8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बद्रीनाथ धाम दान घोटाला: CM धामी बोले — गौहत्या जैसा पाप, SIT जांच जारी, PA निलंबित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बद्रीनाथ धाम दान घोटाला: CM धामी बोले — गौहत्या जैसा पाप, SIT जांच जारी, PA निलंबित

सारांश

बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की कथित हेराफेरी पर CM धामी ने गौहत्या जैसा पाप बताकर जीरो-टॉलरेंस का संदेश दिया। SIT सक्रिय, गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में समिति 15 दिन में रिपोर्ट देगी, और BKTC के PA प्रमोद नौटियाल निलंबित होकर FIR का सामना कर रहे हैं।

मुख्य बातें

CM पुष्कर सिंह धामी ने 8 जुलाई को हरिद्वार में बद्रीनाथ दान घोटाले पर जीरो-टॉलरेंस का ऐलान किया।
मामले को गौहत्या और माता-पिता की हत्या के समान गंभीर पाप बताया गया।
विशेष जाँच दल (SIT) मामले की गहन पड़ताल कर रहा है।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।
BKTC के PA प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया; FIR दर्ज।
राज्य में मानसून सक्रिय; अगले 10 दिनों तक कई जिलों में हाई अलर्ट जारी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 8 जुलाई 2026 को हरिद्वार में स्पष्ट किया कि श्री बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस कृत्य को गौहत्या और माता-पिता की हत्या के समान गंभीर पाप करार दिया और कहा कि यह आस्था के साथ सीधा विश्वासघात है।

मुख्यमंत्री की कड़ी चेतावनी

मुख्यमंत्री धामी हरिद्वार में मुरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि दान-चढ़ावे में गड़बड़ी अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार मंदिरों की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब धार्मिक स्थलों पर दान-प्रबंधन को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।

SIT जांच और उच्चस्तरीय समिति का गठन

मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) को सक्रिय किया गया है, जो सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल कर रहा है। इसके अतिरिक्त, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह समिति मंदिर में प्राप्त दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जाँच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट एवं संस्तुतियाँ शासन को सौंपेगी।

BKTC की कार्रवाई: PA निलंबित, FIR दर्ज

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कदम उठाते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रमुख धार्मिक स्थल के दान-प्रबंधन पर सवाल उठे हों। आलोचकों का कहना है कि मंदिर समितियों में स्वतंत्र ऑडिट और डिजिटल दान-ट्रैकिंग की व्यवस्था न होने के कारण ऐसी अनियमितताओं की आशंका बनी रहती है।

मानसून अलर्ट पर भी धामी का बयान

इसी दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में मानसून की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में मानसून सक्रिय हो चुका है और अगले दस दिनों तक कई जिलों में हाई अलर्ट जारी रहेगा। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं तथा आपदा प्रबंधन के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।

आगे क्या होगा

SIT की रिपोर्ट और उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियाँ आने के बाद राज्य सरकार अगली कार्रवाई तय करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का परिणाम उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों पर दान-प्रबंधन सुधारों की दिशा तय कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि SIT की रिपोर्ट कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता से सार्वजनिक होती है। बद्रीनाथ जैसे धाम में दान-प्रबंधन का डिजिटल ऑडिट न होना एक पुरानी संरचनात्मक खामी है, जिसे केवल एक निलंबन और FIR से नहीं पाटा जा सकता। यह मामला उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी सुधारों की माँग को बल देता है — सवाल है कि क्या सरकार इस दबाव को नीतिगत बदलाव में बदलेगी या यह महज एक प्रशासनिक कार्रवाई तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ धाम दान घोटाला क्या है?
श्री बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का यह मामला है, जिसमें BKTC के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात PA प्रमोद नौटियाल पर संदेह जताया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर FIR दर्ज की गई है और SIT जाँच जारी है।
CM धामी ने इस घोटाले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 8 जुलाई को हरिद्वार में कहा कि दान-चढ़ावे में गड़बड़ी गौहत्या और माता-पिता की हत्या के समान गंभीर पाप है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बद्रीनाथ दान घोटाले की जाँच कौन कर रहा है?
मामले की जाँच SIT द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और संस्तुतियाँ शासन को सौंपेगी।
BKTC ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके विरुद्ध FIR दर्ज कराई गई है।
जाँच रिपोर्ट कब तक आएगी और आगे क्या होगा?
उच्चस्तरीय समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट और SIT के निष्कर्षों के आधार पर राज्य सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले