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मायावती की माँग: राम मंदिर और बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में SIT जाँच, ट्रस्ट प्रमुखों पर भी हो कार्रवाई

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मायावती की माँग: राम मंदिर और बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में SIT जाँच, ट्रस्ट प्रमुखों पर भी हो कार्रवाई

सारांश

बसपा प्रमुख मायावती ने राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद में ट्रस्ट प्रबंधकों तक जाँच बढ़ाने और SIT को सक्रिय करने की माँग की। साथ ही विपक्षी दलों से पुख्ता सबूत माँगते हुए इसे चुनावी राजनीति बताने से भी नहीं चूकीं — यह उनकी 'तटस्थ आलोचना' की विशिष्ट शैली है।

मुख्य बातें

बसपा प्रमुख मायावती ने 7 जुलाई 2026 को अयोध्या के राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम के चढ़ावा विवाद में निष्पक्ष जाँच की माँग की।
मायावती ने कहा कि ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधकों की भी जाँच होनी चाहिए — केवल निचले स्तर तक सीमित न रहे।
SIT और सरकार से विशेष ध्यान देने की अपील की गई; विपक्षी दलों से पुख्ता सबूत माँगने की भी बात कही।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया।
अंतरिम महामंत्री के रूप में कृष्ण मोहन को नियुक्त किया गया; अगली बैठक 22 जुलाई को निर्धारित।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने 7 जुलाई 2026 को माँग की कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं गहन जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े इन मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

मायावती का एक्स पोस्ट: क्या कहा

मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यूपी के अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड में भी बद्रीनाथ धाम चढ़ावे में चोरी व गबन के मामले काफी सुर्खियों में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दोनों विख्यात धार्मिक स्थलों के ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की भी सही से जाँच होनी चाहिए।

उनका तर्क था कि यदि जाँच केवल निचले स्तर तक सीमित रही, तो भविष्य में नए प्रबंधक भी इसी प्रणाली का दुरुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आम चर्चा यह है कि निचले स्तर पर जो गड़बड़ी हुई, उसके पीछे या तो मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत है या उनकी लापरवाही।

SIT और सरकार से विशेष ध्यान देने की अपील

मायावती ने कहा कि इस प्रकरण की सही जाँच के लिए सरकार और SIT को विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी (SP), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के जो वरिष्ठ नेता चढ़ावे में भारी रकम की चोरी और गबन का आरोप लगा रहे हैं, उनसे भी पुख्ता सबूत माँगे जाने चाहिए।

उन्होंने आगाह किया कि यदि इन दलों के पास ठोस साक्ष्य नहीं हैं, तो इसे महज चुनावी राजनीति ही माना जाएगा। उनके अनुसार, आम चर्चा है कि ये पार्टियाँ जनहित के असली मुद्दों को दरकिनार कर इस विवाद की आड़ में चुनावी लाभ उठाना चाहती हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव

गौरतलब है कि इन आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक हुई, जिसमें ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इसकी पुष्टि की।

उन्होंने बताया कि नए महामंत्री की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति भी गठित की गई है।

आगे की प्रक्रिया

ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है, जिसमें नवगठित समिति की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तय होगी। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब धार्मिक ट्रस्टों की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक जाँच की परिधि और समयसीमा स्पष्ट नहीं होती, यह प्रशासनिक फेरबदल पारदर्शिता की गारंटी नहीं बन सकता।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद में क्या माँग की है?
मायावती ने दोनों धार्मिक स्थलों के ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों सहित सभी स्तरों पर निष्पक्ष जाँच और SIT की सक्रिय भूमिका की माँग की है। उनका कहना है कि केवल निचले स्तर तक जाँच सीमित रखने से भविष्य में भी दुरुपयोग की आशंका बनी रहेगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में क्या बदलाव हुए हैं?
ट्रस्ट की बैठक में महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। नए महामंत्री की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है और अगली बैठक 22 जुलाई को होगी।
मायावती ने विपक्षी दलों — SP, कांग्रेस, AAP — पर क्या आरोप लगाए?
मायावती ने कहा कि यदि इन दलों के नेताओं के पास चढ़ावे में गबन के पुख्ता सबूत नहीं हैं, तो उनका यह अभियान चुनावी राजनीति मात्र है। उन्होंने माँग की कि इन नेताओं से ठोस साक्ष्य लिए जाएँ ताकि कोई भी दोषी बच न सके।
बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद क्या है?
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित चोरी और गबन के आरोप सामने आए हैं, जो अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट विवाद के साथ-साथ राष्ट्रीय चर्चा में आए। दोनों मामलों में ट्रस्ट प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक कब होगी और उसमें क्या होगा?
ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को निर्धारित है। इसमें नवगठित समिति की सिफारिशों पर विचार होगा और नए प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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