पश्चिम बंगाल: सोने के व्यापारी की हत्या का फरार आरोपी पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के रायगंज ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) प्रशांत बर्मन को आखिरकार 26 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। बर्मन पर कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित दत्ताबाद में सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण के आदेश की अनदेखी करने के बाद से वह महीनों से फरार था।
गिरफ्तारी कैसे हुई
बर्मन की गिरफ्तारी सोमवार आधी रात के आसपास कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यू टाउन में हुई। बिधाननगर सिटी पुलिस के अनुसार, बर्मन नशे की हालत में अपनी कार चला रहा था और उसने एक दोपहिया वाहन चालक को टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद दोपहिया वाहन चालक ने बर्मन की गाड़ी का रास्ता रोककर उसे बाहर निकलने को कहा। माफी माँगने के बजाय नशे में धुत बर्मन ने उसे गालियाँ देना शुरू कर दिया। जल्द ही वहाँ स्थानीय लोग जमा हो गए और बर्मन ने उन्हें भी गाली-गलौज की। वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने इस पूरे बर्ताव को रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर फैल गया — हालाँकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।
स्थानीय इकोपार्क पुलिस स्टेशन के कर्मी मौके पर पहुँचे, बर्मन को हिरासत में लिया और थाने ले जाकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। उसे निचली अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
मूल आरोप और मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 29 अक्टूबर 2025 का है, जब सॉल्ट लेक के दत्ताबाद में एक नहर के पास से सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या का शव बरामद हुआ था। बर्मन पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया गया। गौरतलब है कि बर्मन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ नेताओं का करीबी विश्वासपात्र बताया जाता है।
न्यायिक आदेशों की अनदेखी
आरोप लगने के बाद बर्मन ने एक सब-डिविजनल कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। बिधाननगर सिटी पुलिस ने इसे कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसने अग्रिम जमानत रद्द करते हुए उसे 22 दिसंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
बर्मन ने आत्मसमर्पण नहीं किया, जिसके बाद बिधाननगर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इस पर बर्मन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने उसे 23 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण का अंतिम आदेश दिया। इसके बावजूद वह फरार रहा — और अंततः एक सड़क दुर्घटना में नशे की हालत में पकड़ा गया।
आगे की कार्रवाई
बर्मन की गिरफ्तारी के बाद अब हत्या और अपहरण के मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मुद्दा भी उठ सकता है।