दिलीप घोष का बड़ा आरोप: बंगाल में बिना लाइसेंस सरकारी ज़मीन पर चल रहे होटल-रेस्टोरेंट
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 2 सितंबर को न्यूटाउन में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य में होटल और रेस्टोरेंट से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान बिना ज़रूरी अनुमति और लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं और कई जगह सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान, तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी और पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने के मुद्दे पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
होटल-रेस्टोरेंट की अनियमितताएँ
घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर बड़ी संख्या में होटल और रेस्टोरेंट बिना फायर सेफ्टी लाइसेंस और अन्य ज़रूरी परमिट के चल रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई प्रतिष्ठान सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से काबिज़ हैं।
खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन पर भी घोष ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं और सड़े हुए मांस की शिकायतें बेहद गंभीर हैं। घोष ने बताया कि पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है और कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे स्थिति सुधरेगी।
एससीओ फोटो विवाद पर पाकिस्तान पर निशाना
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एससीओ समूह फोटो के कथित एडिटेड संस्करण को साझा किए जाने — जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रेम से हटाया गया बताया जा रहा है — पर घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने इसे धोखाधड़ी और चालाकी करार दिया और कहा कि इस तरह की हरकतों से पाकिस्तान अपनी ही अंतरराष्ट्रीय छवि खराब कर रहा है। घोष के अनुसार, 'ऐसी हरकतों से भारत पर कोई फर्क नहीं पड़ता।'
शहबाज शरीफ पर कटाक्ष
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर टिप्पणी करते हुए घोष ने कहा कि उन्होंने अपने देश को बेहद खराब स्थिति में पहुँचा दिया है। शरीफ द्वारा प्रधानमंत्री मोदी से तुलना किए जाने पर घोष ने कटाक्ष किया और कहा कि पहले उन्हें पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। घोष ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की जनता खुद अपने प्रधानमंत्री के खिलाफ नाराज़गी जाहिर करती है।
अभिषेक बनर्जी पर कानूनी टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पर घोष ने कहा कि उन्हें अदालत में जाकर अपना बयान दर्ज कराना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में अंतिम फैसला अदालत का ही होगा।
पाकिस्तान में मंदिर विध्वंस पर प्रतिक्रिया
पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने की खबरों पर घोष ने कहा कि यदि पाकिस्तान सही रास्ते पर चले तो उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और वह आर्थिक संकट से बाहर निकल सकता है। उन्होंने पाकिस्तान पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार, मंदिरों को नुकसान पहुँचाने और मूर्तियाँ तोड़ने का आरोप लगाया।
घोष ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे धर्मों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय अपने देश के विकास और आर्थिक स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और एससीओ फोटो विवाद ने नया विवाद खड़ा किया है।