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उज्जनी बांध डेड स्टोरेज लेवल से ऊपर: जलस्तर 492.880 मीटर, लाइव स्टोरेज 26.25% पर पहुंचा

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उज्जनी बांध डेड स्टोरेज लेवल से ऊपर: जलस्तर 492.880 मीटर, लाइव स्टोरेज 26.25% पर पहुंचा

सारांश

पश्चिमी घाट की भारी बारिश ने उज्जनी बांध को डेड स्टोरेज लेवल से ऊपर पहुँचा दिया — जलस्तर 492.880 मीटर, लाइव स्टोरेज मात्र 26.25%। पिछले साल इसी दिन यह 90.43% था। भीमा नदी से 1,31,262 क्यूसेक पानी आ रहा है, पर अभी बांध से कोई निकासी नहीं।

मुख्य बातें

उज्जनी बांध का जलस्तर 9 जुलाई को डेड स्टोरेज लेवल पार कर 492.880 मीटर पर पहुँचा।
लाइव स्टोरेज 14.06 टीएमसी — कुल क्षमता का 26.25% ; पिछले वर्ष यही आँकड़ा 90.43% था।
भीमा नदी से 1,31,262 क्यूसेक पानी बांध की ओर आ रहा है; फिलहाल किसी माध्यम से जल निकासी शून्य।
खड़कवासला बांध से मुथा नदी में 27,303 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, नदी किनारे के गाँवों में हाई अलर्ट ।
कोयना बांध में भंडारण 35.71 टीएमसी (33.93%) ; महाबलेश्वर में 392.8 मिमी बारिश दर्ज।
पालघर का कवडास बांध ओवरफ्लो, सूर्य नदी में 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

पश्चिमी घाट में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पुणे और सोलापुर जिलों की जीवनरेखा माने जाने वाले उज्जनी बांध का जलस्तर डेड स्टोरेज लेवल से ऊपर आ गया है। 9 जुलाई को गुरुवार सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 492.880 मीटर दर्ज किया गया, जो इस मानसून सत्र की एक महत्वपूर्ण जल-प्रबंधन उपलब्धि है।

मौजूदा जल भंडारण की स्थिति

बांध का कुल जल भंडारण 77.72 टीएमसी (2201.09 एमसीयूएम) दर्ज किया गया है, जबकि जीवंत (लाइव) जल भंडारण 14.06 टीएमसी (398.28 एमसीयूएम) है। वर्तमान में बांध की लाइव स्टोरेज क्षमता 26.25 प्रतिशत है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में आज 4 मिमी वर्षा हुई, जबकि इस मानसून सत्र में अब तक कुल 88 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष इसी तारीख को बांध का जलस्तर 496.390 मीटर था। उस समय कुल जल भंडारण 112.11 टीएमसी और जीवंत जल भंडारण 48.45 टीएमसी (90.43 प्रतिशत) दर्ज किया गया था — यानी इस वर्ष की तुलना में स्थिति काफी बेहतर थी।

भीमा नदी का प्रवाह और जल निकासी की स्थिति

दौंड नदी मापन केंद्र पर भीमा नदी का जलस्तर 503.370 मीटर दर्ज किया गया है और वहाँ से 1,31,262 क्यूसेक पानी उज्जनी बांध की ओर आ रहा है। फिलहाल बांध से किसी भी माध्यम से जल निकासी नहीं हो रही है — स्पिलवे, पावर हाउस, नदी स्लूइस, मुख्य नहर, टनल, सिना-माढा लिफ्ट सिंचाई योजना तथा दहीगांव लिफ्ट सिंचाई योजना सभी से जल निकासी शून्य है।

खड़कवासला बांध और मुथा नदी अलर्ट

बीती रात भारी बारिश के बाद खड़कवासला बांध से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ा दी गई थी और मुथा नदी में 27,303 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया। नदी के किनारे बसे गाँवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया था और निवासियों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई।

पालघर और कोयना बांध की स्थिति

बुधवार को पालघर जिले में लगातार भारी बारिश के कारण धामनी बांध अपनी क्षमता के 53 प्रतिशत तक भर गया, जबकि कवडास बांध ओवरफ्लो हो रहा था और सूर्य नदी में लगभग 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मंगलवार को सतारा जिले में भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र की 'लाइफलाइन' कहे जाने वाले कोयना बांध में जल भंडारण 35.71 टीएमसी तक पहुँच गया, जो कुल क्षमता का 33.93 प्रतिशत है। जिला कलेक्टर संतोष पाटिल के अनुसार बांध में पानी 93,000 क्यूसेक की रफ्तार से आ रहा था। सबसे अधिक 392.8 मिमी बारिश महाबलेश्वर रेवेन्यू सर्कल में दर्ज की गई।

प्रशासन की अपील और तैयारी

नागपुर की मेयर मंजूषा ने कहा कि बांध के कैचमेंट क्षेत्र में भारी बारिश जारी है, इसलिए नदी किनारे रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि नगर निगम पूरी तरह तैयार है और नदी के किनारे विभिन्न स्थानों पर अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे महाराष्ट्र में मानसून की तीव्रता बढ़ रही है और जल प्रबंधन एजेंसियाँ उच्च सतर्कता पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में लाइव स्टोरेज का 90% से गिरकर 26% पर आना यह दर्शाता है कि मानसून की शुरुआत अभी भी पिछड़ी हुई है। असली चिंता यह है कि भीमा नदी से भारी प्रवाह आने के बावजूद बांध से कोई निकासी नहीं हो रही — यदि बारिश की तीव्रता अचानक बढ़ी, तो अनियंत्रित छोड़ाव की नौबत आ सकती है, जैसा कि पिछले वर्षों में देखा गया है। पालघर और सतारा में एक साथ बांध भरने की स्थिति यह संकेत देती है कि राज्य की जल प्रबंधन एजेंसियों को समन्वित निर्णय लेने की ज़रूरत है, न कि जिला-स्तरीय अलग-अलग प्रतिक्रिया की।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्जनी बांध का डेड स्टोरेज लेवल क्या होता है?
डेड स्टोरेज लेवल वह न्यूनतम जलस्तर होता है जिसके नीचे बांध से पानी निकालना संभव नहीं होता। उज्जनी बांध के इस स्तर से ऊपर पहुँचने का अर्थ है कि अब पुणे और सोलापुर जिलों को सिंचाई व पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।
9 जुलाई को उज्जनी बांध में कितना पानी है?
9 जुलाई की सुबह 6 बजे तक उज्जनी बांध का जलस्तर 492.880 मीटर दर्ज किया गया। कुल जल भंडारण 77.72 टीएमसी और लाइव स्टोरेज 14.06 टीएमसी (26.25%) है।
क्या उज्जनी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है?
फिलहाल उज्जनी बांध से किसी भी माध्यम — स्पिलवे, पावर हाउस, नहर या लिफ्ट सिंचाई योजनाओं — से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। भीमा नदी से 1,31,262 क्यूसेक पानी बांध की ओर आ रहा है।
पिछले साल की तुलना में इस साल उज्जनी बांध की स्थिति कैसी है?
पिछले वर्ष इसी तारीख को बांध का जलस्तर 496.390 मीटर और लाइव स्टोरेज 90.43% था। इस वर्ष लाइव स्टोरेज मात्र 26.25% है, जो दर्शाता है कि मानसून की प्रगति अभी पिछड़ी हुई है।
महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख बांधों की क्या स्थिति है?
कोयना बांध में जल भंडारण 35.71 टीएमसी (33.93%) पर है और वहाँ 93,000 क्यूसेक की दर से पानी आ रहा है। पालघर का कवडास बांध ओवरफ्लो हो रहा है जबकि धामनी बांध 53% भरा है। खड़कवासला बांध से मुथा नदी में 27,303 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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