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पश्चिम बंगाल: सोने के व्यापारी की हत्या का फरार आरोपी पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल: सोने के व्यापारी की हत्या का फरार आरोपी पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन गिरफ्तार

सारांश

सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण आदेश को ठुकराकर महीनों से फरार चल रहा पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन आखिरकार अपनी लापरवाही का शिकार हुआ — नशे में गाड़ी चलाते हुए दुर्घटना और गाली-गलौज ने उसे पुलिस तक पहुँचा दिया। सोने के व्यापारी की हत्या का यह मामला अब अदालत में नया मोड़ लेगा।

मुख्य बातें

पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन को 26 मई 2026 की आधी रात न्यू टाउन, कोलकाता में गिरफ्तार किया गया।
बर्मन पर 29 अक्टूबर 2025 को सॉल्ट लेक, दत्ताबाद में सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण का आदेश दिया था, जिसकी बर्मन ने अनदेखी की।
नशे में गाड़ी चलाते हुए दोपहिया वाहन को टक्कर मारने और गाली-गलौज के बाद इकोपार्क पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
बर्मन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ नेताओं का करीबी बताया जाता है।

पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के रायगंज ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) प्रशांत बर्मन को आखिरकार 26 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। बर्मन पर कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित दत्ताबाद में सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण के आदेश की अनदेखी करने के बाद से वह महीनों से फरार था।

गिरफ्तारी कैसे हुई

बर्मन की गिरफ्तारी सोमवार आधी रात के आसपास कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यू टाउन में हुई। बिधाननगर सिटी पुलिस के अनुसार, बर्मन नशे की हालत में अपनी कार चला रहा था और उसने एक दोपहिया वाहन चालक को टक्कर मार दी।

टक्कर के बाद दोपहिया वाहन चालक ने बर्मन की गाड़ी का रास्ता रोककर उसे बाहर निकलने को कहा। माफी माँगने के बजाय नशे में धुत बर्मन ने उसे गालियाँ देना शुरू कर दिया। जल्द ही वहाँ स्थानीय लोग जमा हो गए और बर्मन ने उन्हें भी गाली-गलौज की। वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने इस पूरे बर्ताव को रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर फैल गया — हालाँकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

स्थानीय इकोपार्क पुलिस स्टेशन के कर्मी मौके पर पहुँचे, बर्मन को हिरासत में लिया और थाने ले जाकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। उसे निचली अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

मूल आरोप और मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 29 अक्टूबर 2025 का है, जब सॉल्ट लेक के दत्ताबाद में एक नहर के पास से सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या का शव बरामद हुआ था। बर्मन पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया गया। गौरतलब है कि बर्मन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ नेताओं का करीबी विश्वासपात्र बताया जाता है।

न्यायिक आदेशों की अनदेखी

आरोप लगने के बाद बर्मन ने एक सब-डिविजनल कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। बिधाननगर सिटी पुलिस ने इसे कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसने अग्रिम जमानत रद्द करते हुए उसे 22 दिसंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।

बर्मन ने आत्मसमर्पण नहीं किया, जिसके बाद बिधाननगर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इस पर बर्मन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने उसे 23 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण का अंतिम आदेश दिया। इसके बावजूद वह फरार रहा — और अंततः एक सड़क दुर्घटना में नशे की हालत में पकड़ा गया।

आगे की कार्रवाई

बर्मन की गिरफ्तारी के बाद अब हत्या और अपहरण के मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मुद्दा भी उठ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नशे में की गई एक सड़क दुर्घटना से। यह इस बात का संकेत है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद महीनों तक एक आरोपी सरकारी अधिकारी खुलेआम घूमता रहा। बर्मन का TMC नेताओं से कथित करीबी संबंध और उसकी लंबी फरारी, राज्य में राजनीतिक संरक्षण के उन सवालों को फिर से उठाती है जो पश्चिम बंगाल में बार-बार सामने आते हैं। अदालत की अवमानना का पहलू अभी भी अनसुलझा है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत बर्मन कौन हैं और उन पर क्या आरोप है?
प्रशांत बर्मन पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के रायगंज ब्लॉक के पूर्व बीडीओ हैं। उन पर अक्टूबर 2025 में कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित दत्ताबाद में सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या का आरोप है।
प्रशांत बर्मन को कैसे और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
बर्मन को 26 मई 2026 की आधी रात कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में गिरफ्तार किया गया। वह नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था, जिसने एक दोपहिया वाहन को टक्कर मारी और बाद में स्थानीय लोगों से गाली-गलौज की, जिसके बाद इकोपार्क पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने बर्मन को क्या आदेश दिया था?
जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने बर्मन को 23 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण का आदेश दिया था। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत रद्द कर 22 दिसंबर 2025 तक आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था, जिसकी बर्मन ने अनदेखी की।
स्वपन कामिल्या हत्याकांड क्या है?
29 अक्टूबर 2025 को कोलकाता के सॉल्ट लेक के दत्ताबाद में एक नहर के पास सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या का शव मिला था। बर्मन पर उनके अपहरण और हत्या का आरोप लगाया गया, जिसके बाद वह फरार हो गया था।
बर्मन की गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
बर्मन को जल्द ही निचली अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण आदेश की अनदेखी के कारण अदालती अवमानना का मामला भी उठ सकता है। हत्या और अपहरण के मामले में न्यायिक सुनवाई अब आगे बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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