1 अगस्त 2026
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मणिपुर में शांति बहाली: CM खेमचंद सिंह ने ज़ोमी संगठनों से की बैठक, 3 साल बाद इम्फाल पहुँचा प्रतिनिधिमंडल

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मणिपुर में शांति बहाली: CM खेमचंद सिंह ने ज़ोमी संगठनों से की बैठक, 3 साल बाद इम्फाल पहुँचा प्रतिनिधिमंडल

सारांश

3 साल की जातीय हिंसा के बाद पहली बार तीनों ज़ोमी संगठनों का प्रतिनिधिमंडल चुराचांदपुर से इम्फाल पहुँचा और CM खेमचंद सिंह से मिला — यह छोटा कदम मणिपुर में आवागमन और विश्वास बहाली का बड़ा प्रतीक बन गया है।

मुख्य बातें

मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने 31 जुलाई 2026 को यूनिफाइड ज़ो संगठन , ज़ोमी चीफ एसोसिएशन और ज़ोमी काउंसिल के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से इम्फाल में मुलाकात की।
3 मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद पहली बार तीनों ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ चुराचांदपुर से इम्फाल पहुँचे — समुदायों के बीच आवागमन बहाल होने का संकेत।
प्रतिनिधिमंडल ने चुराचांदपुर में मल्टी-यूटिलिटी हॉल बनाने का प्रस्ताव सौंपा।
दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे — जो 4 मई 2023 की हिंसा में घायल हुए थे — का 21 फरवरी 2026 को गुरुग्राम में निधन हुआ था; उनके पुत्र जोसेफ वाल्टे प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
मेइती समुदाय राज्य की आबादी का 53% , जबकि कुकी-ज़ो-नागा आदिवासी समुदाय लगभग 40% हैं।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 31 जुलाई 2026 को इम्फाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय, बाबुपारा में यूनिफाइड ज़ो संगठन, ज़ोमी चीफ एसोसिएशन और ज़ोमी काउंसिल के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और राज्य में स्थायी शांति, सांप्रदायिक सौहार्द तथा सामान्य जीवन की बहाली के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद पहली बार तीनों ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ चुराचांदपुर से इम्फाल पहुँचे।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बैठक में ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया और शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने के सरकारी प्रयासों में अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। बैठक में विधायक टोंगब्राम रोबिंद्रो भी उपस्थित रहे। विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास और समझ बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल ने चुराचांदपुर में एक मल्टी-यूटिलिटी हॉल बनाने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को सौंपा। चुराचांदपुर जिले में मुख्य रूप से कुकी-ज़ो आदिवासी समुदाय निवास करते हैं।

समुदायों के बीच आवागमन बहाल होने का संकेत

यह दौरा इसलिए विशेष महत्त्व रखता है क्योंकि 3 साल बाद पहली बार तीनों ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ चुराचांदपुर से इम्फाल आकर मुख्यमंत्री से मिले। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था में सुधार और समुदायों के बीच आवागमन बहाल होने का सकारात्मक संकेत है। गौरतलब है कि 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी-ज़ो आदिवासी मुख्य रूप से मेइती समुदाय वाली इम्फाल घाटी में आने से परहेज कर रहे थे।

ज़ोमी नेताओं की प्रतिक्रिया

ज़ोमी काउंसिल के अध्यक्ष वुमसुआन नाउलाक ने कहा कि वे जिले के ताज़ा हालात से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और समुदायों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से इम्फाल आए थे। उन्होंने बैठक को 'सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक' बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने लोगों को विकास और स्थायी शांति के लिए साथ मिलकर काम करने का अवसर दिया है।

ज़ोमी काउंसिल की सचिव (सूचना एवं प्रचार) मैरी जोन्स ने कहा कि लगभग 3 साल बाद वे फिर इम्फाल आ पाई हैं और यह सामान्य स्थिति बहाली की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। समाजसेवी जोसेफ वाल्टे — जो दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे के पुत्र हैं — ने राज्य में शांति और समृद्धि की वापसी की उम्मीद जताई।

दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे का संदर्भ

मणिपुर भाजपा के वरिष्ठ ज़ोमी आदिवासी नेता और थानलोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे वुंगजागिन वाल्टे का 21 फरवरी 2026 को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 4 मई 2023 को इम्फाल में हुई जातीय हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उसके बाद से दिल्ली-गुरुग्राम में उपचाराधीन थे।

मणिपुर की जनसांख्यिकीय पृष्ठभूमि

मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत है और मुख्य रूप से 5-6 जिलों वाली इम्फाल घाटी में निवास करता है। वहीं नागा और कुकी-ज़ो-ज़ोमी सहित आदिवासी समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हैं और मुख्यतः शेष 10 पहाड़ी जिलों में रहते हैं। यह जनसांख्यिकीय विभाजन ही मई 2023 से जारी संघर्ष की जड़ में है। बैठक में ज़ोमी चीफ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पी. गुइते, यूनिफाइड ज़ो संगठन के लियानखानखुप ज़ो और तीनों संगठनों के अन्य सदस्य भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति का शांतिपूर्ण, समावेशी और स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार सभी पक्षों से निरंतर संवाद जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह संघर्ष की संरचनात्मक जड़ों — भूमि अधिकार, अनुसूचित जनजाति दर्जे की माँग और घाटी-पहाड़ी प्रशासनिक विभाजन — को संबोधित नहीं करता। CM की 'सभी पक्षों से बातचीत' की प्रतिबद्धता तब तक अधूरी है जब तक इसमें ठोस समयसीमा और सत्यापन-योग्य मील के पत्थर न हों। तीन साल में पहली बार हुई यह बैठक संकेत देती है कि ज़मीनी स्थिति में कुछ सुधार है, पर मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि चुराचांदपुर और इम्फाल घाटी के बीच आर्थिक और सामाजिक अलगाव अभी भी गहरा बना हुआ है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में ज़ोमी संगठन कौन हैं और CM से उनकी बैठक क्यों अहम है?
यूनिफाइड ज़ो संगठन, ज़ोमी चीफ एसोसिएशन और ज़ोमी काउंसिल कुकी-ज़ो आदिवासी समुदाय के प्रमुख संगठन हैं जो मुख्यतः चुराचांदपुर जिले में सक्रिय हैं। 3 मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद यह पहली बार है जब तीनों एक साथ इम्फाल आकर मुख्यमंत्री से मिले, जिसे समुदायों के बीच विश्वास बहाली का संकेत माना जा रहा है।
मणिपुर में जातीय हिंसा कब शुरू हुई और अब तक क्या स्थिति है?
मणिपुर में जातीय हिंसा 3 मई 2023 को भड़की थी, जिसके बाद से पहाड़ी जिलों के कुकी-ज़ो आदिवासी इम्फाल घाटी में आने से परहेज कर रहे थे। 31 जुलाई 2026 की बैठक इस लंबे अलगाव के बाद संवाद की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
चुराचांदपुर में मल्टी-यूटिलिटी हॉल का प्रस्ताव क्या है?
ज़ोमी संगठनों के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने CM खेमचंद सिंह को चुराचांदपुर जिले में एक मल्टी-यूटिलिटी हॉल निर्माण का प्रस्ताव सौंपा। चुराचांदपुर मुख्य रूप से कुकी-ज़ो आदिवासी बहुल जिला है और यह प्रस्ताव स्थानीय विकास और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़ा है।
दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे कौन थे?
वुंगजागिन वाल्टे मणिपुर भाजपा के वरिष्ठ ज़ोमी आदिवासी नेता और थानलोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे थे। वे 4 मई 2023 को इम्फाल में जातीय हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे और 21 फरवरी 2026 को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
मणिपुर में मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों की जनसंख्या कितनी है?
मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत है और मुख्यतः 5-6 जिलों वाली इम्फाल घाटी में रहता है। नागा और कुकी-ज़ो-ज़ोमी सहित आदिवासी समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हैं और शेष 10 पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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