मणिपुर में शांति बहाली: CM खेमचंद सिंह ने ज़ोमी संगठनों से की बैठक, 3 साल बाद इम्फाल पहुँचा प्रतिनिधिमंडल
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 31 जुलाई 2026 को इम्फाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय, बाबुपारा में यूनिफाइड ज़ो संगठन, ज़ोमी चीफ एसोसिएशन और ज़ोमी काउंसिल के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और राज्य में स्थायी शांति, सांप्रदायिक सौहार्द तथा सामान्य जीवन की बहाली के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद पहली बार तीनों ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ चुराचांदपुर से इम्फाल पहुँचे।
बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बैठक में ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया और शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने के सरकारी प्रयासों में अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। बैठक में विधायक टोंगब्राम रोबिंद्रो भी उपस्थित रहे। विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास और समझ बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने चुराचांदपुर में एक मल्टी-यूटिलिटी हॉल बनाने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को सौंपा। चुराचांदपुर जिले में मुख्य रूप से कुकी-ज़ो आदिवासी समुदाय निवास करते हैं।
समुदायों के बीच आवागमन बहाल होने का संकेत
यह दौरा इसलिए विशेष महत्त्व रखता है क्योंकि 3 साल बाद पहली बार तीनों ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ चुराचांदपुर से इम्फाल आकर मुख्यमंत्री से मिले। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था में सुधार और समुदायों के बीच आवागमन बहाल होने का सकारात्मक संकेत है। गौरतलब है कि 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी-ज़ो आदिवासी मुख्य रूप से मेइती समुदाय वाली इम्फाल घाटी में आने से परहेज कर रहे थे।
ज़ोमी नेताओं की प्रतिक्रिया
ज़ोमी काउंसिल के अध्यक्ष वुमसुआन नाउलाक ने कहा कि वे जिले के ताज़ा हालात से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और समुदायों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से इम्फाल आए थे। उन्होंने बैठक को 'सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक' बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने लोगों को विकास और स्थायी शांति के लिए साथ मिलकर काम करने का अवसर दिया है।
ज़ोमी काउंसिल की सचिव (सूचना एवं प्रचार) मैरी जोन्स ने कहा कि लगभग 3 साल बाद वे फिर इम्फाल आ पाई हैं और यह सामान्य स्थिति बहाली की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। समाजसेवी जोसेफ वाल्टे — जो दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे के पुत्र हैं — ने राज्य में शांति और समृद्धि की वापसी की उम्मीद जताई।
दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे का संदर्भ
मणिपुर भाजपा के वरिष्ठ ज़ोमी आदिवासी नेता और थानलोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे वुंगजागिन वाल्टे का 21 फरवरी 2026 को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 4 मई 2023 को इम्फाल में हुई जातीय हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उसके बाद से दिल्ली-गुरुग्राम में उपचाराधीन थे।
मणिपुर की जनसांख्यिकीय पृष्ठभूमि
मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत है और मुख्य रूप से 5-6 जिलों वाली इम्फाल घाटी में निवास करता है। वहीं नागा और कुकी-ज़ो-ज़ोमी सहित आदिवासी समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हैं और मुख्यतः शेष 10 पहाड़ी जिलों में रहते हैं। यह जनसांख्यिकीय विभाजन ही मई 2023 से जारी संघर्ष की जड़ में है। बैठक में ज़ोमी चीफ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पी. गुइते, यूनिफाइड ज़ो संगठन के लियानखानखुप ज़ो और तीनों संगठनों के अन्य सदस्य भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति का शांतिपूर्ण, समावेशी और स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार सभी पक्षों से निरंतर संवाद जारी रखेगी।