह अपील उन्होंने इंफाल पश्चिम जिले के लामसांग विधानसभा क्षेत्र में तीन नवनिर्मित पुलों के उद्घाटन समारोह में दी।

मुख्यमंत्री का संदेश: संवाद ही समाधान

मुख्यमंत्री सिंह ने सभी संबंधित समूहों और व्यक्तियों से आग्रह किया कि मतभेदों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता चर्चा और संवाद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें राज्य में दीर्घकालिक जातीय अशांति के बाद विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास का पुनर्निर्माण करने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में ऐसा वातावरण बनाना है जिसमें विभिन्न समुदायों के लोग बिना किसी भय या असुरक्षा के एक-दूसरे के क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से आ-जा सकें।

जिरीबाम दौरे और सामुदायिक सहमति

अखम गांव में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने जिरीबाम जिले की अपनी हालिया दो यात्राओं का उल्लेख किया — पहली बार हेलीकॉप्टर से और दूसरी बार सड़क मार्ग से। उन्होंने बताया कि इन दौरों के दौरान हमार, कुकी, पैते और मैतेई समुदायों के प्रतिनिधियों ने एक साथ बैठकर शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल करने पर सामूहिक सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इन समुदायों के लोग अब सद्भाव से रहने लगे हैं और कई विस्थापित परिवार धीरे-धीरे अपने गांवों में वापस लौट रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई हमार और कुकी गांव मैतेई गांवों से सटे हुए हैं, जो आपसी समझ की आवश्यकता को और अधिक रेखांकित करता है।

ट्रोंगलाओबी बम विस्फोट: मानवता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

राज्य के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी गांव में हुए बम विस्फोट की घटना का स्मरण कराया, जिसमें दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। उन्होंने इसे न केवल मणिपुर और भारत के लिए, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

स्थानीय विकास का आश्वासन

अखम गांव के एक स्थानीय क्लब द्वारा सामुदायिक सभागार, बांध और जल आपूर्ति योजना के निर्माण की मांग वाले ज्ञापन के जवाब में मुख्यमंत्री सिंह ने आश्वासन दिया कि स्थानीय विधायक से परामर्श के बाद शीघ्र ही एक नए सामुदायिक सभागार का निर्माण किया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में 2023 से चल रहे जातीय संघर्ष के बाद राज्य में स्थायी शांति की दिशा में प्रयास तेज हो रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह पहल संकेत देती है कि सरकार जमीनी स्तर पर सामुदायिक संवाद को शांति बहाली की केंद्रीय रणनीति मान रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि मणिपुर में 2023 से जारी जातीय हिंसा में सैकड़ों जानें जा चुकी हैं और हजारों परिवार अभी भी विस्थापित हैं। ट्रोंगलाओबी में बच्चों की मौत जैसी घटनाएं बताती हैं कि जमीनी हकीकत अभी भी नाजुक है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह संवाद-प्रक्रिया केवल मंच पर दिखने वाली सहमति तक सीमित रहेगी, या विस्थापितों की स्थायी वापसी और सुरक्षित आवाजाही के ठोस परिणाम देगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने बंद के खिलाफ अपील क्यों की?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि बंद और नाकाबंदी जैसे विरोध प्रदर्शन दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचाते हैं। उन्होंने मतभेदों को सुलझाने के लिए संवाद और चर्चा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
जिरीबाम में कौन-से समुदायों ने शांति पर सहमति जताई?
जिरीबाम जिले में हमार, कुकी, पैते और मैतेई समुदायों के प्रतिनिधियों ने एक साथ बैठकर शांति और सामान्य स्थिति बहाली के लिए सामूहिक रूप से काम करने पर सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने इस जिले का दो बार दौरा किया — एक बार हेलीकॉप्टर से और एक बार सड़क मार्ग से।
ट्रोंगलाओबी बम विस्फोट में क्या हुआ था?
7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी गांव में हुए बम विस्फोट में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इस घटना को मणिपुर, भारत और संपूर्ण मानवता के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
मणिपुर में विस्थापित परिवारों की स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, कई विस्थापित परिवार धीरे-धीरे अपने-अपने गांवों में वापस लौटने लगे हैं। जिरीबाम में विभिन्न समुदायों के बीच सहमति के बाद सद्भाव का माहौल बनने की बात उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने अखम गांव में क्या आश्वासन दिया?
अखम गांव के एक स्थानीय क्लब के ज्ञापन के जवाब में मुख्यमंत्री सिंह ने आश्वासन दिया कि स्थानीय विधायक से परामर्श के बाद जल्द ही एक नए सामुदायिक सभागार का निर्माण किया जाएगा। क्लब ने बांध और जल आपूर्ति योजना की भी मांग रखी थी।
राष्ट्र प्रेस
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