राजभर का अखिलेश को जन्मदिन तंज: 'एसी-पीसी की राजनीति छोड़ें, गांव की पगडंडी नापें'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 1 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए तीखा राजनीतिक तंज कसा। राजभर ने अपनी बधाई को ही 'बेशकीमती उपहार' बताते हुए अखिलेश यादव को एयर-कंडीशंड कमरों की राजनीति छोड़कर गांव, गरीब, किसान और पिछड़े वर्गों के बीच जाने की सीधी नसीहत दी।
एक्स पर लिखा लंबा संदेश
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में लिखा, 'समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।' उन्होंने आगे लिखा कि अखिलेश बड़े घर के बेटे हैं, उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री रहे हैं, वे स्वयं भी पूर्व मुख्यमंत्री हैं और आलिशान बंगलों में जीवन बीता है — इसलिए उन्हें कोई भौतिक उपहार देने की बजाय एक 'बेशकीमती सलाह' देना ज़्यादा उचित है।
'एसी-पीसी की राजनीति' पर सीधा निशाना
राजभर ने अपने संदेश में कहा, 'आप अपनी आलसी और आरामतलबी वाली ज़िंदगी से जितना जल्दी हो सके बाहर निकलिए। एसी और पीसी वाली राजनीति का जितना जल्दी त्याग करेंगे, उतना आपके लिए अच्छा रहेगा।' उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे गैर-यादव पिछड़ों, गरीबों, दलितों और वंचितों के बीच जाएं, उनके सुख-दुख में शामिल हों और 'नए उत्तर प्रदेश' को समझने का प्रयास करें।
खेत और मेड़ पर चलने की चुनौती
राजभर ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा, 'बस खाली एसी में बैठकर खेत-किसान, मेड़-पगडंडी वाला वीडियो मत देखते रहिए, खेत में जाकर खुद किसानी समझिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि शुरुआत में मेड़ पर चलते हुए पैर मुचुक सकता है, कांटा धंस सकता है और धूप व पसीने से दो-चार होना पड़ सकता है — लेकिन निरंतर प्रयास से ही 'गांव की राजनीति से प्रदेश की राजनीति का असली रास्ता' समझ में आता है।
राजभर का खुद का उदाहरण
राजभर ने अपनी बात को और पुख्ता करते हुए कहा, 'जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, उसके लिए मेड़ पर गोड़ रगड़ना ही पड़ता है। हमसे सीख लीजिए, 48 डिग्री में भी गांव-गांव घूमते हूं।' उन्होंने अंत में एक बार फिर जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से अखिलेश यादव को 'सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा' देने की कामना की।
राजनीतिक संदर्भ
यह तंज ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज़ होने लगी हैं। सुभासपा फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है, जबकि समाजवादी पार्टी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। राजभर का यह बयान पिछड़े और वंचित वर्गों की राजनीति पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बयान पर सपा की प्रतिक्रिया राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रहेगी।