राजभर का अखिलेश पर तीखा तंज: 'ट्विटर, एसी, पीसी' वाले भइया जी लंदन रवाना होने की तैयारी में
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ बयानबाजी का पारा चढ़ता जा रहा है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 31 मई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला और दावा किया कि अखिलेश को यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नज़र आ रही है, इसीलिए वह एक बार फिर लंदन दौरे की तैयारी में हैं।
एक्स पर क्या लिखा राजभर ने
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए सपा कार्यकर्ताओं और अखिलेश यादव दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, 'अरे ओ सपाई लोडरों! कभी लंदन गए हो? इसलिए पूछ रहा हूं कि तुम्हारे 'ट्विटर (एक्स), एसी और पीसी' वाले 'कव्वाल' भइया जी लंदन निकलने की तैयारी में हैं। मालूम नहीं, वहां उनका कौन सा मनपसंद 'सालाना उर्स' लगता है, जहां हाजिरी लगाने वह हर साल अंग्रेजों की राजधानी पहुंच जाते हैं।'
राजभर ने व्यंग्यात्मक लहजे में आगे जोड़ा कि लखनऊ में एसी कमरे में बैठकर एक्स और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते-करते मई का महीना बीत गया और अब जून की गर्मी 'बर्दाश्त के बाहर' है, इसलिए बैग पैक होने लगे हैं।
कार्यकर्ताओं पर भी तंज
सुभासपा प्रमुख ने सपा कार्यकर्ताओं को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने एक पुरानी कहावत — 'सब गदहा बैकुंठ चले जाएंगे तो बोझा कौन ढोएगा?' — का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल केवल राजनीतिक हित साधने के लिए करता है और उन्हें शिक्षा या प्रगति से दूर रखना चाहता है।
राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के पिता ने उन्हें विदेश में पढ़ाया और वह स्वयं अपने बच्चों को विदेश में पढ़ा रहे हैं, जबकि सपा कार्यकर्ताओं के लिए ऐसी कोई सोच नहीं है।
बंगाल का संदर्भ और राजनीतिक निशाना
राजभर ने अपनी पोस्ट में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे ही 'डर खत्म' होता है, जनता का रुख बदल जाता है — यह इशारा कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की ओर था। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को चेताया कि उनका भी यही हश्र हो सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सपा के बीच 2027 को लेकर जमीनी लड़ाई तेज़ हो रही है। राजभर, जो पहले सपा गठबंधन में रह चुके हैं और अब NDA के साथ हैं, लगातार अखिलेश यादव पर हमलावर रहते हैं।
सपा की प्रतिक्रिया
राजभर की इस पोस्ट पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। गौरतलब है कि इससे पहले भी राजभर कई बार अखिलेश यादव को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।
आगे क्या
2027 विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, उत्तर प्रदेश में इस तरह की राजनीतिक नोकझोंक और तेज़ होने की संभावना है। राजभर का यह हमला NDA की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें सपा को गैर-यादव ओबीसी और बहुजन मतदाताओं के बीच कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है।