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राम मंदिर चंदा विवाद: राजभर ने अखिलेश के 'बिरादर' पर उठाए सवाल, संजय सिंह ने स्वतंत्र जांच की माँग की

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राम मंदिर चंदा विवाद: राजभर ने अखिलेश के 'बिरादर' पर उठाए सवाल, संजय सिंह ने स्वतंत्र जांच की माँग की

सारांश

राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासत गरमाई — मंत्री राजभर ने सपा के 'टीनू यादव' का नाम लेकर अखिलेश पर हमला बोला, तो AAP सांसद संजय सिंह ने SIT जांच को अपर्याप्त बताते हुए स्वतंत्र एजेंसी से हजारों करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं की जांच की माँग की।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि SIT जांच में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कथित बिरादर टीनू यादव का नाम सबसे पहले सामने आया।
राजभर ने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
AAP सांसद संजय सिंह ने आरोपियों की पुलिस रिमांड न लेने पर सवाल उठाए और स्वतंत्र एजेंसी से जांच की माँग की।
संजय सिंह के अनुसार कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपए के चंदे और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की भी जांच होनी चाहिए।
ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद भी AAP ने जवाबदेही पर सवाल बरकरार रखे हैं।

राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन विवाद पर 28 जून 2025 को सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच की माँग करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए।

राजभर का अखिलेश पर हमला

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ट्रस्ट की माँग पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि SIT की जांच में सबसे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कथित बिरादर टीनू यादव का नाम सामने आया है। राजभर ने कहा, "अखिलेश यादव को यह भी बताना चाहिए कि उनके समुदाय से जुड़े व्यक्ति का नाम कथित रूप से जांच में सामने आया है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाली अधिकांश घटनाओं में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं। राजभर ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संजय सिंह की स्वतंत्र जांच की माँग

AAP सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाया कि कथित चंदा चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपियों की पुलिस रिमांड क्यों नहीं ली गई और उनसे विस्तृत पूछताछ क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि पूछताछ होती, तो कथित धन के प्रवाह और अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती थी।

सिंह ने यह भी कहा कि यदि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है, तो इससे पूरे मामले की जवाबदेही समाप्त नहीं होती। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले भी इस मामले को लेकर शिकायतें की गई थीं, परंतु उन पर ध्यान नहीं दिया गया।

वित्तीय अनियमितताओं की व्यापक जांच की माँग

AAP सांसद ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपए के चंदे और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की भी जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी के आरोप लग रहे हैं, तो इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

संजय सिंह ने माँग की कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराई जाए, ताकि कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने आ सके। उनका तर्क है कि यदि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित रही, तो पूरे मामले का सच सामने नहीं आ पाएगा।

आगे क्या होगा

फिलहाल SIT की जांच जारी है और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, और आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय करेगी कि इस विवाद में किसकी जवाबदेही तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों और वित्तीय प्रवाह की भी जांच होगी। जब तक जांच की स्वतंत्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, इस विवाद पर राजनीतिक बयानबाज़ी थमने वाली नहीं है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद क्या है?
यह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ा कथित चंदा गबन का मामला है, जिसमें दान की राशि और निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि SIT जांच में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कथित बिरादर टीनू यादव का नाम सबसे पहले सामने आया है। उन्होंने अखिलेश से इस पर सफाई देने की माँग की।
AAP सांसद संजय सिंह ने क्या माँग की है?
संजय सिंह ने माँग की है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा की जाए। उन्होंने आरोपियों की पुलिस रिमांड न लेने पर सवाल उठाए और कहा कि केवल कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे से पूरी जवाबदेही तय नहीं होती।
राम मंदिर विवाद में SIT की जांच का दायरा क्या है?
SIT की जांच ट्रस्ट की माँग पर गठित की गई है और फिलहाल जारी है। AAP ने माँग की है कि जांच का दायरा हजारों करोड़ रुपए के चंदे और निर्माण कार्यों में कथित कमीशनखोरी तक विस्तारित किया जाए।
क्या राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है?
हाँ, रिपोर्टों के अनुसार ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है। हालाँकि AAP सांसद संजय सिंह का कहना है कि इस्तीफों से पूरे मामले की जवाबदेही समाप्त नहीं होती और व्यापक जांच अभी भी आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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