कानपुर में 58 वर्षीय उमा कुशवाहा की हत्या: लूट के बाद शव कुर्सी पर, जबरन घुसपैठ का कोई सबूत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 2 सितंबर 2026 को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जब मासवानपुर स्थित एक आवासीय मकान में 58 वर्षीय उमा कुशवाहा की हत्या कर दी गई और घर से गहने लूट लिए गए। पुलिस के अनुसार, बदमाश शव को कुर्सी पर बैठाकर फरार हो गए — और घटना का खुलासा तब हुआ जब किराएदार सपना गुप्ता रात करीब 8 बजे पानी भरने के लिए मोटर चलाने पहुँचीं।
घटनाक्रम: कैसे हुआ खुलासा
सपना गुप्ता के अनुसार, शाम करीब 7 बजे उनके पति ने उमा को फोन किया कि पानी की मोटर चालू की जाए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उमा के पति शिवमंगल कुशवाहा ने भी फोन किया — वह भी निष्फल रहा। शिवमंगल के कहने पर किराएदार ने दरवाज़ा धकेलकर खोला और उमा को मृत अवस्था में कुर्सी पर बैठे पाया।
सपना ने बताया, 'जब मेरे पति ने दरवाज़ा धक्का देकर खोला, तो हमने उन्हें इस हालत में पाया।' घर पहुँचे शिवमंगल को पहले लगा कि पत्नी को दिल का दौरा पड़ा है, लेकिन पास जाने पर गर्दन पर काला-नीला निशान और कमरे में बिखरा सामान देखकर लूट के बाद हत्या का संदेह हुआ।
जांच में सामने आए अहम सुराग
रावतपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम रात करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुँची। शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात शाम 5 से 6 बजे के बीच हुई। पुलिस को घर में जबरन घुसपैठ का कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिला — न टूटा ताला, न टूटी खिड़की।
जांचकर्ताओं के अनुसार, केवल बड़े बेटे अमरीश की अलमारी टूटी हुई मिली, जबकि छोटे बेटे आशीष की अलमारी को हाथ तक नहीं लगाया गया था। पुलिस का मानना है कि अलमारी को चाबी से खोला गया, जबकि गहनों वाली तिजोरी को किसी नुकीली चीज़ से तोड़ा गया। शिवमंगल ने पुलिस को बताया कि अलमारी में बड़े बेटे की पत्नी नेहा और उमा के गहने रखे थे।
पुलिस का संदेह: परिचित हो सकते हैं आरोपी
डीसीपी (वेस्ट) एसएम कासिम अब्दी ने कहा, 'शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में घर में जबरन घुसने का कोई संकेत या सबूत नहीं मिला है।'
जांच टीम को संदेह है कि आरोपी परिवार के परिचित हो सकते हैं और उन्हें पहले से पता था कि अलमारी की चाबी कहाँ रखी है। यह ऐसे समय में आया है जब कानपुर में घरेलू अपराध की घटनाओं पर पुलिस पहले से दबाव में है।
परिवार की पृष्ठभूमि
केशवपुरम के हसनपुर निवासी शिवमंगल कुशवाहा मासवानपुर में बुक स्टॉल चलाते हैं और अपनी पत्नी उमा के साथ वहीं रहते थे। उनके बड़े बेटे अमरीश ने मासवानपुर में अलग घर बना रखा है, जबकि छोटे बेटे आशीष दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं।
आगे की जांच
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और परिजनों से विस्तृत पूछताछ की है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत का सटीक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।