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खड़कवासला बांध अलर्ट: मुथा नदी में 27,203 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, पुणे में हाई अलर्ट जारी

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खड़कवासला बांध अलर्ट: मुथा नदी में 27,203 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, पुणे में हाई अलर्ट जारी

सारांश

पुणे में खड़कवासला बांध से मुथा नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 27,203 क्यूसेक तक बढ़ाई जा रही है। भारी बारिश से महाराष्ट्र के कई जिले प्रभावित हैं — वसई-विरार में जलजमाव, मुंबई में ट्रेनें देर से, और रत्नागिरि में सड़क धंसने से गाँव का मुख्य मार्ग बंद।

मुख्य बातें

खड़कवासला बांध से मुथा नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 22,880 क्यूसेक से बढ़ाकर 27,203 क्यूसेक की जा रही है।
बुधवार सुबह 5:30 बजे से बढ़ी हुई निकासी प्रभावी; नदी किनारे के गाँवों के लिए हाई अलर्ट जारी।
उज्जनी बांध भारी बारिश के बाद 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर पहुँचा; पुणे और सोलापुर जिलों की जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
मुंबई में लोकल ट्रेनें लगभग 30 मिनट देरी से चल रही हैं; वसई-विरार में जलजमाव से यातायात बाधित।
रत्नागिरि के विसापुर पंगारी में सड़क साढ़े तीन से चार फीट धंसने से गाँव का मुख्य मार्ग बंद।

पुणे में खड़कवासला बांध का जलस्तर 8 जुलाई को तेज़ी से बढ़ने के बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांध के स्पिलवे से मुथा नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा 22,880 क्यूसेक से बढ़ाकर 27,203 क्यूसेक करने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव बुधवार सुबह 5:30 बजे से प्रभावी हुआ, जिससे नदी का जलस्तर और बहाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की आशंका है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मुथा नदी के किनारे बसे गाँवों के निवासियों को नदी से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है। पुणे मनपा कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड, शहर व ग्रामीण पुलिस कंट्रोल रूम और तहसील प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मानसून के इस चरण में बांध के कैचमेंट क्षेत्र में असामान्य रूप से भारी वर्षा दर्ज की जा रही है।

उज्जनी बांध की स्थिति

भारी बारिश के बाद इंदापुर स्थित पश्चिमी घाट में उज्जनी बांध — जो पुणे और सोलापुर जिलों के लिए पानी का एक प्रमुख स्रोत है — 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर पहुँच गया है। यह संकेत देता है कि इस मानसून सीज़न में जलाशयों में भराव की गति अपेक्षा से तेज़ रही है।

वसई-विरार और मुंबई पर असर

वसई-विरार में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। नालासोपारा-अचोले लिंक रोड और तुलिंज ब्रिज के नीचे पानी जमा होने से यातायात बाधित हो रहा है। मुंबई में भी सुबह से हो रही भारी बारिश के चलते लोकल ट्रेन सेवाएँ प्रभावित हुई हैं और ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लगभग 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। बांद्रा रेलवे स्टेशन सहित कई स्थानों पर यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

रत्नागिरि में सड़क धंसी

रत्नागिरि जिले के गुहागर तालुके के विसापुर पंगारी में भारी बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा लगभग साढ़े तीन से चार फीट तक धंस गया है, जिससे गाँव का मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ स्कूली छात्रों को भी आवागमन में गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार बांध से पानी की निकासी की मात्रा बारिश की स्थिति के अनुसार और बढ़ाई जा सकती है। नदी किनारे के निवासियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में नज़दीकी नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह हर मानसून में दोहराई जाने वाली उस प्रशासनिक कमज़ोरी को भी उजागर करता है जहाँ नदी किनारे की बस्तियाँ बार-बार जोखिम में पड़ती हैं। सवाल यह है कि 'हाई अलर्ट' जारी करने से आगे बढ़कर स्थायी पुनर्वास या बाढ़-रोधी बुनियादी ढाँचे पर कब काम होगा। मुंबई की लोकल ट्रेनों में 30 मिनट की देरी और रत्नागिरि में धंसी सड़क — ये अलग-अलग घटनाएँ नहीं, बल्कि एक ही ढाँचागत कमज़ोरी के अलग-अलग चेहरे हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खड़कवासला बांध से मुथा नदी में कितना पानी छोड़ा जाएगा?
प्रशासन ने बुधवार सुबह 5:30 बजे से मुथा नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 22,880 क्यूसेक से बढ़ाकर 27,203 क्यूसेक करने का निर्णय लिया है। यह वृद्धि कैचमेंट क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण बांध के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए की गई है।
पुणे में खड़कवासला बांध अलर्ट से किन इलाकों पर असर पड़ेगा?
मुथा नदी के किनारे बसे गाँवों और बस्तियों को सबसे अधिक खतरा है। प्रशासन ने इन इलाकों के निवासियों को नदी से दूर रहने की सलाह दी है और पुणे मनपा कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड तथा पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उज्जनी बांध की क्या स्थिति है?
भारी बारिश के बाद इंदापुर स्थित उज्जनी बांध 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर पहुँच गया है। यह बांध पुणे और सोलापुर जिलों के लिए पानी का एक प्रमुख स्रोत है।
मुंबई में बारिश से ट्रेन सेवाएँ कितनी प्रभावित हुई हैं?
मुंबई में भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लगभग 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। बांद्रा रेलवे स्टेशन सहित कई स्थानों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रत्नागिरि में क्या हुआ?
रत्नागिरि जिले के गुहागर तालुके के विसापुर पंगारी में भारी बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा साढ़े तीन से चार फीट तक धंस गया है। इससे गाँव का मुख्य मार्ग बंद हो गया है और स्थानीय निवासियों तथा स्कूली छात्रों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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