सस्पेंडेड BDO की गिरफ्तारी पर दिलीप घोष का बड़ा बयान — 'अपराधियों से थी पुलिस की दोस्ती'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 26 मई को न्यूटाउन में पत्रकारों से बात करते हुए सस्पेंडेड खंड विकास अधिकारी (BDO) प्रशांत रॉय बर्मन की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। घोष ने आरोप लगाया कि पुलिस और अपराधियों के बीच सांठगांठ के कारण ही यह गिरफ्तारी इतने समय तक टलती रही।
मंत्री का पुलिस पर सीधा आरोप
दिलीप घोष ने कहा कि अपराधियों के साथ पुलिस की दोस्ती थी, इसलिए प्रशांत रॉय बर्मन की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल की जनता जिस तरह आक्रोशित हो रही है, उससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है और पुलिस के लिए भी बचना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'सरकार और जनता की उम्मीद है कि पुलिस कानून की रक्षा करे और कानून के अनुसार काम भी करे।'
अभिषेक बनर्जी के घर कोलकाता पुलिस की दस्तक
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के आवास पर कोलकाता पुलिस के पहुँचने के सवाल पर घोष ने कहा कि TMC के हर एक नेता के पास कितनी संपत्ति है, यह किसी को पता नहीं। उन्होंने कहा कि इसकी भी खोजबीन की जा रही है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
TMC की बैठक पर तंज
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक बैठक को लेकर घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिनको मीटिंग करना है, वे आ ही नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब ममता बनर्जी को बैठक करनी चाहिए थी, तब नहीं की — अब बुला रही हैं तो कोई नहीं आ रहा।' यह टिप्पणी पार्टी में बढ़ते असंतोष की ओर इशारा करती है।
अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई का बचाव
अवैध निर्माणों पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई के बारे में घोष ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से सरकारी जमीन, लोगों की जगह, दुकान, बाजार और तालाब को लूटकर अवैध निर्माण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे निर्माणों को ध्वस्त किया जाना ज़रूरी है, भले ही इससे तकलीफ हो। यह बयान उस समय आया है जब राज्य में अतिक्रमण-विरोधी अभियान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।