क्या निष्पक्ष चुनाव के लिए बंगाल में एसआईआर की आवश्यकता है? : दिलीप घोष

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या निष्पक्ष चुनाव के लिए बंगाल में एसआईआर की आवश्यकता है? : दिलीप घोष

सारांश

क्या पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव के लिए एसआईआर की आवश्यकता है? जानिए दिलीप घोष और सुवेंदु अधिकारी के विचार, और कैसे बिहार के मॉडल को अपनाने से चुनावी प्रक्रिया में सुधार हो सकता है।

मुख्य बातें

बंगाल में एसआईआर की मांग बिहार का मॉडल अपनाने की आवश्यकता भाजपा नेताओं का समर्थन टीएमसी का इस्तीफा मतदाता सूची में सुधार

कोलकाता, ११ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बिहार की तरह राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लागू करने की अपील की है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने उनके इस सुझाव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर को प्रभावी तरीके से लागू किया, उसी मॉडल को पश्चिम बंगाल में भी अपनाना चाहिए।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "बिल्कुल, जिस तरह चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर को सफलतापूर्वक लागू किया, ऐसा ही बंगाल में भी होगा और यह यहाँ भी सफल होगा। इसके बाद निष्पक्ष चुनाव होंगे।"

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के बयान पर दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। घोष ने कहा कि टीएमसी की सरकार ने बंगाल में तीन बार चुनाव जीते हैं, इसलिए पहले उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, "जो कुछ हुआ, वह हो चुका है। देश में कई चीजें गलत हो रही थीं। पीएम मोदी आए और उन्होंने इसे ठीक किया। संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक नए कानून बनाए गए और चुनाव आयोग को मजबूत किया गया। १५० साल पुराने ब्रिटिश कानून को सुधारा गया। उसी तरह, मतदाता सूची में त्रुटियों को भी ठीक किया जाएगा। चुनाव आयोग इसके लिए तैयारी कर रहा है।"

दिलीप घोष ने भारत की वैश्विक मित्रता पर जोर देते हुए कहा, "भारत का पूरी दुनिया के साथ दोस्ताना रिश्ता है। जब भी दुनिया में कहीं कोई समस्या होती है या मानवता संकट में होती है, हम सबसे पहले पहुंचकर मदद करते हैं। हम सेवा करते समय जाति, धर्म या देश नहीं देखते। इसी तरह, अमेरिका के लोगों के साथ भी हमारे अच्छे रिश्ते हैं। अगर कोई नेतृत्व के कारण गलत करता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि इसे बर्दाश्त किया जाएगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। बिहार का मॉडल एक संभावित समाधान हो सकता है, लेकिन इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल में एसआईआर क्यों जरूरी है?
बंगाल में चुनावी प्रक्रिया में सुधार लाने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले