13 जुलाई 2026
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ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश पर हमला: 'झूठ बोलने का ठेका ले लिया है', ताजमहल विवाद पर भी बोले

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ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश पर हमला: 'झूठ बोलने का ठेका ले लिया है', ताजमहल विवाद पर भी बोले

सारांश

यूपी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में अखिलेश यादव को 'झूठ का ठेकेदार' बताया, ताजमहल वीडियो विवाद को जाँच का विषय कहा और 'MY' समीकरण टूटने का दावा किया — बयान जो 2027 विधानसभा चुनाव की आहट में जातीय राजनीति की नई लकीरें खींचता है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 28 मई 2026 को आजमगढ़ में अखिलेश यादव पर 'झूठ बोलने का ठेका लेने' का आरोप लगाया।
ताजमहल में कथित भजन-कीर्तन वायरल वीडियो पर राजभर ने कहा — हर धर्म का व्यक्ति अपनी आस्था से वहाँ जाता है; मामला जाँच का विषय है।
गायत्री प्रजापति की विधायक पत्नी के घर पर कथित सपा समर्थकों की मारपीट-तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया।
राजभर का दावा — 'MY' फैक्टर में यादव और मुस्लिम दोनों अब BJP की ओर झुक रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय परीक्षा विवाद पर कहा — धर्म के आधार पर परीक्षा नहीं टाली जा सकती।
सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़-कुर्बानी पर हाईकोर्ट और सीएम योगी के निर्देशों का समर्थन किया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 28 मई 2026 को आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया और कहा कि 'अखिलेश यादव ने झूठ बोलने का ठेका ले लिया है।' यह बयान ताजमहल में कथित भजन-कीर्तन के वायरल वीडियो, दिल्ली विश्वविद्यालय परीक्षा विवाद और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ व कुर्बानी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश जैसे कई मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रियाओं के बीच आया।

ताजमहल विवाद पर राजभर का रुख

ताजमहल में कथित भजन-कीर्तन के वायरल वीडियो पर राजभर ने कहा कि यह स्मारक सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है और हर व्यक्ति वहाँ अपनी आस्था के अनुसार आचरण करता है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हिंदू जाएगा तो अपनी भाषा में पूजा करेगा और मुसलमान जाएगा तो अपनी भाषा में इबादत करेगा।'

स्मारक की सुरक्षा-व्यवस्था पर उठे सवालों के जवाब में राजभर ने कहा कि प्रवेश के लिए टिकट अनिवार्य है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) परिसर की निगरानी करता है। उन्होंने जोड़ा कि यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो वह जाँच का विषय है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

अखिलेश यादव पर सीधा हमला

अखिलेश यादव के बयानों को 'झूठ' करार देते हुए राजभर ने सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गायत्री प्रजापति की पत्नी, जो विधायक हैं, के घर पर कथित तौर पर सपा समर्थकों ने मुँह बाँधकर मारपीट और तोड़फोड़ की। राजभर ने तर्क दिया कि इस घटना के बाद प्रजापति समुदाय सपा को वोट क्यों देगा।

राजभर ने यह भी दावा किया कि 'MY' (मुस्लिम-यादव) समीकरण में यादव वर्ग अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा थाम रहा है और मुस्लिम मतदाता भी भाजपा की ओर झुक रहे हैं — जो सपा के परंपरागत वोट आधार के लिए बड़ी चुनौती है।

दिल्ली विश्वविद्यालय परीक्षा विवाद पर प्रतिक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय में परीक्षा-तिथि विवाद पर राजभर ने कहा कि किसी भी धर्म या मज़हब के आधार पर परीक्षा स्थगित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि परीक्षाएँ अक्सर अवकाश के दिन कराई जाती हैं और जो छात्र पढ़ाई के प्रति गंभीर हैं, उन्हें परीक्षा देनी चाहिए। छात्राओं से हाथापाई के आरोपों पर उन्होंने कहा, 'अगर किसी ने ऐसा किया है तो यह गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए।'

सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़-कुर्बानी पर सीएम योगी के निर्देश

सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ और कुर्बानी न होने देने संबंधी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजभर ने उच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें सड़क पर यातायात बाधित न करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले से ही यातायात न रोकने का निर्देश देते आए हैं। राजभर ने यह भी जोड़ा कि न्यायालय के निर्देश पर मुकदमा दर्ज होने पर विपक्ष सरकार पर जानबूझकर केस दर्ज करने का आरोप लगाएगा।

आगे क्या

ताजमहल वायरल वीडियो मामले में ASI की जाँच जारी है। राजभर के बयान ने उत्तर प्रदेश में चुनावी बिसात पर जातीय और सांप्रदायिक समीकरणों की बहस को एक बार फिर तेज़ कर दिया है। सपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जो 'MY' समीकरण को तोड़ने पर केंद्रित है। राजभर जैसे ओबीसी नेताओं को आगे करके भाजपा सपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। ताजमहल वीडियो विवाद पर उनका 'जाँच होगी' वाला संतुलित बयान और दिल्ली विश्वविद्यालय परीक्षा पर धर्म-तटस्थ रुख — दोनों एक सोची-समझी मध्यमार्गी छवि गढ़ते हैं। हालाँकि, गायत्री प्रजापति प्रकरण में 'कथित' पहलू को बिना सत्यापन के उठाना विपक्ष को पलटवार का मौका दे सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाया?
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने 'झूठ बोलने का ठेका ले लिया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा समर्थकों ने गायत्री प्रजापति की विधायक पत्नी के घर पर मारपीट और तोड़फोड़ की।
ताजमहल भजन-कीर्तन वायरल वीडियो पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने कहा कि ताजमहल में सभी धर्मों के लोग जाते हैं और हर कोई अपनी आस्था के अनुसार आचरण करता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नियम उल्लंघन हुआ है तो वह जाँच का विषय है और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
राजभर ने 'MY' फैक्टर के बारे में क्या दावा किया?
राजभर ने दावा किया कि 'MY' (मुस्लिम-यादव) समीकरण में यादव वर्ग भाजपा का झंडा थाम रहा है और मुस्लिम मतदाता भी भाजपा की ओर झुक रहे हैं, जो सपा के लिए बड़ी चुनौती है।
दिल्ली विश्वविद्यालय परीक्षा विवाद पर राजभर का रुख क्या है?
राजभर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी धर्म या मज़हब के आधार पर परीक्षा स्थगित नहीं की जा सकती। उन्होंने छात्राओं से हाथापाई के आरोपों को गलत बताया और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए।
सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ और कुर्बानी पर राजभर की क्या राय है?
राजभर ने उच्च न्यायालय के उस आदेश का समर्थन किया जिसमें सड़क पर यातायात बाधित न करने की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही यातायात न रोकने का निर्देश देते आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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