25 जुलाई 2026
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राम मंदिर चंदे के आरोपों पर ओपी राजभर का पलटवार, अखिलेश यादव को बताया 'गुमराह करने वाला'

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राम मंदिर चंदे के आरोपों पर ओपी राजभर का पलटवार, अखिलेश यादव को बताया 'गुमराह करने वाला'

सारांश

यूपी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राम मंदिर चंदे पर अखिलेश यादव के आरोपों को 'झूठ और गुमराह करने वाला' बताया, सबूत माँगा। 'इंडिया' गठबंधन को 'दगे हुए कारतूस' कहा और यूपी में कांग्रेस के सिर्फ दो विधायक होने का हवाला दिया।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 8 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चंदे के आरोपों पर अखिलेश यादव को घेरा।
राजभर ने कहा — 'खाता न बही, जो अखिलेश यादव कहें वही सही'; धन चोरी का कोई सबूत नहीं है।
'इंडिया' गठबंधन को 'दगे हुए कारतूस' बताया; TMC , कांग्रेस और सपा की चुनावी हार का उल्लेख किया।
यूपी में कांग्रेस के मात्र दो विधायक — आराधना मिश्रा 'मोना' (रामपुर खास) और वीरेंद्र चौधरी (फरेंदा)।
वाराणसी में मीट दुकानों के स्थानांतरण और पश्चिम बंगाल में मदरसा सर्वे को सराहनीय बताया।
यूपी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के बारे में कहा — पिछली बार 62 हजार भर्तियाँ हुईं, इस बार भी सकुशल संपन्न होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 8 जून 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को राजभर ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के पास धन की कथित चोरी का कोई ठोस सबूत नहीं है।

राम मंदिर चंदे पर राजभर का पलटवार

राजभर ने कहा, 'क्या वे (अखिलेश यादव) कभी वहाँ गए हैं? उन्हें यह भी मालूम है कि राम मंदिर का दरवाजा किधर है? उनके पास रुपये की चोरी का कौन सा सबूत आ गया?' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अखिलेश यादव के बारे में हमको इतना पता है कि खाता न बही, जो अखिलेश यादव कहें वही सही।' राजभर ने यह भी जोड़ा कि सरकार और सुरक्षा तंत्र के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है — और इनकी असलियत सामने आ चुकी है। उनके अनुसार, 'ये सब झूठ बोलने और जनता को गुमराह करने वाले लोग हैं।'

'इंडिया' गठबंधन पर तंज

राजभर ने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बैठक में जुटने वाले सभी दल 'दगे हुए कारतूस' हैं। उन्होंने तर्क दिया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) बंगाल चुनाव हार चुकी है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) राजस्थान में पराजित हुई और सपा का भी यही हाल है। 'दगे हुए कारतूस से कभी फायरिंग नहीं की जा सकती — इनका गठबंधन बेहाल है,' उन्होंने कहा।

यूपी में कांग्रेस की स्थिति पर टिप्पणी

राजभर ने यूपी में विपक्षी दलों की ज़मीनी ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के पास मात्र दो विधायक हैं — आराधना मिश्रा 'मोना' प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास सीट से और वीरेंद्र चौधरी महाराजगंज की फरेंदा सीट से। उन्होंने सवाल किया कि यूपी में सपा के अलावा किस पार्टी का वास्तविक जनाधार बचा है।

अन्य मुद्दों पर राजभर का रुख

मोहम्मद ओवैसी के बहराइच दौरे पर राजभर ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी आने-जाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि देश के इतिहास को पढ़ना ज़रूरी है — विशेषकर आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा 585 रियासतों को मिलाकर अखंड भारत के निर्माण की गाथा को। वाराणसी नगर निगम की ओर से मीट की दुकानों को घनी आबादी से बाहर स्थानांतरित करने की योजना पर उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी पहल है। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सभी मदरसों के सर्वे कराने के निर्णय को भी राजभर ने सराहनीय बताया। यूपी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा पर उन्होंने कहा कि पिछली बार 62 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती सफलतापूर्वक संपन्न हुई और इस बार की परीक्षा भी सकुशल कराई जाएगी।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े चंदे और वित्तीय पारदर्शिता के सवाल विपक्षी दलों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। राजभर का यह बयान स्पष्ट करता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्ष के इन आरोपों को किसी भी ठोस आधार से रहित मानता है। आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह बयानबाजी और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन की उस रणनीति का हिस्सा है जो राम मंदिर को किसी भी विवाद से परे रखना चाहती है। गौरतलब है कि विपक्ष ने चंदे की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, लेकिन ठोस दस्तावेजी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए। दूसरी तरफ, राजभर का 'दगे हुए कारतूस' वाला रूपक चुनावी मौसम में विपक्ष की एकजुटता को कमज़ोर दिखाने की कोशिश है — जबकि यूपी में सपा अब भी प्रमुख विपक्षी ताकत बनी हुई है। असली सवाल यह है कि क्या राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय खातों की स्वतंत्र जाँच की माँग को केवल राजनीतिक हमले के रूप में खारिज किया जाना उचित है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने राम मंदिर चंदे के आरोपों पर क्या कहा?
राजभर ने अखिलेश यादव के आरोपों को झूठ बताते हुए पूछा कि उनके पास धन चोरी का कौन सा सबूत है। उन्होंने कहा कि सरकार और सुरक्षा तंत्र के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है और अखिलेश यादव जनता को गुमराह कर रहे हैं।
राजभर ने 'इंडिया' गठबंधन को 'दगे हुए कारतूस' क्यों कहा?
राजभर ने तर्क दिया कि TMC बंगाल चुनाव हार चुकी है, कांग्रेस राजस्थान में पराजित हुई और सपा का भी यही हाल है। उनके अनुसार इन हारे हुए दलों का गठबंधन निष्प्रभावी है।
यूपी में कांग्रेस की वर्तमान विधानसभा स्थिति क्या है?
राजभर के अनुसार यूपी में कांग्रेस के पास केवल दो विधायक हैं — आराधना मिश्रा 'मोना' (रामपुर खास, प्रतापगढ़) और वीरेंद्र चौधरी (फरेंदा, महाराजगंज)।
वाराणसी में मीट दुकानों के स्थानांतरण पर राजभर का क्या रुख है?
राजभर ने वाराणसी नगर निगम के इस फैसले को अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इलाकों से दुकानें शहर के बाहर ले जाना उचित कदम है।
यूपी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के बारे में राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने कहा कि पिछली बार 62 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बार की परीक्षा भी सरकार सकुशल कराएगी।
राष्ट्र प्रेस
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