31 जुलाई 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज: 'लंदन-पेरिस छोड़िए, काशी-अयोध्या देखिए'

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ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज: 'लंदन-पेरिस छोड़िए, काशी-अयोध्या देखिए'

सारांश

ओपी राजभर का अखिलेश पर यह हमला महज़ पर्यटन की बात नहीं — यह 2027 चुनाव से पहले सपा की 'जनता से जुड़ाव' की छवि पर सीधा प्रहार है। लंदन-रेडब्रिज वाला कटाक्ष राजनीतिक रूप से सबसे तीखा है और इसे लेकर सपा की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 13 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव के लंदन-पेरिस दौरे की आलोचना की।
राजभर ने कहा — काशी, अयोध्या, मथुरा जाते तो फूल-मिठाई विक्रेताओं, छोटे होटल संचालकों को रोज़गार मिलता।
लंदन के रेडब्रिज का उल्लेख कर अखिलेश पर 'कव्वाली ट्रेनिंग' का व्यंग्यात्मक कटाक्ष किया।
राजभर ने सपा समर्थकों पर भी निशाना साधा, कहा — तीर्थ स्थलों पर छोटे दुकानदारों के साथ लूटपाट होती है।
यह टिप्पणी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आई है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 13 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के विदेश दौरे पर तीखा प्रहार किया। राजभर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखकर कहा कि यदि घूमना ही था तो काशी, अयोध्या, मथुरा, नैमिषारण्य या मां विंध्यवासिनी धाम जाते — इससे उत्तर प्रदेश के पर्यटन को बल मिलता और स्थानीय छोटे व्यापारियों को रोज़गार भी।

मुख्य आरोप: विदेश प्रेम बनाम घरेलू पर्यटन

राजभर ने अपने एक्स पोस्ट में अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि काशी, अयोध्या और मथुरा जाने से फूल-मिठाई विक्रेताओं, छोटे होटल संचालकों, पुजारियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के घरों का चूल्हा जलता। उन्होंने कहा कि मीडिया कवरेज से प्रदेश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता। राजभर के अनुसार, अखिलेश यादव को अपने पासपोर्ट पर विदेशी मोहर लगवाने में गर्व महसूस होता है, जबकि भारत के पर्यटन स्थल उनके 'स्टैंडर्ड' से मेल नहीं खाते।

लंदन के रेडब्रिज पर कटाक्ष

राजभर ने अपनी पोस्ट में भोजपुरी मिश्रित हिंदी में लिखा — 'मगर का बताईं, तोहें त लंदने-पेरिस पसंद ह! नवाबी शौक पाल लेले हउवा।' उन्होंने लंदन के रेडब्रिज क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कटाक्ष किया कि वहाँ बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक रहते हैं और अखिलेश यादव कथित तौर पर 'उभरते हुए कव्वाल' हैं — इसलिए वे वहाँ 'कव्वाली की ट्रेनिंग' ले रहे होंगे। यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

नए भारत और नए उत्तर प्रदेश का संदर्भ

राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि हिमालय से हिन्द महासागर तक, काशी-अयोध्या-मथुरा से लेकर राजस्थान के किलों, मेघालय के बादलों और अरुणाचल की पहली किरण तक — भारत के पर्यटन स्थलों की सुविधाएँ अब अखिलेश के 'स्टैंडर्ड से भी ऊपर' हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का जमाना बीत चुका है और अब 'नया भारत, नया उत्तर प्रदेश' है।

समर्थकों पर भी निशाना

राजभर ने अपनी आलोचना केवल अखिलेश यादव तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने सपा नेता के 'लोडरों' (समर्थकों) पर भी हमला बोला और कहा कि ये लोग तीर्थ स्थलों पर फूल विक्रेताओं, मिठाई वालों, पुरोहितों और छोटे दुकानदारों के साथ लूटपाट करते हैं। राजभर ने अखिलेश से अपील की कि वे अपने समर्थकों को 'संस्कार का ज्ञान' दें।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर पहले सपा के साथ गठबंधन में थे, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत गठबंधन में शामिल हो गए और अब योगी सरकार में मंत्री हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। अखिलेश यादव के विदेश दौरे को लेकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं की ओर से यह पहली बड़ी सार्वजनिक प्रतिक्रिया है। आने वाले दिनों में सपा की ओर से इस पर जवाब आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह 2027 चुनाव से पहले सपा की 'गरीब-हितैषी' छवि को खंडित करने की सुनियोजित कोशिश है। लंदन के रेडब्रिज और 'पाकिस्तानी कव्वाली' वाला कटाक्ष राजनीतिक रूप से सबसे आक्रामक है और इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के नज़रिए से भी देखा जाएगा। राजभर, जो खुद पिछड़े वर्ग की राजनीति करते हैं, अखिलेश की 'नवाबी' छवि गढ़कर उनके पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आधार को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान की भड़काऊ भाषा पर ध्यान दे रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह रणनीति राजभर के अपने मतदाता आधार में काम करेगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या तंज कसा?
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव विदेश घूमने की बजाय काशी, अयोध्या, मथुरा या नैमिषारण्य जाते तो उत्तर प्रदेश के छोटे व्यापारियों और पर्यटन को फायदा होता। उन्होंने लंदन के रेडब्रिज का उल्लेख कर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।
राजभर ने यह बयान कहाँ दिया?
ओमप्रकाश राजभर ने यह बयान एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 13 जून 2026 को पोस्ट के ज़रिए दिया। पोस्ट में भोजपुरी मिश्रित हिंदी का भी इस्तेमाल किया गया।
राजभर ने सपा समर्थकों पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के समर्थक तीर्थ स्थलों पर फूल विक्रेताओं, मिठाई वालों, पुरोहितों और छोटे दुकानदारों के साथ लूटपाट करते हैं। उन्होंने अखिलेश से अपने समर्थकों को 'संस्कार का ज्ञान' देने की अपील की।
ओमप्रकाश राजभर कौन हैं और उनका अखिलेश से क्या रिश्ता है?
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। वे पहले सपा के साथ गठबंधन में थे, लेकिन बाद में BJP नीत गठबंधन में शामिल हो गए।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों अहम है?
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और सभी दल अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं। राजभर का यह हमला सपा की 'जनता से जुड़ाव' की छवि पर प्रहार करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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