2 अक्टूबर 2026
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एसआईआर देश की सुरक्षा के लिए अनिवार्य, जारी रहेगा: दिलीप घोष का ममता पर हमला

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एसआईआर देश की सुरक्षा के लिए अनिवार्य, जारी रहेगा: दिलीप घोष का ममता पर हमला

सारांश

दिलीप घोष ने एक ही बयान में कई मोर्चे खोले — एसआईआर को अनिवार्य बताया, ममता के पूर्व मंत्री के आरोपों पर जाँच की माँग की, और ईवीएम पर विपक्ष को 'पुराना फंडा' कहकर खारिज किया। पश्चिम बंगाल की राजनीति में BJP का हमलावर रुख साफ़ दिख रहा है।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 2 अक्टूबर 2026 को कहा कि एसआईआर देश की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है और यह जारी रहेगा।
पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन द्वारा ममता बनर्जी पर लगाए गए आरोपों पर जाँच की माँग की।
पायलट स्मित मच्छर की बहादुरी की सराहना की; को-पायलट हमले की घटना को 'चिंताजनक' बताया।
ममता बनर्जी पर ईवीएम हैकिंग के आरोप को 'पुराना फंडा' कहकर खारिज किया।
कांग्रेस के जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन को 'धूप सेंकने' का काम बताया।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 2 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को देश की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताते हुए कहा कि इसे किसी भी हाल में रोका नहीं जाएगा। साथ ही घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के आरोपों से लेकर ईवीएम विवाद तक कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा।

एसआईआर पर दिलीप घोष का स्पष्ट रुख

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर की गई टिप्पणी और एसआईआर का विरोध किए जाने पर सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'एसआईआर तो लागू होगा ही। एसआईआर देश की सुरक्षा के लिए बेहद ज़रूरी है। बिना दस्तावेज़ के कोई व्यक्ति यहाँ आए, वोट दे और रहे — इसका अधिकार किसी को नहीं है।'

गौरतलब है कि एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची से अपात्र नामों को हटाया जाता है। पश्चिम बंगाल सरकार इस प्रक्रिया का विरोध कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे अनिवार्य करार दे रही है।

इंद्रनील सेन के आरोपों पर प्रतिक्रिया

पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लगाए गए आरोपों को लेकर घोष ने कहा कि सरकार हर मामले की जाँच कर रही है। उन्होंने कहा, 'आज ममता बनर्जी के पूर्व मंत्री ही उनके खिलाफ शिकायत कर रहे हैं — इस मामले पर भी जाँच होनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक कलह की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

कैप्टन स्मित मच्छर प्रकरण पर चिंता

विमान में को-पायलट द्वारा पायलट पर हमले की घटना पर दिलीप घोष ने गंभीरता जताई। उन्होंने कहा, 'यह घटना जो हुई है, वह चिंताजनक है। को-पायलट दूसरे पायलट पर अटैक कर देता है — इस घटना के बारे में अभी भी कई पहलू सामने नहीं आए हैं।' घोष ने पायलट स्मित मच्छर की साहसिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।

ईवीएम विवाद और कांग्रेस पर तंज

पश्चिम बंगाल चुनाव में ईवीएम हैकिंग के आरोपों पर घोष ने ममता बनर्जी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह उनका 'पुराना फंडा' है — 'जब ये चुनाव हार जाते हैं, तो किसी के ऊपर हार का ठीकरा फोड़ देते हैं।'

कांग्रेस के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे विंटर सेशन आता है, कांग्रेस के सांसद सदन परिसर में और सदन के बाहर बैठकर धूप सेंकते हैं। अगर ये जनता के पास जाकर काम करें, तो जनता इनके बारे में थोड़ा सोच भी सकती है।'

आगे क्या

दिलीप घोष के इन बयानों से स्पष्ट है कि BJP पश्चिम बंगाल में एसआईआर विवाद, ममता सरकार की आंतरिक उठापटक और ईवीएम सवालों को चुनावी मुद्दों के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राज्य में राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

BJP की पश्चिम बंगाल रणनीति का खाका है — एसआईआर को सुरक्षा के मुद्दे से जोड़ना, TMC की आंतरिक दरारों को उजागर करना, और ईवीएम विमर्श को उलटना। असली सवाल यह है कि क्या एसआईआर का विरोध करने वाली ममता सरकार इसे न्यायालय में चुनौती देगी — और क्या वह कानूनी रास्ते पर टिक पाएगी। इंद्रनील सेन जैसे अपने ही खेमे के लोगों का बगावती होना ममता के लिए इस समय सबसे बड़ा राजनीतिक जोखिम है, जिसे घोष ने बखूबी भुनाया।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (SIR) क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की गहन समीक्षा कर अपात्र नामों को हटाया जाता है। पश्चिम बंगाल सरकार इसका विरोध कर रही है, जबकि BJP इसे घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से बाहर रखने के लिए ज़रूरी मानती है।
दिलीप घोष ने इंद्रनील सेन मामले पर क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन द्वारा ममता बनर्जी पर लगाए गए आरोपों की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने इसे इस बात का संकेत बताया कि TMC सरकार में आंतरिक कलह गहरी हो रही है।
पायलट स्मित मच्छर की घटना क्या थी?
कथित तौर पर एक उड़ान के दौरान को-पायलट ने पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। दिलीप घोष ने इस घटना को 'चिंताजनक' बताया और मच्छर की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होनी चाहिए।
ममता बनर्जी के ईवीएम आरोपों पर BJP का क्या रुख है?
दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के ईवीएम हैकिंग के आरोपों को उनका 'पुराना फंडा' बताते हुए खारिज किया। उनका कहना था कि चुनाव हारने पर विपक्ष हमेशा इस तरह के आरोप लगाता है।
कांग्रेस के जंतर-मंतर विरोध पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने कांग्रेस के प्रस्तावित जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि विंटर सेशन के दौरान कांग्रेस सांसद धूप सेंकने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये जनता के बीच जाकर काम करें, तभी लोग इन्हें गंभीरता से लेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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