मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह का बंद-नाकाबंदी के खिलाफ आह्वान, समुदायों में विश्वास बहाली पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार, 22 मई को राज्यवासियों से अपील की कि सरकार के प्रति असंतोष होने पर भी बंद, नाकाबंदी या सड़क प्रदर्शन का सहारा न लें, क्योंकि इससे दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचता है। यह अपील उन्होंने इंफाल पश्चिम जिले के लामसांग विधानसभा क्षेत्र में तीन पुलों के उद्घाटन समारोह के दौरान की।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने अखम गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी समूहों और व्यक्तियों से आग्रह किया कि वे मतभेदों को चर्चा और संवाद के ज़रिये सुलझाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास का पुनर्निर्माण करने और दीर्घकालिक जातीय अशांति के बाद शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख प्राथमिकता ऐसा माहौल बनाना है जिसमें विभिन्न समुदायों के लोग बिना भय या असुरक्षा के एक-दूसरे के क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से आ-जा सकें।
जिरीबाम दौरे और सामुदायिक सहमति
मुख्यमंत्री सिंह ने जिरीबाम जिले की अपनी हालिया यात्राओं का उल्लेख किया — पहली बार हेलीकॉप्टर से और दूसरी बार सड़क मार्ग से। उन्होंने बताया कि इन दौरों के दौरान हमार, कुकी, पैते और मैतेई समुदायों के सदस्यों ने एक साथ बैठकर शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने पर सहमति जताई।
उन्होंने बताया कि इन समुदायों के लोग अब सद्भाव से रह रहे हैं और कई विस्थापित परिवार धीरे-धीरे अपने गांवों में लौटने लगे हैं। गौरतलब है कि कई हमार और कुकी गांव मैतेई गांवों से सटे हुए हैं, जो आपसी सह-अस्तित्व की अनिवार्यता को रेखांकित करता है।
बिष्णुपुर बम विस्फोट का संदर्भ
राज्य के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जिरीबाम से लौटने के तुरंत बाद 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी गांव में एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने इस घटना को न केवल मणिपुर और भारत के लिए, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
स्थानीय मांगों पर आश्वासन
अखम गांव के एक स्थानीय क्लब ने सामुदायिक सभागार, बांध और जल आपूर्ति योजना के निर्माण की मांग का ज्ञापन सौंपा। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि स्थानीय विधायक से परामर्श कर जल्द ही एक नए सामुदायिक सभागार का निर्माण किया जाएगा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में 2023 से जारी जातीय संघर्ष के बाद सामाजिक ताने-बाने को दोबारा जोड़ने की कोशिशें तेज़ हुई हैं। मुख्यमंत्री का यह संदेश संकेत देता है कि राज्य सरकार संवाद और पुनर्वास को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।