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क्या पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशांत बर्मन को राजगंज ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पद से हटाया?

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क्या पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशांत बर्मन को राजगंज ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पद से हटाया?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशांत बर्मन को बीडीओ के पद से हटाया। जानिए इस मामले में क्या हुआ और आगे की क्या संभावना है।

मुख्य बातें

प्रशांत बर्मन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पद से हटाया गया।
नया बीडीओ सौरव कांति मंडल नियुक्त किया गया।
सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या का अपहरण और हत्या का मामला गंभीर है।
पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रशांत बर्मन का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है।

कोलकाता, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने राजगंज ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) प्रशांत बर्मन को कोलकाता के सॉल्ट लेक के दत्ताबाद में सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या के मामले में सरेंडर करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 24 घंटे के भीतर प्रशांत बर्मन को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में राजगंज के बीडीओ पद से हटा दिया गया।

इस दौरान, पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को सौरव कांति मंडल को नया राजगंज बीडीओ नियुक्त किया। वह राजगंज के जॉइंट बीडीओ के रूप में कार्य कर चुके हैं।

मंगलवार को स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक खगेश्वर रॉय ने नव नियुक्त बीडीओ का सम्मान किया। उन्होंने आशा जताई कि अब राजगंज ब्लॉक में कार्य की गति बढ़ेगी।

तृणमूल विधायक ने कहा, "रुका हुआ प्रशासनिक कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ेगा। आम जनता को इसका लाभ होगा।"

पिछले वर्ष 29 अक्टूबर को, सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या का शव कोलकाता के पास न्यू टाउन के जात्रागाछी से बरामद किया गया था। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

राजगंज बीडीओ प्रशांत बर्मन का नाम भी इस मामले से जुड़ा था। बिधाननगर पुलिस ने कहा कि प्रशांत बर्मन इस घटना के मुख्य आरोपी हैं। सोने के व्यापारी की हत्या के मामले में नाम आने के बाद पूर्व राजगंज बीडीओ छिप गए थे।

विपक्षी भाजपा ने आरोप लगाया है कि प्रशांत बर्मन का नाम हत्या के मामले में आने के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार ने उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजगंज बीडीओ को जल्दी ही बदला गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रशांत बर्मन बार-बार अदालतों में गए।

उन्होंने सबसे पहले उत्तर 24 परगना जिले की बारासात अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, जो उन्हें मिल गई। इसके बाद बिधाननगर पुलिस ने कलकत्ता हाईकोर्ट में बारासात अदालत के आदेश को चुनौती दी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूछा कि प्रशांत बर्मन को अग्रिम जमानत क्यों दी गई और बारासात अदालत के आदेश को पलट दिया। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने अग्रिम जमानत खारिज करते हुए निर्देश दिया कि प्रशांत बर्मन को 72 घंटे के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करना होगा।

हालांकि, प्रशांत बर्मन ने उस समय के बाद भी सरेंडर नहीं किया। इसके बाद, पुलिस ने प्रशांत बर्मन के खिलाफ बिधाननगर कोर्ट में संपर्क किया और गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।

प्रशांत बर्मन ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें शुक्रवार तक निचली अदालत में सरेंडर करना होगा।

जस्टिस राजेश बिंदल और विजय बिश्नोई की बेंच ने यह भी कहा कि प्रशांत बर्मन सरेंडर करने के बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस निचली अदालत में जमानत याचिका का विरोध कर सकती है और यदि जांच के लिए आवश्यक हो तो कस्टडी की मांग कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 24 घंटे के भीतर ही प्रशांत बर्मन को बीडीओ के पद से हटा दिया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक ऐसे मामले समाज में चिंता का विषय बने रहेंगे। हमें उम्मीद है कि यह बदलाव सकारात्मक परिणाम लाएगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत बर्मन को क्यों हटाया गया?
उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपहरण और हत्या के मामले में सरेंडर करने के लिए हटाया गया।
स्वपन कामिल्या का मामला क्या है?
यह मामला सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या से संबंधित है।
पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्या प्रशांत बर्मन ने सरेंडर किया?
नहीं, प्रशांत बर्मन ने अब तक सरेंडर नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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