बारुईपुर एनकाउंटर पर दिलीप घोष का बड़ा बयान: पुलिस को पूरी छूट, बंगाल में कानून का राज हर हाल में लागू होगा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 9 जुलाई को राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति, बारुईपुर एनकाउंटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ममता बनर्जी की रैली में हुई झड़प पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है और किसी भी आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटा जाएगा।
मंत्री दिलीप घोष का कानून-व्यवस्था पर रुख
घोष ने कहा, 'पश्चिम बंगाल सरकार कानून-व्यवस्था स्थापित करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। जो भी आवश्यक होगा, वह किया जाएगा। राज्य में कानून का राज स्थापित होना ही चाहिए। पिछले 50 साल से बंगाल की जनता ने कानून का राज नहीं देखा है। लोगों को यह भ्रम हो गया है कि वे कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं चलेगा।' उनके इस बयान को राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के कड़े रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बारुईपुर एनकाउंटर: क्या हुआ था
8 जुलाई को बारुईपुर में एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अपराध स्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन) कराते समय आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। इस एनकाउंटर पर बोलते हुए मंत्री घोष ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई एक तय मॉडल नहीं होता और पुलिस को सरकार ने पूरी स्वतंत्रता दी है।
ममता बनर्जी की रैली में हंगामा
8 जुलाई को कोलकाता में TMC की ओर से बारुईपुर कांड के विरोध में एक मार्च निकाला गया था। यह रैली बालीगंज पुलिस चौकी से शुरू होकर हाजरा क्रॉसिंग की ओर बढ़ रही थी, जब TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इस हंगामे पर घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी की पार्टी का कभी कोई मजबूत संगठन नहीं रहा। यह सिर्फ भीड़ थी, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे। जब स्थिति संभालने का समय आया तो उन्होंने कुछ नहीं किया।'
ममता बनर्जी पर सीधा हमला
घोष ने TMC प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता, विधायक और सांसद तक उनका साथ छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'अब जो थोड़े-बहुत लोग बचे हैं, उन्हें ही थप्पड़ मार रही हैं।' यह टिप्पणी TMC के आंतरिक संगठनात्मक संकट की ओर इशारा मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बारुईपुर कांड को लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है।
आगे की स्थिति
बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज में सवाल उठ रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया जा रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था का मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक केंद्र बिंदु बनने की संभावना है।