कनिमोझी ने याद किया करुणानिधि का संघर्ष: मुख्यमंत्रियों को तिरंगा फहराने का हक दिलाया
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सांसद कनिमोझी ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने पिता और तमिलनाडु के दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की उस ऐतिहासिक लड़ाई को याद किया, जिसके फलस्वरूप राज्यों के निर्वाचित मुख्यमंत्रियों को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार प्राप्त हुआ। कनिमोझी ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संघवाद की रक्षा में करुणानिधि के योगदान को रेखांकित किया।
करुणानिधि का ऐतिहासिक संघर्ष
कनिमोझी ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक राज्यों की राजधानियों में 15 अगस्त के समारोहों के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार केवल राज्यपालों तक सीमित था। 'कलैग्नार' के नाम से प्रसिद्ध करुणानिधि ने इस परंपरा को चुनौती दी और निर्वाचित मुख्यमंत्रियों के लिए यह अधिकार सुनिश्चित कराया। यह संघर्ष महज एक औपचारिकता की लड़ाई नहीं था — यह लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और राज्यों की स्वायत्तता की मान्यता की लड़ाई थी।
एक्स पर कनिमोझी का संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कनिमोझी ने लिखा कि अनगिनत बलिदानों और लंबे संघर्ष के बाद भारत को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता मिली, और यह आज़ादी देश के हर नागरिक की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "आइए, उन सभी लोगों के बलिदान का सम्मान करें, जिन्होंने मातृभूमि की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। आइए, संघवाद के उन मूल्यों को बनाए रखें, जो इस आज़ादी को पूर्ण बनाएंगे।"
तमिलनाडु में स्वतंत्रता दिवस समारोह
चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में तमिलगा वेत्री कझगम सरकार के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। राज्य में सत्ता संभालने के बाद यह उनका पहला स्वतंत्रता दिवस था। मुख्यमंत्री विजय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सचिवालय पहुंचे, जहाँ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने खुले वाहन से पुलिस परेड का निरीक्षण किया और इसके बाद फोर्ट सेंट जॉर्ज की प्राचीर से राष्ट्रगान के बीच तिरंगा फहराया।
मुख्यमंत्री विजय का संबोधन
अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में मुख्यमंत्री विजय ने देश के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पारदर्शी, ईमानदार और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने तथा तमिलनाडु के हितों और राज्य के अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विजय ने सामाजिक न्याय और समानता पर भी जोर दिया और जाति, धर्म, भाषा एवं नस्ल के आधार पर मौजूद बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता बताई। समारोह में मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी और निर्वाचित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
देशभर में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उत्साह और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। कनिमोझी का यह स्मरण ऐसे समय में आया है जब केंद्र-राज्य संबंधों पर राष्ट्रीय बहस जारी है, और संघवाद की माँग दक्षिणी राज्यों की राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।