17 अगस्त 2026
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जम्मू में भाजपा का विरोध मार्च: उमर अब्दुल्ला सरकार पर चुनावी वादे तोड़ने का आरोप

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जम्मू में भाजपा का विरोध मार्च: उमर अब्दुल्ला सरकार पर चुनावी वादे तोड़ने का आरोप

सारांश

भाजपा ने 17 अगस्त को जम्मू में एनसी-कांग्रेस गठबंधन सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध मार्च निकाला। सत शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने उमर अब्दुल्ला से इस्तीफे की माँग की और चेतावनी दी कि आंदोलन और तेज होगा।

मुख्य बातें

भाजपा ने 17 अगस्त को जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार के विरुद्ध विरोध मार्च निकाला।
मार्च डोगरा चौक, महेशपुरा और पंजतीर्थी से सिविल सचिवालय तक निकाला गया।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा , सांसद जुगल किशोर शर्मा और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा मार्च में शामिल हुए।
भाजपा ने सरकार पर बेरोज़गारी, कथित भ्रष्टाचार, बिजली-पानी संकट और प्रशासनिक जड़ता का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे की माँग की गई; भाजपा ने जिला व जमीनी स्तर पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार, 17 अगस्त को जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेतृत्व वाली सरकार के विरुद्ध बड़ा विरोध मार्च निकाला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर चुनावी वादों से पीछे हटने तथा शासन में विफलता का आरोप लगाया। डोगरा चौक, महेशपुरा और पंजतीर्थी से सिविल सचिवालय तक निकले इस मार्च में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा के नेतृत्व में निकले इस मार्च में भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा भी सम्मिलित हुए। प्रदर्शनकारियों ने एनसी-कांग्रेस गठबंधन के विरुद्ध नारे लगाए और सरकार के पुतले जलाए। मार्ग पर तथा सिविल सचिवालय के आसपास पुलिस व अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई।

भाजपा के आरोप

भाजपा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए — जिनमें प्रशासनिक जड़ता, कथित भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, अपर्याप्त नागरिक सुविधाएँ, अनियमित बिजली आपूर्ति और पेयजल संकट से निपटने में नाकामी शामिल हैं। वरिष्ठ नेताओं ने सरकार से जवाबदेही की माँग करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे की भी माँग की।

सत शर्मा का बयान

भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे को बार-बार उछालकर अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित विफलताओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो भाजपा जिला, शहर और जमीनी स्तर पर आंदोलन तेज करेगी।

अब्दुल्ला सरकार का पक्ष

यह विरोध ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला स्वयं केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे से मुकरने का आरोप लगा रहे हैं। 15 अगस्त को श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारतीय संघ में शामिल होने का निर्णय सही था, किंतु अगस्त 2019 में जो कुछ भी किया गया वह गलत था।

आगे क्या

भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि एनसी सरकार के विरुद्ध यह विरोध अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा और विकास के मुद्दे राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं, और दोनों पक्षों के बीच यह टकराव आने वाले समय में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और भाजपा एनसी पर विकास व शासन को लेकर। इस दोतरफा आरोपबाज़ी में असली नुकसान जम्मू-कश्मीर की जनता का है, जो बिजली, पानी और रोज़गार जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। राज्य के दर्जे का मुद्दा दोनों पक्षों के लिए राजनीतिक ढाल बन गया है — जो ध्यान बँटाने का काम करता है, समाधान देने का नहीं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने जम्मू में विरोध मार्च क्यों निकाला?
भाजपा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली उमर अब्दुल्ला सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने, बेरोज़गारी, बिजली-पानी संकट और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 17 अगस्त को जम्मू में विरोध मार्च निकाला। पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी माँग की।
विरोध मार्च में कौन-कौन से भाजपा नेता शामिल हुए?
मार्च का नेतृत्व भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा ने किया। इसके अलावा भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
भाजपा ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर क्या-क्या आरोप लगाए?
भाजपा ने सरकार पर प्रशासनिक जड़ता, कथित भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, अपर्याप्त नागरिक सुविधाएँ, अनियमित बिजली आपूर्ति और पेयजल संकट से निपटने में विफलता के आरोप लगाए। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार राज्य के दर्जे का मुद्दा उठाकर अपनी विफलताओं से ध्यान भटका रही है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा था?
15 अगस्त को श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में अपने भाषण में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारतीय संघ में शामिल होने का निर्णय सही था, लेकिन अगस्त 2019 में जो कुछ भी किया गया वह गलत था।
भाजपा ने आगे के आंदोलन को लेकर क्या चेतावनी दी?
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि यदि सरकार की कथित विफलताओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो पार्टी जिला, शहर और जमीनी स्तर पर आंदोलन और तेज करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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