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बारुईपुर एनकाउंटर पर दिलीप घोष का बड़ा बयान: पुलिस को पूरी छूट, बंगाल में कानून का राज हर हाल में लागू होगा

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बारुईपुर एनकाउंटर पर दिलीप घोष का बड़ा बयान: पुलिस को पूरी छूट, बंगाल में कानून का राज हर हाल में लागू होगा

सारांश

बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म-हत्या के आरोपी के एनकाउंटर के बाद पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने पुलिस कार्रवाई का पूरा समर्थन किया और ममता बनर्जी की रैली में हुई झड़प को TMC के संगठनात्मक पतन का प्रमाण बताया — बंगाल की राजनीति में यह टकराव और गहरा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने 9 जुलाई को कहा कि सरकार ने पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी स्वतंत्रता दी है।
8 जुलाई को बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई।
पुलिस के अनुसार, क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की।
कोलकाता में TMC के विरोध मार्च के दौरान बालीगंज से हाजरा क्रॉसिंग के बीच TMC और BJP समर्थकों में झड़प हुई।
घोष ने कहा कि पिछले 50 साल से बंगाल की जनता ने कानून का राज नहीं देखा और अब यह बदलेगा।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 9 जुलाई को राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति, बारुईपुर एनकाउंटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ममता बनर्जी की रैली में हुई झड़प पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है और किसी भी आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटा जाएगा।

मंत्री दिलीप घोष का कानून-व्यवस्था पर रुख

घोष ने कहा, 'पश्चिम बंगाल सरकार कानून-व्यवस्था स्थापित करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। जो भी आवश्यक होगा, वह किया जाएगा। राज्य में कानून का राज स्थापित होना ही चाहिए। पिछले 50 साल से बंगाल की जनता ने कानून का राज नहीं देखा है। लोगों को यह भ्रम हो गया है कि वे कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं चलेगा।' उनके इस बयान को राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के कड़े रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

बारुईपुर एनकाउंटर: क्या हुआ था

8 जुलाई को बारुईपुर में एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अपराध स्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन) कराते समय आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। इस एनकाउंटर पर बोलते हुए मंत्री घोष ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई एक तय मॉडल नहीं होता और पुलिस को सरकार ने पूरी स्वतंत्रता दी है।

ममता बनर्जी की रैली में हंगामा

8 जुलाई को कोलकाता में TMC की ओर से बारुईपुर कांड के विरोध में एक मार्च निकाला गया था। यह रैली बालीगंज पुलिस चौकी से शुरू होकर हाजरा क्रॉसिंग की ओर बढ़ रही थी, जब TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इस हंगामे पर घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी की पार्टी का कभी कोई मजबूत संगठन नहीं रहा। यह सिर्फ भीड़ थी, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे। जब स्थिति संभालने का समय आया तो उन्होंने कुछ नहीं किया।'

ममता बनर्जी पर सीधा हमला

घोष ने TMC प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता, विधायक और सांसद तक उनका साथ छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'अब जो थोड़े-बहुत लोग बचे हैं, उन्हें ही थप्पड़ मार रही हैं।' यह टिप्पणी TMC के आंतरिक संगठनात्मक संकट की ओर इशारा मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बारुईपुर कांड को लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है।

आगे की स्थिति

बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज में सवाल उठ रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया जा रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था का मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक केंद्र बिंदु बनने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 'पूरी स्वतंत्रता' जैसे शब्द जवाबदेही के सवाल को और पेचीदा बनाते हैं। बंगाल में कानून-व्यवस्था का मुद्दा दशकों पुराना है, लेकिन एनकाउंटर को सार्वजनिक रूप से उचित ठहराना — बिना स्वतंत्र जाँच का इंतजार किए — सरकार को रक्षात्मक स्थिति में डाल सकता है। ममता बनर्जी की रैली में हुई झड़प और TMC के आंतरिक विखंडन की बात करना BJP के लिए राजनीतिक अवसर है, लेकिन मुख्य मुद्दा — एक बच्ची के साथ हुआ जघन्य अपराध और उसके बाद की प्रक्रिया — इस राजनीतिक बयानबाजी में दब न जाए, यह सुनिश्चित करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर एनकाउंटर क्या है और आरोपी की मौत कैसे हुई?
बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी की 8 जुलाई को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन के दौरान उसने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में वह मारा गया।
दिलीप घोष ने पुलिस को 'पूरी छूट' देने की बात क्यों कही?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई एक तय तरीका नहीं होता और सरकार ने पुलिस को जो भी जरूरी लगे वह करने की पूरी स्वतंत्रता दी है। यह बयान बारुईपुर एनकाउंटर के बाद उठे सवालों के संदर्भ में आया।
कोलकाता में ममता बनर्जी की रैली में क्या हुआ?
8 जुलाई को कोलकाता में TMC की ओर से बारुईपुर कांड के विरोध में एक मार्च निकाला गया, जो बालीगंज पुलिस चौकी से हाजरा क्रॉसिंग की ओर जा रहा था। इस दौरान TMC और BJP समर्थकों के बीच झड़प हो गई।
दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
घोष ने कहा कि TMC का कभी कोई मजबूत संगठन नहीं रहा और रैली में असामाजिक तत्व शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी के कार्यकर्ता, विधायक और सांसद तक उनका साथ छोड़ चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का क्या रुख है?
मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, राज्य सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 साल से बंगाल की जनता ने कानून का राज नहीं देखा और अब यह बदलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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