श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस बनाम भाजपा: राज्य का दर्जा और बिजली दरों पर आमने-सामने
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार, 2 सितंबर को श्रीनगर में एक-दूसरे के खिलाफ अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किए। दोनों दलों ने परस्पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरे, जिससे शहर में तनाव का माहौल बना रहा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस का भाजपा मुख्यालय घेराव
नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाजपा मुख्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने संवैधानिक गारंटी, राज्य का दर्जा बहाली, आरक्षण से जुड़ी फाइल की मंजूरी और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए न्याय की माँग दोहराई। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा, 'हम यहाँ मोदी और सुप्रीम कोर्ट के किए गए वादों को पूरा करवाने आए हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'हम भाजपा के साथ नहीं जुड़ना चाहते, क्योंकि उनकी स्थानीय लीडरशिप जमाखाते में नहीं है। हम बस दिल्ली भाजपा को याद दिलाना चाहते हैं कि वे जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए वादे पूरे करें।'
सादिक ने युवाओं के लिए रैशनलाइजेशन फाइल का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि सरकार इसे अब तक वापस क्यों नहीं कर रही।
विधायक मुजफ्फर हुसैन बेग की माँग — तीसरा चरण पूरा करे केंद्र
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल ने सर्वोच्च न्यायालय को सरकार की ओर से भरोसा दिलाया था कि जम्मू-कश्मीर में प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी — सामान्य स्थिति की बहाली, चुनाव और राज्य का दर्जा। उन्होंने कहा, 'आपने दो चरण पूरे कर लिए हैं। आपने तीसरे चरण को टाल दिया है। जब आप तीसरा चरण पूरा करेंगे, तो उमर अब्दुल्ला की सरकार को इतनी शक्तियाँ मिल जाएंगी कि वह जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए अपने वादों को पूरा कर सकेगी।'
बेग ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से संसद में वादे किए हैं और उन्हें पूरा करना उनकी नैतिक, राजनीतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
पुलिस से टकराव और हिरासत
प्रदर्शन के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता अजय कुमार मल्होत्रा ने कहा, 'आज हम भाजपा दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने आए थे। उमर अब्दुल्ला साहब ने जंतर मंतर पर जो प्रदर्शन किया था, उसी कड़ी में हमने भाजपा दफ्तर का घेराव किया है। हमारी यही माँग है कि हमसे जो स्टेटहुड का वादा किया है, उसे बहाल करें।'
भाजपा का पलटवार — बिजली दरें और भ्रष्टाचार के आरोप
उधर, भाजपा ने लाल चौक से सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला। विधानसभा में नेता विपक्ष सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि रास्ते में पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन पर लाठियाँ चलाईं। उन्होंने कहा, 'पुलिस आज यहाँ की सरकार के साथ हमदर्दी दिखा रही है।'
शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर बिजली दरें बढ़ाकर गरीबों पर बोझ डालने, पंचायती राज चुनाव न कराने और 25 हजार नौकरियाँ ठेकेदारों को देने के आरोप लगाए। भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, 'नेशनल कॉन्फ्रेंस की नाकामियों ने जनता के सामने उनका असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। इन नाकामियों को छिपाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस भी प्रदर्शन कर रही है।'
कठुआ में भी विरोध — बिजली दर वापसी की माँग
भाजपा ने कठुआ में भी बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ अलग प्रदर्शन किया। नगरोटा गूजरू के पूर्व डीडीसी सदस्य नारायण दत्त त्रिपाठी ने कहा, 'उमर सरकार के मेनिफेस्टो में 200 यूनिट बिजली मुफ्त और एक लाख नौकरी देना शामिल था। उनके मेनिफेस्टो में जो है, वह एक भी चीज सरकार दे नहीं पाई।'
गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह राजनीतिक संघर्ष और तीखा होने की संभावना है।