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श्रीनगर में NC-BJP आमने-सामने: भाजपा दफ्तर घेराव और सिविल सचिवालय मार्च, भारी सुरक्षा तैनाती

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श्रीनगर में NC-BJP आमने-सामने: भाजपा दफ्तर घेराव और सिविल सचिवालय मार्च, भारी सुरक्षा तैनाती

सारांश

श्रीनगर में 2 सितंबर को NC और BJP एक-दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतरे — NC ने BJP दफ्तर का घेराव किया, BJP ने लाल चौक से सिविल सचिवालय तक मार्च निकाला। राज्य के दर्जे और चुनावी वादों पर यह टकराव जम्मू-कश्मीर की नई राजनीतिक धुरी को दर्शाता है।

मुख्य बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2 सितंबर को श्रीनगर और जम्मू में BJP मुख्यालयों के शांतिपूर्ण 'घेराव' का आह्वान किया।
BJP ने लाल चौक से सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला; भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद कार्यकर्ता एकत्र हुए।
जवाहर नगर , राज बाग और वजीर बाग में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात; BJP दफ्तर की ओर जाने वाली सड़कें बंद।
NC का विरोध राज्य का दर्जा बहाल करने और संवैधानिक सुरक्षा की माँगों को लेकर है।
BJP का मार्च 2024 विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों — रोज़गार, मुफ्त बिजली, बेहतर प्रशासन — को पूरा न करने के कथित आरोपों पर केंद्रित है।

श्रीनगर में 2 सितंबर को राजनीतिक तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक-दूसरे के कार्यालयों के बाहर एकसाथ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। फारूक अब्दुल्ला की पार्टी ने श्रीनगर और जम्मू में BJP मुख्यालयों के शांतिपूर्ण 'घेराव' का आह्वान किया, जबकि BJP ने लाल चौक से सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने शहर के कई इलाकों में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की।

मुख्य घटनाक्रम

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित घेराव को देखते हुए पुलिस ने जवाहर नगर स्थित BJP कार्यालय की ओर जाने वाली कई सड़कों को बंद कर दिया। जवाहर नगर, राज बाग और वजीर बाग सहित आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। वाहनों को BJP मुख्यालय की दिशा में जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों की आवाजाही प्रभावित हुई।

दूसरी ओर, BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद लाल चौक पर एकत्र होकर सिविल सचिवालय की ओर मार्च की तैयारी की। बटमालू इलाके में सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क पर भी सुरक्षाबल मुस्तैद रहे।

विरोध प्रदर्शन के कारण

नेशनल कॉन्फ्रेंस का यह घेराव राज्य का दर्जा बहाल करने, संवैधानिक सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य अनसुलझे मुद्दों की माँगों को लेकर किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र-राज्य संबंधों पर राजनीतिक बहस तेज हो रही है।

BJP का विरोध मार्च नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार की कथित विफलता के खिलाफ है — आलोचकों का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान रोज़गार, मुफ्त बिजली और बेहतर प्रशासन जैसे किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि यह जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच पहला इस स्तर का सीधा टकराव है।

सुरक्षा इंतजाम और यातायात पर असर

प्रशासन ने किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा घेरा बनाया। जवाहर नगर की ओर ट्रैफिक कई बिंदुओं पर रोका गया, जिसका असर आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों की सामान्य आवाजाही पर पड़ा। पुलिस की तैनाती का मकसद दोनों पार्टियों के प्रदर्शनकारियों के बीच किसी भी अप्रिय स्थिति को टालना बताया गया।

राजनीतिक परिदृश्य

जम्मू-कश्मीर में 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सत्ता में आई थी। तब से BJP और NC के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। यह पहली बार है जब दोनों पार्टियाँ एक ही दिन एक-दूसरे के खिलाफ एकसाथ सड़क पर उतरी हैं, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति का संकेत देती है।

आगे क्या

दोनों पार्टियों के विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज होने की संभावना है। प्रशासन की नज़र स्थिति पर बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राजनीतिक सक्रियता आने वाले महीनों में जम्मू-कश्मीर में सत्ता और विपक्ष के संबंधों को और जटिल बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि BJP का सचिवालय मार्च चुनावी वादों की जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश — दोनों एक-दूसरे की कमज़ोरी का फायदा उठा रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये प्रदर्शन ठोस नीतिगत बदलाव लाएँगे, या 2024 के बाद की राजनीति में महज़ प्रतीकात्मक बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में NC और BJP का विरोध प्रदर्शन किस बारे में है?
2 सितंबर को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने BJP कार्यालयों का घेराव किया और BJP ने लाल चौक से सिविल सचिवालय तक मार्च निकाला। NC का विरोध राज्य के दर्जे की बहाली और संवैधानिक सुरक्षा की माँगों को लेकर है, जबकि BJP 2024 के चुनावी वादे पूरे न होने का आरोप लगा रही है।
श्रीनगर में सुरक्षाबलों की तैनाती क्यों की गई?
दोनों पार्टियों के एकसाथ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने जवाहर नगर, राज बाग, वजीर बाग, लाल चौक और बटमालू में भारी पुलिस बल तैनात किया। BJP दफ्तर की ओर जाने वाली कई सड़कें बंद की गईं ताकि किसी भी संभावित टकराव को रोका जा सके।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने BJP का घेराव क्यों किया?
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने, संवैधानिक सुरक्षा और अन्य स्थानीय मुद्दों की माँगों को लेकर यह घेराव किया। पार्टी ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया।
BJP का सिविल सचिवालय मार्च किस मुद्दे पर था?
BJP का मार्च नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों — रोज़गार, मुफ्त बिजली और बेहतर प्रशासन — को पूरा न करने के कथित आरोपों को लेकर था। भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद BJP नेता और कार्यकर्ता लाल चौक पर एकत्र हुए।
इन प्रदर्शनों का आम जनता पर क्या असर पड़ा?
जवाहर नगर और आसपास के इलाकों में सड़कें बंद होने से रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों की आवाजाही प्रभावित हुई। वाहनों को BJP मुख्यालय की दिशा में जाने से रोका गया, जिससे दिनभर यातायात व्यवस्था बाधित रही।
राष्ट्र प्रेस
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