23 जुलाई 2026
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राम मंदिर फंड विवाद: जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले — 'एक भी पैसे की चोरी नहीं', अखिलेश पर कसा तंज

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राम मंदिर फंड विवाद: जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले — 'एक भी पैसे की चोरी नहीं', अखिलेश पर कसा तंज

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं पर अखिलेश यादव के आरोपों के जवाब में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने साफ कहा — 'एक भी पैसे की चोरी नहीं।' वहीं आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विरोधाभासी रुख अपनाते हुए जाँच की माँग कर दी।

मुख्य बातें

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने 8 जून 2026 को राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को खारिज करते हुए कहा — 'एक भी पैसे की चोरी नहीं हुई।' अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जब उन्होंने रामलला को निहारा ही नहीं, तो आरोप ही लगाएंगे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश यादव , राहुल गांधी और कपिल सिब्बल को राम मंदिर विरोधी बताया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से राम मंदिर ट्रस्ट फंड की जाँच कराने का आग्रह किया।
वाराणसी में मीट दुकानें हटाने के प्रशासनिक निर्णय को जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उचित बताया।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने 8 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ट्रस्ट में 'एक भी पैसे की चोरी नहीं हुई है' और ट्रस्ट के सदस्य पूरी तरह ईमानदार हैं।

रामभद्राचार्य का अखिलेश पर तीखा प्रहार

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, 'अखिलेश यादव ने जब रामलला को निहारा ही नहीं, तो आरोप ही लगाएंगे। जब रूप निहारेंगे, तब आरोप लगाना बंद कर देंगे।' उनका यह बयान अखिलेश यादव की उस आलोचना के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के वित्त प्रबंधन पर सवाल उठाए थे।

वाराणसी और 'इंडिया' गठबंधन पर भी बोले जगद्गुरु

वाराणसी में मीट की दुकानों को हटाए जाने के प्रशासनिक निर्णय पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि वाराणसी प्रशासन ने एकदम सही कदम उठाया है। विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की बैठकों को लेकर उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सफल नहीं होगा और इसका भविष्य उज्ज्वल नहीं है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम की प्रतिक्रिया

धार्मिक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी अखिलेश यादव के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी की बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये वे लोग हैं जो राम मंदिर के रास्ते में बाधाएँ खड़ी करना चाहते थे। उन्होंने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और कपिल सिब्बल का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग राम मंदिर निर्माण के विरोधी रहे हैं।

जाँच की माँग — एक विरोधाभासी रुख

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इन्हीं लोगों ने कल्कि धाम के निर्माण में भी बाधा डाली। हालाँकि, उन्होंने एक उल्लेखनीय रुख अपनाते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से कोई सवाल उठाया जाता है, तो वह गंभीर विषय है और मामले की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि इस मामले में जाँच कराई जाए। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है।

आगे क्या

गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट के फंड को लेकर यह विवाद अयोध्या में मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही समय-समय पर उठता रहा है। आचार्य प्रमोद कृष्णम की जाँच की माँग से यह मामला अब राजनीतिक और धार्मिक दोनों मोर्चों पर केंद्र में आ गया है। यह देखना होगा कि सरकार इस माँग पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर उन्हीं के आरोपों को 'गंभीर' मानते हुए जाँच की माँग करते हैं। यह विरोधाभास बताता है कि राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर धार्मिक नेताओं के बीच भी एकराय नहीं है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य का 'एक भी पैसे की चोरी नहीं' वाला बयान भावनात्मक रूप से मजबूत है, लेकिन यह ऑडिट रिपोर्ट या वित्तीय विवरण का विकल्प नहीं हो सकता। जनता के करोड़ों रुपये के चंदे से बने ट्रस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित करना केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने राम मंदिर फंड पर क्या कहा?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में 'एक भी पैसे की चोरी नहीं हुई है' और ट्रस्ट के सदस्य ईमानदार हैं। यह बयान 8 जून 2026 को अखिलेश यादव के कथित अनियमितताओं वाले आरोपों के जवाब में आया।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट के फंड में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। उनके इन्हीं आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जाँच की माँग क्यों की?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का विषय है, इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सवाल गंभीर हैं। उन्होंने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की जाँच कराने का आग्रह किया।
'इंडिया' गठबंधन पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का क्या मत है?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन सफल नहीं होगा और इसका भविष्य अच्छा नहीं है। यह बयान गठबंधन की हालिया बैठक के संदर्भ में आया।
वाराणसी में मीट दुकानें हटाने पर जगद्गुरु की क्या राय है?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने वाराणसी प्रशासन के मीट दुकानें हटाने के फैसले को पूरी तरह उचित बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एकदम सही कदम उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
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